Advantages of Sesame Oil For Cooking in Hindi

स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से स्वस्थ खाना पकाने के लिए प्राकृतिक तेलों का उपयोग करना जरूरी  है। यदि आपके पास भी यदि एक ऐसा तेल है जो न केवल स्वाद देता है बल्कि ढेरों स्वास्थ्य लाभ भी देता है।

तिल सूखे को सहन करने वाली एक फसल है। यह अलग अलग उद्देश्यों जैसे दवा, उपचार, सौंदर्य प्रसाधन और खाना पकाने के लिए प्रयोग की जाती है। आइए तिल के तेल के अद्भुत लाभों पर नज़र डालें …

तिल का तेल क्या है?

तिल का तेल तिल के बीज से निकाला जाता है। इसका उपयोग खाना पकाने के साथ-साथ एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। इसकी मजेदार खुशबू और स्वाद अन्य तेलों से अलग है और यह जरूरी विटामिन, खनिज और फैटी एसिड में भरपूर होता है।

तिल के तेल के पौष्टिक गुण

  • यह विटामिन सी, ई और के से भरपूर है
  • इसमें सारे जरूरी खनिज कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस आदि होते हैं
  • इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं
  • इसके जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं
  • इसमें ओमेगा-9, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे फैटी एसिड होते हैं
  • इसमें बुढापा रोकने के गुण होते हैं

पकाने के लिए तिल के तेल के लाभ-

रूमेटोइड गठिया का इलाज

तिल के बीज में जिंक और तांबा होता है जोकि लाल रक्त कोशिकाओं के बनने में मदद करते हैं। कॉपर गठिया के दर्द, जोड़ों की सूजन को कम करता है और हड्डियों को मजबूत करता है। तिल का तेल मेटाबोलिज्म और खून के दौरे को बढाता है। आप अपने खाना पकाने के तेल को तिल के तेल से बदल सकते हैं।

तनाव और सिरदर्द में आराम

तिल के तेल में मौजूद एमिनो एसिड पुराने तनाव से लड़ने में मदद करता है। तिल के तेल में पकाई गयी सब्जियां शरीर के लिए जरूरी विटामिन और खनिजों का सबसे अच्छा स्रोत हैं। आप इन्हें अपने सलाद में भी मिला सकते हैं।

स्वस्थ त्वचा

त्वचा के लिए भी तिल के तेल के कई फायदे हैं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं। त्वचा की कोशिकाओं में बेहतर खून के दौरे को बहाल करके त्वचा को दोबारा जीवित कर देता है। यह त्वचा की प्राकृतिक चमक को वापिस ले आता है| खाना पकाने में तिल का तेल मिलाकर आप इसे भी अपने जीवन का एक हिस्सा बनाने की कोशिश करें।

रक्तचाप नियंत्रित करे

तिल का तेल शरीर में खून के दौरे में सुधार करके रक्तचाप को नियंत्रित करता है। इसके अलावा यह खून में शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करता है। यदि आप इसे स्वाद के लिए उपयोग करते हैं तो हर रोज़ 1 बड़ा चम्मच तिल का तेल का उपयोग करें।

कैंसर को रोके

तिल का तेल शरीर में कैंसर की कोशिकाओं के विकास को रोकता है। यह आपकी धमनियों को भी खोल देता है। आप अपने खाना पकाने में तिल के तेल की कम मात्रा शुरू कर सकते हैं। एक बार जब आपका स्वाद विकसित हो जाए तो इसकी मात्रा सावधानी से बधा सकते हैं।

कितना तिल का तेल लेना चाहिए?

  • तिल के तेल का 1 बड़ा चम्मच (25 से 30 मि.ली.) हर रोज़
  • सलाद में तिल का तेल (5 से 8) प्रयोग करें।
  • रीफाइंड तेल के बजाय तिल का तेल (20 मि.ली.) भोजन में

सावधानी: अपनी खुराक की जांच करते रहें|

पकाने में तिल का तेल का उपयोग

  • नाश्ता करने के बाद 1 बड़ा चम्मच तिल का तेल लें
  • यदि आप सलाद ले रहे हैं तो तिल के तेल से अपने सलाद को सीजन करें
  • अपनी उबली हुई सब्जियों में तिल का तेल मिलाएं
  • मेयोनीज़ सैंडविच में तिल का तेल मिला सकते हैं

साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

तिल का तेल 100% सुरक्षित और प्राकृतिक है। इसे लेने से पहले आप अपने खून में शुगर के स्तर की जांच करना जरूरी है। यदि आपकी खून की शुगर का स्तर कम है तो तिल के तेल लेने से बचें।

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