तिल का तेल क्या है

तिल का तेल तिल के बीज से निकलता है। यह तेल भारत के दक्षिणी राज्यों का एक लोकप्रिय खाना पकाने का तेल है। इस तेल का स्वाद असाधारण और सुगंध मजेदार होता है। तिल का तेल ज्यादातर विकासशील देशों में ज्यादा पैदा किया जाता है खासतौर पर एशिया उपमहाद्वीप में|

पकाने के अलावा, तिल के तेल का उपयोग वैकल्पिक चिकित्सा उपचार (आल्टरनेटिव मेडिसिन ट्रीटमेंट) के साथ-साथ समकालीन दवाओं (कंटेम्पररी मेडिसिन) के रूप में में भी किया जाता है। इस पोषक तत्वों से भरपूर तेल में मुख्य रूप से लिनोलिक एसिड के साथ साथ फैटी एसिड भी पर्याप्त मात्रा में होता है।

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तिल के तेल के प्रकार

तिल के तेल के प्रकार उनके रंग के अनुसार अलग अलग होते हैं।

अपरिष्कृत तिल का तेल (अनरिफाइंड सेसमे आयल):

इस मजेदार स्वाद वाले तेल का रंग हल्का एम्बर होता है और यह एंटीऑक्सीडेंट और कई प्रकार के विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। इसका धूम्रपान बिंदु (स्मोकिंग पॉइंट) उच्च होता है जो इसे फ्राइ करने के लिए उपयुक्त बनाता है

परिष्कृत तिल का तेल (रिफाइंड सेसमे आयल):

यह स्वाद के साथ साथ रंग में भी हल्का होता है| इस तेल का धूम्रपान बिंदु अपरिष्कृत तेल की तुलना में ज्यादा उच्च होता है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि इसे स्टिर फ्राइंग विधि के इलावा डीप फ्राइंग के लिए भी उपयोग कर सकते हैं|

टोस्टेड तिल का तेल:

इसका रंग गहरा सुनहरा भूरा होता है और  इस तेल का धूम्रपान बिंदु सबसे कम होता है जो इसे खाना पकाने के लिए उपयोगी बनाता है। लेकिन इस तेल का स्वाद बहुत मजेदार होता है जो इसे ड्रेसिंग, डीप आदि के स्वाद के अनुकूल बनाता है

बालों के लिए तिल के तेल के लाभ:

बालों को असमय सफेद होने से बचाए: तिल के तेल में बालों के रंग को प्राकृतिक रूप से काला करने की ताकत होती है। नियमित रूप से तिल के तेल की मालिश करने से यह बालों के प्राकृतिक रंग को बचाकर बालों को सफेद होने से रोकता है|

बालों का विकास करे: तिल का तेल खोपड़ी में खून के दौरे को बढ़ाता है जिससे बालों के विकास को बढ़ावा मिलता है। यह तेल महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से बालों के रोमकूपों को भोजन देता है|

यूवी किरणों से रक्षा करे: तिल का तेल बालों के चारों तरफ एक सुरक्षा परत बना देता है जिससे यह हानिकारक यू.वी किरणों और प्रदूषण से बालों को बचाता है|

बालों से जुएँ हटाये: तिल का तेल जीवाणुरोधी होता है। शैम्पू करने से पहले तिल का तेल लगाने से बैक्टीरिया, फंगल संक्रमण और जूँ आदि से भी बचा जा सकता है|

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ठंडक देने वाला: तेज़ गर्मी बालों के रोमकूपों को नुकसान करती है। तिल का तेल लगाने से सिर पर ठंडा प्रभाव पड़ता है। यह खोपड़ी को पोषण देने और मॉइस्चराइज करने दोनों ही काम करता है जिससे आराम का अनुभव होता है|

डैंड्रफ: तिल का तेल डैंड्रफ़ से छुटकारा पाने में मदद करता है। नियमित रूप से रात में सिर में इस तेल की मालिश करने से डैंड्रफ़ कम होने के साथ साथ आगे बढने से भी रोकता है|

बालों के झड़ने से मुकाबला करे: तिल के तेल के गुण सिर के अंदर गहरे तक जाकर इसे भीतर से पोषण देने में सक्षम बनाते हैं| यह तनाव से होने वाले बुरे प्रभावों को भी खत्म कर सकते हैं| यह तेल ठंडक देने का काम करता है इसलिए तनाव की वजह से बालों के झड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

तिल के तेल की तरह जैस्मीन का तेल भी बालों के लिए बहुत अच्छा है। अपने बालों के लिए जैस्मीन के तेल के लाभों के बारे में भी जानें

त्वचा और चेहरे के लिए तिल के तेल के लाभ

एक्जिमा और सोरायसिस के लिए उपाय: तिल के तेल के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण डिटॉक्सिफाइंग प्रभाव डालते हैं जो त्वचा की सूजन को भी ठीक कर सकता है। यह तेल जीवाणु संक्रमण का मुकाबला करता है और प्रभावी रूप से एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा की स्थितियों का इलाज करता है|

मालिश के लिए: तिल का तेल आसानी से त्वचा में अवशोषित हो जाता है। त्वचा की मालिश के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य तेलों के साथ इसे मिलाकर उपयोग किया जा सकता है। यह कोशिकाओं की मरम्मत करता है और खून के दौरे में सुधार करता है। यह शरीर के ऊतकों को ठीक करके त्वचा की बनावट में सुधार करता है|

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करे: ‘सेसमोल’ एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो तिल के तेल में पाया जाता है| यह त्वचा पर दिखाई देने वाली झुर्रियों और छोटे छिद्रों को ठीक करता है। तिल का तेल त्वचा की कोशिकाओं के ऑक्सीकरण को रोककर उनका तेज़ी से कायाकल्प करता है|

मॉइस्चराइज़र: तिल के तेल की हाइड्रेटिंग क्षमता इसे एक उत्कृष्ट प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र बनाती है जो त्वचा को हाइड्रेट और नरम रखती है|

सनस्क्रीन: तिल का तेल एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन ई से भरपूर होता है जो त्वचा को हानिकारक सूर्य कीई किरणों से सुरक्षा देता है|

त्वचा स्वस्थ रखे: तिल के तेल में कई पोषक तत्व जैसे विटामिन ई, विटामिन डी, नियासिन और तांबा, मैंगनीज, मैग्नीशियम आदि कई खनिज होते हैं| यह जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। ये सभी पोषक तत्व त्वचा को पोषण देकर इसे नरम बनाते हैं|

तिल के तेल के स्वास्थ्य लाभ

दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है: तिल का तेल ‘सेसमोल’ और ‘सेस्मीन’ से भरपूर होता है। ये पॉली-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड हैं जो एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को ठीक रखते हैं और एक मजबूत कार्डियोवैस्कुलर प्रणाली को बनाए रखते हैं| यह ‘एथेरोस्क्लेरोसिस’ की घटनाओं को कम करके उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखते हैं| इसलिए दैनिक आहार में तिल का तेल उपयोग करने से दिल के दौरे और स्ट्रोक्स से बचा जा सकता है|

हड्डियों की गुणवत्ता बढाये: तिल का तेल कॉपर, जिंक और कैल्शियम से भरपूर होता है जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक मुख्य घटक है। इसलिए तिल का तेल हड्डियों के इलाज़ को तेज कर सकता है। इसके इलावा ओस्टियोपोरोसिस जैसी आयु संबंधी स्थितियों को भी दूर कर सकता है|

चिंता घटाए: तिल के तेल में मौजूद टायरोसिन मस्तिष्क में सेरोटोनिन के बनने का पूर्वगामी होता है। यह दिमाग में महसूस होने वाले अच्छे हार्मोन को तेज़ करता है जिससे खुशी की भावनाएं बढ़ जाती हैं| इसलिए अवसाद और चिंता का इलाज करने के लिए अपने आहार में तिल का तेल जरूर शामिल करें|

दांतों का स्वास्थ्य: तिल के तेल के एंटी-बैक्टीरियल गुण आयल पुलिंग के लिए एकदम सही हैं। इस विधि से दांतों के सफेद होने को बढ़ावा मिलता है| आप मुंह के स्वास्थ्य के सुधार के लिए पेपरमिंट का तेल भी उपयोग कर सकते हैं।

कैंसर से रोकथाम: तिल के तेल में पाए जाने वाले कार्बनिक यौगिक फाइटेट में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इस तेल में मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम कोलोरेक्टल कैंसर और कोलोन कैंसर को भी रोक सकते हैं|

खून का दौरा और मेटाबोलिज्म: खून के दौरे और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने के लिए तिल के तेल में कॉपर और जिंक उच्च मात्रा में होता है|

बालों पर तिल का तेल कैसे लगायें

रूखेपन का इलाज़

तिल के तेल में नींबू का रस और जड़ों का रस बराबर मात्रा में मिलाएं|

पूरे सिर में उंगलियों का उपयोग करके गोलाकार घुमाते हुए बालों पर भी लगायें|

रात भर बालों पर ऐसे ही लगा रहने दें और अगली सुबह धो लें|

त्वचा पर तिल का तेल कैसे लगायें

नाइट टाइम ब्यूटी रूटीन

नीचे की प्रक्रिया मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने और त्वचा को मॉइस्चराइज करने में सहायक होती है

  • सिरका, पानी और तिल के तेल की कुछ बूंदें मिलाएं|
  • इसको त्वचा पर लगायें|
  • कुछ समय बाद पानी से चेहरे को धो लें|

तिल के तेल की खुराक: कितना सुरक्षित है?

प्रतिदिन आप 15 एन.जी (नैनोग्राम) तिल के बीज ले सकते हैं|

तिल के तेल से होने वाले साइड इफेक्ट्स

  • आमाशय कैंसर
  • डाइवर्टीकुलीटिस, दर्दनाक कोलोन की स्थिति
  • पाचन-विकार, आँखों की सूजन, अस्थमा जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाएं
  • एनाफिलैक्सिस, चरम एलर्जी प्रतिक्रिया जो मृत्यु का कारण हो सकती है
  • अपेंडिक्स संक्रमण
  • अतिसार
  • गर्भपात
  • बाल झड़ना

कहॉ से खरीदें

तिल के तेल और उसके उत्पादों को खरीदते समय आप पैसे बचाने के लिए बिग बास्केट कूपन, ग्रोफेर्स कूपन और अमेज़ॅन इंडिया कूपन का उपयोग कर सकते हैं।

तिल का तेल बेचने वाले सर्वश्रेष्ठ ब्रांड

  • खादी
  • एलोवेदा
  • ओ.एन.जी.एस
  • कामा आयुर्वेद
  • पंसारी
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