कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis in Hindi): लक्षण, कारण, निदान और उपचार

Conjunctivitis in Hindi

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कंजक्टिवाइटिस कंजेंटिवा (वह झिल्ली जो पलकों और आंखों के सफेद हिस्से को ढंकती हैं) की सूजन है जो हल्के हाइपरेमिया से गंभीरता तक भिन्न-भिन्न होता है। इससे आंखों को गुलाबी या लाल रंग दिखाई देता है और यह दर्द, जलन, खरोंच या खुजली का कारण हो सकता है। आंख के सफेद हिस्से में सूजन भी हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस एक या दोनों आंखों को प्रभावित कर सकता है।

इसका सबसे आम कारण वायरल है और इसके बाद बैक्टीरिया है। वायरल और जीवाणु कंजक्टिवाइटिस दोनों ही लोगों में आसानी से फैलते हैं। इस संक्रमण का निदान लक्षणों पर आधारित होता है। लगभग 3 से 6 मिलियन लोग हर साल कंजक्टिवाइटिस के शिकार होते हैं। वयस्कों में वायरल वाला कंजक्टिवाइटिस सामान्य होता है जबकि बच्चों में जीवाणुओं का जन्म सामान्य होता है। आम तौर पर लोग एक या दो सप्ताह में ही बेहतर हो जाते हैं।

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कंजक्टिवाइटिस कैसे आपके शरीर को प्रभावित करता है?

कंजक्टिवाइटिस श्लेष्म झिल्ली (मयूकस मेम्ब्रेन) को प्रभावित करता है जो पलकों को ढंकती है और उन्हें रेखाबद्ध करती है| दोनों आंखों के सफेद भाग में सूजन, जलन और लाल होना| गर्दन और कान के चारों ओर लिम्फ नोड्स भी बढ़ सकते हैं। कभी-कभी नजर धुंधली हो जाती है और आंख का हिस्सा कॉर्निया या केराइटिस के रूप में जाना जाता है में जलन होती है। आंख रौशनी  के प्रति संवेदनशील हो जाती है और दर्द होता है।

कंजक्टिवाइटिस के क्या कारण हैं?

कंजक्टिवाइटिस के कारण निम्न हैं:

  • वाइरस
  • बैक्टीरिया
  • गंदगी, धुंए, क्लोरीनयुक्त पानी से जलन
  • एलर्जी
  • नवजात शिशुओं में बर्थ कैनाल के माध्यम से गुजरने वाली एसटीडी या बैक्टीरिया की उपस्थिति

कंजक्टिवाइटिस के खतरे के लिए क्या कारक हैं?

कंजक्टिवाइटिस के खतरे के लिए ज़िम्मेदार कारक निम्न हैं:

  • एलर्जी से एक्सपोजर (एलर्जिक कॉंजक्टिवेटाइटिस)
  • वायरल या जीवाणु रूप से संक्रमित किसी भी व्यक्ति से सीधा संपर्क
  • कांटेक्ट लेंस का उपयोग करना
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कंजक्टिवाइटिस के लक्षण क्या हैं?

जीवाणु कंजक्टिवाइटिस के लक्षण निम्न हैं:

  • गुलाबी या लाल, दर्दनाक, खुजली वाली आँखें
  • आँखों की पलकों पर पीला या हरा बहाव (विशेष रूप से सोने के बाद)
  • बहाव की वजह से संक्रमित आंखों को सुबह बंद किया जा सकता है
  • एक या दोनों आंखें प्रभावित हो सकती हैं

वायरल कंजक्टिवाइटिस के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • सूजन, गुलाबीपन, आंखों में पानी आना
  • आंखें रौशनी के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं
  • केवल एक आंख प्रभावित हो सकती है

एलर्जी कंजक्टिवाइटिस के लक्षण इस प्रकार हैं:

लाली, खुजली और ज्यादा पानी का बहाव (आमतौर पर दोनों आंखों में)

कंजक्टिवाइटिस का निदान कैसे किया जाता है?

ज्यादातर मामलों में, कंजक्टिवाइटिस का पता केवल लक्षणों और हाल के स्वास्थ्य इतिहास को जानकर ही किया जाता है, जिसके बाद डॉक्टर शारीरिक रूप से आंख की जांच करता है।

यह दुर्लभ है जब डॉक्टर कारण की जांच करने के लिए आंख से बहाव का नमूना लेता है। यह आमतौर पर तब किया जाता है जब डॉक्टर को ज्यादा खतरे वाले कारण दिखाई दें, जैसे आंख का गंभीर जीवाणु संक्रमण या यौन संक्रमित संक्रमण (एसटीडी) का संदेह हो|

कंजक्टिवाइटिस कैसे रोकें और नियंत्रित करें?

निम्न की रोकथाम करके कंजक्टिवाइटिस को रोकने में मदद मिल सकती है:

  • सफाई का ध्यान रखें
  • हाथों से आंखें ना छुएँ
  • अक्सर अपने हाथ धोएं
  • रोजाना साफ तौलिये का प्रयोग करें
  • तौलिया साझा न करें
  • अपने तकिये के कवर बदलें
  • खत्म हो चुके मस्कारा या आँखों के उत्पादों का उपयोग न करें
  • किसी के साथ भी आंख के सौंदर्य प्रसाधन या व्यक्तिगत आंखों की देखभाल की वस्तुएं साझा न करें

कंजक्टिवाइटिस का उपचार – एलोपैथिक उपचार

बिना किसी उपचार के इस को हल किया जा सकता है और आमतौर पर इसमें 2 से 5 दिन लगते हैं। इसमें उपयोग की जाने वाली दवाएं निम्न हैं –

एंटी-हिस्टामाइन्स – कभी-कभी वायरल कंजक्टिवाइटिस के लिए डिफेनहाइड्रामाइन का प्रयोग किया जाता है। यह एलर्जी कंजक्टिवाइटिस के लिए भी है।

एनएसएआईडी – ये आमतौर पर एलर्जी के कारण होने वाले लक्षणों को कम करने के लिए किए जाते हैं।

एंटीबायोटिक्स – टॉपिकल एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस के लिए हैं जब उनमे कोई सुधार ना देखा जाए| फ्लूरोक्विनोलोन, सोडियम सल्फासिटामाइड, या ट्राइमेथोप्रिम / पॉलीमेक्सिन का उपयोग संक्रमण के कारण बैक्टीरिया के आधार पर किया जा सकता है।

कंजक्टिवाइटिस का उपचार – होम्योपैथिक उपचार

एपिस मेलिफ़िका – इस दवा का उपयोग पलकों की पफड़ी या सूजन को ठीक करने के लिए किया जाता है।

बेल्लाडोना – यह रक्तपात की वजह से आंखों की लाली वाले रोगियों के लिए प्रयोग किया जाता है।

यूफ्रेसिया – यह तब प्रयोग की जाती है जब आँखों से ज्यादा पानी आने से आंख और आसपास की त्वचा जल जाती है।

हाईपर सल्फर – यह दवा सूजन, जलन और आंखों में दर्द या चोट लगने की वजह के लिए है|

मर्कुरिअस सोलुबिलिस –  यह उन मरीजों के लिए है जिनकी आँखें गर्मी और सर्दी दोनों के प्रति संवेदनशील होती हैं।

पलसेटिला – यह उन मरीजों के लिए है जिनकी आंखों से गाढा, पीला और खुजली वाला बहाव  होता है|

सल्फर – यह उन मरीजों के लिए सहायक है जिनकी आंखें में जलन और खुजली से लाली होती हैं, आंखें लाल और खून भरी दिखती हैं और आँसू गर्म महसूस करते हैं।

कंजक्टिवाइटिस जीवन शैली के टिप्स

  • ठन्डे या गर्म पानी से दर्द या जलन को कम करने में मदद मिलती है
  • कृत्रिम आँसू अक्सर जलन कम करने में मदद करते हैं
  • आंखों में लेंस का उपयोग रोकना बेहतर हो जाता है जो गुलाबी आँखों से लड़ने में मदद करता है

कंजक्टिवाइटिस वाले व्यक्ति के लिए क्या व्यायाम हैं?

कंजक्टिवाइटिस वाले लोगों के लिए किसी भी विशेष अभ्यास की सलाह नहीं दी जाती|

कंजक्टिवाइटिस और गर्भावस्था – जानने के लिए बातें

कंजक्टिवाइटिस समय के साथ अपने आप ही बेहतर हो जाता है और आमतौर पर चिंता का कारण नहीं है।

कंजक्टिवाइटिस से संबंधित सामान्य परेशानियां

कंजक्टिवाइटिस कॉर्निया में सूजन का कारण हो सकता है| यह बच्चों और वयस्कों दोनों की नजर  को प्रभावित कर सकता है।

सामान्य प्रश्न

पिंकऑय क्या है?

पिंकऑय, जिसे कंजक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, आंख के भीतरी भाग की सूजन है।

पिंकऑय किसे होती है?

पिंकऑय ज्यादातर बच्चों में होती है। लेकिन इससे कोई भी प्रभावित हो सकता है।

कंजक्टिवाइटिस के क्या लक्षण हैं?

इसके लक्षणों में लाल और पानी वाली आंखें हैं। आंख से पीला बहाव, पलकों में सूजन या नजर धुंधली होना देखा जा सकता है।

क्या कंजक्टिवाइटिस संक्रामक है?

हां, कंजक्टिवाइटिस सबसे ज्यादा संक्रामक है। एंटीबायोटिक्स लेने के 1 से 2 दिनों के बाद ही जीवाणु रूप संक्रामक नहीं रहता जबकि पिंकऑय का वायरल रूप तब तक संक्रामक रह सकता है जब तक लक्षण मौजूद होते हैं।

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