देहरादून में आने के लिए 19 आकर्षक स्थान (Best Places in Dehradun in Hindi)

dehradun-uttarakhand-best-places-in-hindi
dehradun-uttarakhand-best-places-in-hindi

देहरादून के बारे में

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, गढ़वाल क्षेत्र की शिवालिक पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ सुंदर पहाड़ी शहर है। इस शहर में एक प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण कॉलेज होने के कारण अधिक महत्व रखता है जो इस देश में कैडेटों के प्रशिक्षण के लिए एक प्रसिद्ध अकादमी है।

यह देहरादून मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश के साथ-साथ अन्य प्रसिद्ध हिमालय पर्यटक स्थलों की यात्रा करने के लिए एक केंद्र बिंदु के रूप में काम करता है।

क्यों जाएं: सौंदर्य दर्शन,  साहसिक खेल, आध्यात्मिक खोज, भारतीय सैन्य अकादमी

आदर्श: प्रकृति की खोज, साहसिक साधक,  प्रचीन मंदिरों और खंडहरों का दौरा करने

लाने के लिए चीजें: पुराने गढ़वाली आभूषण, विंड चाइमस, ऊनी कपड़े, उत्तम दर्जे का फर्नीचर, किताबें

देहरादून में जाने के लिए स्थान

19. कलिंगा वॉर मेमोरियल

कलिंगा युद्ध स्मारक अंग्रेजों ने गुरखा समुदाय का सम्मान करने के लिए सहस्त्रधारा रोड पर बनवाया था|

शहर से दूरी: 4 कि.मी

अपेक्षित समय: 30 मिनट

आदर्श: इतिहास प्रेमियों के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

18. सहस्त्रधारा

सहस्त्रधारा चूना पत्थर के स्टेलेक्टसाइट्स से बहने वाले सल्फर से भरपूर पानी के सोते हैं और यह चिकित्सीय और औषधीय जल के लिए प्रसिद्ध हैं। रॉबर गुफा के पास  इनका पानी ताज़ा और स्वाद में मीठा हो जाता है। यह सुंदर जगह बादली नदी के तट पर स्थित है और स्थानीय लोगों के वाटर पूल, गुफाओं, झरनों और सीढ़ीदार खेती का घर है।

समय: 8:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक

शहर से दूरी: 12 कि.मी

अपेक्षित समय: 2 से 3 घंटे

आदर्श: प्रकृति प्रेमियों के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: बरसात का मौसम

स्थान: मानचित्र पर देखें

17. माइंड्रोलिंग मोनेस्ट्री

माइंड्रोलिंग मठ तिब्बती नियामा स्कूल से संबंध रखने वाले छह मुख्य मठों में से एक है। 1676 में रिगज़िन टेरदक लिंगपा द्वारा स्थापित और 1965 में अन्य भिक्षुओं के साथ खोचेंन रिनपोचे द्वारा दोबारा स्थापित, यह मठ दुनिया में सबसे ऊंचे स्तूप के साथ-साथ बगीचों और बौद्ध कॉलेज के लिए भी प्रसिद्ध है। मठ में कई मंदिर हैं जोकि तिब्बत की विभिन्न कलाओं और भित्तिचित्रों को भी दर्शाते हैं। बुद्ध की राजसी मूर्ति इस जगह का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है।

समय: गर्मियों में: 8:00 बजे से 12:00 बजे तक, 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक

सर्दियों में: 9: 00 बजे से 12:00 बजे तक, 1:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक

शहर से दूरी: 7 कि.मी

अपेक्षित समय: 2 से 3 घंटे

आदर्श: धार्मिक लोग, बौद्ध संप्रदाय अनुयायी

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

16. तापकेश्वर मंदिर

यह देहरादून से लगभग 7 किमी दूरी पर भगवान शिव का मंदिर है। मंदिर में मौजूद शिवलिंग पर पानी छत से नीचे टपकता है| जो भक्तों को एक शानदार और मनोरम दृश्य प्रदान करता है। यह माना जाता है कि यह स्थान गुरु द्रोणाचार्य का निवास स्थान था इसलिए इसे द्रोण गुफा भी कहा जाता है। पास के झरनों के ठन्डे सल्फर युक्त पानी में भक्त स्नान करते हैं और आशीर्वाद के लिए मंदिर में जाते हैं।

समय: 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक

शहर से दूरी: 7 कि.मी

अपेक्षित समय: 1-2 घंटे

आदर्श: धार्मिक लोग | शिव भक्त

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

15. तपोवन मंदिर

यह वह पवित्र स्थान है जहाँ आंतरिक शांति की तलाश में आये हुए लोग आते है। यहाँ ध्यान और योग का अभ्यास किया जाता है। गंगा नदी के तट पर बनी हुई  यह जगह कई भारतीय अनुष्ठानों के लिए भी प्रसिद्ध है।

समय: 6:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक

शहर से दूरी: 5 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

आदर्श: धार्मिक लोग, आध्यात्मिक लोग

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

14. राम राय गुरुद्वारा

यह गुरुद्वारा सत्तरहवीं शताब्दी में सिखों के सातवें गुरु श्री हर राय जी के पुत्र ने बनवाया था। यह लोकप्रिय सिख तीर्थ केंद्र है जहां होली के पांचवें दिन से एक वार्षिक मेले का आयोजन  किया जाता है।

समय: 5:00 बजे से रात 9: 00 अपराह्न

अपेक्षित समय: 1 घंटा

आदर्श: सिख संप्रदाय के अनुयायी

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

13. लचीविल्ला

प्रकृति के बीच में घिरा हुई यह जगह सदाबहार हरी भरी रहती है। इस जगह पर बने हुए विभिन्न आरामदायक कॉटेज और होटलों में रहकर ही लचीविल्ला का आनंद लिया जा सकता है।

शहर से दूरी: 11 कि.मी

अपेक्षित समय: 2 से 3 घंटे

आदर्श: प्रकृति प्रेमियों के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

12. मॉल रोड

मसूरी का यह सबसे लोकप्रिय स्थान है जहाँ  मॉल, समकालीन दुकानें, स्केटिंग क्षेत्र आदि के साथ बेंच और लैंपपोस्ट औपनिवेशिक युग के माहौल की याद दिलाता है। इस क्षेत्र में कई स्थानीय विक्रेता भी है| स्थानीय पारंपरिक पोशाक में फोटो खींचना इस जगह पर एक मजेदार गतिविधि है।

शहर से दूरी: 17 कि.मी

अपेक्षित समय: 2 से 3 घंटे

आदर्श: हर किसी के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

 और पढो:ऋषिकेश|आगरा

11. हर की दून

समुद्र तल से 3,566 मीटर की ऊंचाई पर यह खूबसूरत पालना फार्म घाटी स्थित है जिसे “देवताओं की घाटी” भी कहा जाता है| यह घाटी घने देवदार के जंगलों और शानदार पर्वत शिखर से घिरी हुई है। ट्रैकिंग के लिए यह स्थान का स्वर्ग है जहाँ आप गढ़वाल की हिमालय बेल्ट के सबसे अनछुए क्षेत्रों का पता लगा सकते हैं।

शहर से दूरी: 86 कि.मी

अपेक्षित समय: 8 दिन

आदर्श: मित्र और परिवार के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

10. राजाजी राष्ट्रीय उद्यान

सी राजगोपालाचारी जी के नाम पर रख गये इस उद्यान की ख़ास बात यह है कि यह एक प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व है| यह पार्क देहरादून, पौरी गढ़वाल और हरिद्वार के तीन जिलों में फैला हुआ है। यह पार्क जीवाश्मों के लिए जाना जाता है जिनमें से कुछ तो 10 मिलियन वर्ष पुराने हैं। आप रास्ते में साल और शीशम के पेड़ भी देख सकते हैं। हालांकि यहाँ का  प्रमुख आकर्षण एक जीप द्वारा या हाथी पर चढ़कर 34 किमी लम्बी सफारी की सैर है। आप पार्क में बाघ, हाथी, चीतल, सांबर, काकर, राजा कोबरा और प्रवासी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देख सकते हैं।

समय: 6:00 बजे से 10:00 बजे तक और 2:00 बजे से 06:00 बजे तक (सफारी समय)

शहर से दूरी: 25 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 से 2 दिन

आदर्श: वन्यजीव प्रेमी

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: नवंबर से जून

स्थान: मानचित्र पर देखें

9. माल्सी डियर पार्क

यह उद्यान वनस्पतियों और जीवों से भरा हुआ विविधता दिखाता है। यह पार्क दो सींग वाले हिरण, नीलगाय, मोर और बाघ जैसे जानवरों का घर है। यह सुंदर स्थान फोटोग्राफी के लिए स्वर्ग और दर्शनीय स्थलों की यात्रा और छुट्टियों में आने के लिए एक आदर्श स्थान भी है। शिवालिक रेंज की तलहटी पर बना हुआ यह पार्क माल्सी वन रिजर्व का हिस्सा है।

समय: 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (सोमवार को बंद)

शहर से दूरी: 9 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

आदर्श: जैव विविधता प्रेमी, फोटोग्राफर

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

8. टाइगर व्यू जंगल कैंप

गूलर खल्ला हैमलेट में स्थित यह जगह जंगल में कैंपिंग करके रोमांचकारी जंगल सफारी में  दुर्लभ भारतीय बाघों को देख सकते हैं।

शहर से दूरी: 10 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 दिन

आदर्श: वन्यजीव प्रेमी

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

7. जोनल म्यूजियम

1971 में हरिद्वार रोड पर जोनल संग्रहालय स्थापित किया गया था। इसमें मानव जाति के विकास से संबंधित कलाकृतियां हैं जो प्राचीन सभ्यताओं की जीवनशैली दर्शाती है।

समय: 10 बजे से शाम 5 बजे (छुट्टियों, दूसरे शनिवार और रविवार को बंद)

शहर से दूरी: 4 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

आदर्श: पुरातत्व में रुचि रखने वाले

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

6. क्लॉक टॉवर

यह आजादी के समय की विरासत क्लॉक टावर या “घंटा घर” 1953 में पूरा हुआ था। इस छह चेहरे वाले 85 मीटर लम्बे टावर का उद्घाटन लाल बहादुर शास्त्री जी ने किया था जिसकी आधार-शिला 1948 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल सरोजिनी नायडू ने राखी थी|हालांकि इसमें अब घड़ी नहीं है लेकिन ऐसा सुना गया है  कि जब यह अच्छी तरह से काम करता था, तो शहर के दूसरे छोर तक इसकी आवाज सुनाई देती थी। राजपुर रोड पर स्थित, इस घड़ी के टॉवर में भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के नामों के शिलालेख एक सोने की प्लेट पर हैं|

शहर से दूरी: 1 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 घंटा

आदर्श: इतिहास प्रेमियों के लिए आदर्श

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरे साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

5. फन वैली

फन वैली एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण केंद्र  है जो गढ़वाल हिमालय के आधार में स्थित है। यह रोमांचकारी वाटर राइड्स और मल्टी-कुजीन रेस्तरां और छोटे छोटे भोजनालयों में खाने के अनेकों विकल्पों के साथ एक संपूर्ण मनोरंजन स्थल है। सप्ताह के अंत में घूमने के लिए यह आदर्श जगह है।

समय: 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक

शहर से दूरी: 11 कि.मी

अपेक्षित समय: 3 से 4 घंटे

आदर्श: दोस्तों और परिवार के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

4. चेटवुड हॉल

भारतीय सैन्य अकादमी के पास स्थित इस हॉल में भारतीय सशस्त्र बलों का वैभव दिखाई देता है| इसमें भारतीय सेना के समकालीन हथियार, गोला बारूद और भारतीय सशस्त्र बलों की  बहादुरी को दिखाते हुए विभिन्न कलाकृतियां हैं|

शहर से दूरी: 5 कि.मी

अपेक्षित समय: 1 से 2 बजे

आदर्श: हर किसी के लिए

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

3. आसन बैराज

आसन और यमुना नदी के मिलने से बनने वाला एक सुरम्य स्थान है आसन बैराज, जिसे धौलीपुर झील के रूप में भी जाना जाता है| यह क्षेत्र जैविक विविधताओं से भरा हुआ है और हर साल पक्षियों की हजारों प्रजातियों को आकर्षित करता है। पक्षी निरीक्षको के लिए यह जगह स्वर्ग है क्योंकि पूरी दुनिया में सबसे दुर्लभ पक्षी यहीं पाए जाते हैं|

शहर से दूरी: 37 कि.मी

अपेक्षित समय: 3 से 4 बजे

आदर्श: पक्षी देखने में रुचि रखने वाले लोग

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

2. वन अनुसंधान संस्थान

1906 में स्थापित किया गया यह यह संस्थान वन्य अनुसंधान के क्षेत्र से जुडा हुआ था। यह औपनिवेशिक युग की वास्तुकला से सज़ा हुआ विशाल परिसर ग्रीक-रोमन शैली से बना है| इस परिसर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के साथ-साथ अन्य छह भारतीय वन संग्रहालयों के अलावा वन्य अनुसंधान का हेड ऑफिस भी है|

इस संस्थान की वास्तुकला इतनी आकर्षक है कि यह कई बॉलीवुड फिल्मों को शूटिंग के लिए भी लोकप्रिय है।

समय: 9:00 बजे तक 5:30 बजे तक

शहर से दूरी: 4 कि.मी

अपेक्षित समय: 3 से 4 बजे

आदर्श: वन्य विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरा साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

1. रॉबर केव्स

चूना पत्थर से बने इस तंग घाट पर लोग कुछ रोमांचकारी क्षणों की तलाश में आते हैं| सहस्रधारा के नजदीक स्थित इस गुफा में नदी का पानी बहता है| स्थानीय लिंगो इसे ‘गुचु पानी’ के नाम से भी बुलाते हैं|  भगवान शिव की इस गुफा तक पहुंचने के लिए यात्रियों को लगभग एक किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। गुफा सुंदर कैस्केडिंग झरने के साथ-साथ ठंडे पानी के भूमिगत स्त्रोतों से भी भरी हुई है जो इस जगह को एक आदर्श पिकनिक स्थल बनाते हैं|

शहर से दूरी: 7 कि.मी

अपेक्षित समय: 2 से 3 घंटे

आदर्श: रोमांच और रोमांच की तलाश करने वाले लोग

यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय: पूरे साल

स्थान: मानचित्र पर देखें

ट्रेक

देहरादून का सुन्दर पहाड़ी परिदृश्य किसी भी ट्रेकर के लिए मानो स्वर्ग है जिसमे असंख्य पगडंडियाँ हैं जैसे कि

  • केदारकंठा ट्रेक
  • रूपिन पास ट्रेक
  • बाली पास ट्रेक
  • ज्वाला देवी
  • शिवालिक रेंज
  • भद्रराज मंदिर
  • जॉर्ज एवरेस्ट
  • डाक पत्थर
  • डून घाटी

निकटतम हवाई अड्डा:

जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (30 कि.मी दूर)

देखें: पेटीएम फ्लाइट ऑफ़र | क्लियरट्रिप उड़ान ऑफर

निकटतम रेलवे स्टेशन:

देहरादून रेलवे स्टेशन

निकटतम बस स्टॉप:

आप देहरादून के लिए बस सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं जो नियमित उपलब्ध हैं

अपनी बस बुक करने के लिए पैसे बचाने के लिए: अभीबस कूपन | माय बस टिकट्स कूपन | पेटीएम बस कूपन

देहरादून में कहाँ रहें

देहरादून के कुछ सबसे लोकप्रिय होटल हैं:

आई.डी.ए होटल, होटल प्रशांत देहरादून, लेमन ट्री होटल  देहरादून,  होटल सैफरन लीफ

देखें: गोआईबीबो होटल ऑफर, माय ट्रिप होटल, ओयो रूम्स ऑफर

यात्रा के लिए आसपास के स्थान

  • मसूरी (34 किमी)
  • ऋषिकेश (45 किमी)
  • कनतकल (76 किमी)
  • हरिद्वार (53 किमी)
  • धनाल्टी (36 किमी)

छिपे हुए रत्न

समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित चकराता देहरादून से 98 कि.मी की दूरी पर  स्थित है। यह जगह एक पूर्व ब्रिटिश भारतीय सेना छावनी का क्षेत्र है। रोडोडेंड्रॉन और ओक पेड़ों से भरा हुआ, चकराता पक्षी निरीक्षकों के लिए मानो स्वर्ग है।

चकराता के आस-पास जाने वाले अन्य क्षेत्रों में टाइगर फॉल्स, देओबन, चिलमिरी नेक, बुधेर गुफाएं और राम ताल बागवानी उद्यान हैं|

कैशकारो की सलाहसिफारिशें

यमुना नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी ‘टोन नदी’ में राफ्टिंग करें|

देहरादून में स्थानीय भोजनालयों से मुह में पानी लाने वाले मिर्च मामोस, मिल्क रस्क, बटर टोफी और वेज़ सैंडविच खाएं|

यात्रा करने के लिए मजेदार रास्ता

देहरादून दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों से सड़क द्वारा जुड़ा हुआ है। आप कार से यात्रा करके राजमार्ग पर भोजन का आनंद लेने के साथ साथ धुंधली और ताजा पहाड़ी हवा का भी आनंद ले सकते हैं।

यदि आप अपनी कार ना जाना चाहें  तो आप इसका उपयोग करके कार किराए पर ले सकते हैं: एविस प्रोमो कोड, ज़ूमकार प्रोमो कोड

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

eleven + ten =