डेंगू (Dengue in Hindi): लक्षण, कारण, निदान और उपचार

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Dengue in Hindi

डेंगू को ब्रेकबोन बुखार भी कहा जाता है| यह एक मच्छर से उत्पन्न बीमारी है जो दुनिया के ट्रॉपिकल और सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में होती है। दक्षिण पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत द्वीपों में डेंगू का बुखार सबसे आम है, लेकिन लैटिन अमेरिका और कैरीबिया में यह तेजी से बढ़ रहा है।

हल्के डेंगू बुखार में संक्रमण के 3 से 14 दिनों में टिया बुखार, दांत और मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द होता है। डेंगू का एक गंभीर रूप डेंगू हेमोरेजिक बुखार के रूप में यह जाना जाता है| गंभीर रक्तस्राव, रक्तचाप में अचानक गिरावट मृत्यु का कारण बन सकती है। आम तौर पर, इन्फेक्टेड लोगों में केवल बुखार जैसे लक्षण होते हैं।

इसके मुख्य लक्षणों में ओय्क्ति को अचानक-तेज बुखार, सिरदर्द (आमतौर पर आंखों के पीछे स्थित), मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और दांत में दर्द हो सकता है| इस बुखार के लिए टीके को भी मंजूरी दे दी गयी है लेकिन इसकी सबसे अच्छी रोकथाम घर में डेंगू बुखार के मच्छर को कम करना है।

पैरासिटामाल (एसिटअमाइनोफेन) लेने से खून बहने का सबसे बड़ा खतरा होने की वजह से दर्द में आराम पाने के लिए और बुखार में कमी के लिए NSAIDs लेने की सलाह दी जाती है| हर साल 50 से 528 मिलियन लोग इससे इन्फेक्टेड होते हैं और लगभग 10,000 से 20,000 लोग मर जाते हैं।

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डेंगू शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

डेंगू बुखार के वायरस के कारण शरीर में तेज़ बुखार और फ्लू जैसे लक्षण पैदा होते हैं| यह वायरस जब खून को और ज्यादा इन्फेक्टेड करता है तो माइग्रेन जैसा सिर-दर्द, चकत्ते, थकावट और बुखार का कारण बनता है। मसूड़ों से हल्का खून बहने लगता है और चोट लगने से आसानी से खून बहने का कारण बनता है। डेंगू बुखार से ठीक होने के बाद शरीर की प्रणाली में एंटीबॉडी रह जाती है जिससे दूसरी बार संक्रमित होने पर बीमारी की प्रतिक्रिया अधिक गंभीर होती है।

डेंगू के कारण क्या हैं?

डेंगू मच्छरों द्वारा फैले चार प्रकार के डेंगू वायरस के कारण होता है। जब मच्छर इन्फेक्टेड व्यक्ति को काटता है तो वायरस मच्छर में प्रवेश करता है। जब यह इन्फेक्टेड मच्छर किसी अन्य व्यक्ति को काटता है तो वायरस उस व्यक्ति के खून के बहाव में प्रवेश करता है।

डेंगू के खतरे के क्या कारक हैं?

सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में रहना या यात्रा करना – इस वायरस के संपर्क में आने से खतरा बढ़ा जाता है जो डेंगू बुखार का कारण बनता है।

डेंगू बुखार के वायरस से पहले इन्फेक्शन – रक्तस्रावी बुखार के खतरे में बढ़ोतरी होती है।

डेंगू के लक्षण क्या हैं?

फेबराइल में निम्न लक्षण हो सकते हैं:

  • 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा का बुखार
  • सामान्य दर्द
  • सिर-दर्द
  • मतली और उल्टी
  • त्वचा पर चकत्ते
  • छोटे लाल धब्बे जो टूटी हुई कोशिकाओं के कारण होता है|
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इसके महत्वपूर्ण चरणों में निम्न लक्षण होते हैं:

  • छाती और पेट की गुहा में तरल इकठ्ठा होना
  • महत्वपूर्ण अंगों में खून की आपूर्ति में कमी आना
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से कार्बनिक डिसफंक्शन और गंभीर रक्तस्राव
  • डेंगू शॉक सिंड्रोम और डेंगू हेमोरेज बुखार

डेंगू को कैसे पहचाना जाता है?

डेंगू की पहचान आमतौर पर रिपोर्ट में आये लक्षणों और शारीरिक परीक्षा के आधार पर होता है| यह जांच आमतौर पर मलेरिया, संक्रामी कामला, चिकनगुनिया, टाइफाइड बुखार, खसरा, इन्फ्लूएंजा, मेनिंगोकोक्सल बुखार और जीका बुखार जैसे लक्षणों को छोड़कर की जाती है|

मॉलिक्यूलर टेस्ट – पीसीआर परीक्षण इस वायरस की उपस्थिति का पता लगाता है| आमतौर पर इसकी पहचान के लिए यह सबसे विश्वसनीय साधन माना जाता है| लेकिन यह जांच व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है।

एंटीबॉडी टेस्ट – यह मुख्य रूप से वर्तमान संक्रमण को पहचानने में मदद के लिए प्रयोग किया जाता है। डेंगू बुखार के संक्रमण, आईजीजी और आईजीएम के जवाब में शरीर द्वारा पैदा किये गये एंटीबॉडी के दो अलग-अलग वर्ग पाए जाते हैं। एक प्रारंभिक खून के नमूने में पाया जाता है| यदि आईजीजी सकारात्मक है लेकिन आईजीएम कम या नकारात्मक है तो व्यक्ति को अतीत में कभी-कभी इन्फेक्शन होता था।

डेंगू को कैसे रोकें और नियंत्रित करें?

  • उन जगहों में जहाँ डेंगू बुखार का खतरा ज्यादा है वहां रहने वाले लोगों को इसका टीका लगवाने की सलाह दी जाती है| यह टीका बड़े बच्चों और वयस्कों के लिए है।
  • अच्छी तरह से जांच किये गये घर में रहें| ये डेंगू वायरस के मच्छर सुबह से शाम तक सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं लेकिन वे रात में भी काट सकते हैं।
  • बाहर जाने के दौरान सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
  • घर से बाहर जाने से पहले मच्छर प्रतिरोधी क्रीम या लोशन का प्रयोग करें।
  • मच्छर जो डेंगू वायरस लाते हैं, घरों में और आसपास रहते हैं, खड़े पानी में प्रजनन करते हैं।

डेंगू का उपचार – एलोपैथिक उपचार

डेंगू के लिए कोई विशेष उपचार और एंटी-वायरल दवाएं नहीं हैं| लेकिन यह सलाह दी जाती है कि बहुत सारा आराम करें और तरल पदार्थ लें। गंभीर मामलों में, इंट्रावेंस (चतुर्थ) द्रव और इलेक्ट्रोलाइट दिया जाता है। रक्तचाप की निगरानी की जाती है और खून की हानि होने पर खून बदला जाता है|

इसके लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं दर्द निवारक होती हैं। पैरासिटामोल के बजाय दर्द और बुखार के इलाज के लिए NSAIDs लेने की सिफारिश की जाती है।

डेंगू का उपचार – होम्योपैथिक उपचार

डेंगू बुखार के लिए 20 से अधिक होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध हैं। यह सबसे अच्छी होती हैं और सलाह दी जाती है कि यह जानने के बाद कि आपके लक्षणों के अनुसार ही आपको राहत देने में मदद करेंगी|

डेंगू – जीवन शैली के टिप्स

  • मच्छरों से बचाव की क्रीम और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • कीटनाशकों का प्रयोग करें और अपने घर के चारों ओर खड़े पानी को हटा दें|
  • स्वस्थ और पौष्टिक भोजन खाएं|
  • बहुत सारा तरल पदार्थ और पानी पीएं।
  • आराम करें और श्वास का अभ्यास करें।

डेंगू वाले व्यक्ति के लिए क्या व्यायाम हैं?

श्वास का अभ्यास करने की डेंगू रोगियों को सलाह दी जाती है।

डेंगू और गर्भावस्था – जानने योग्य बातें

  • वयस्कता में डेंगू बुखार की बढ़ती घटनाएं गर्भवती महिला को खतरे में डाल देती हैं।
  • लेकिन यह भ्रूण की विकृति के खतरे में बढ़ोतरी नहीं करता|
  • डेंगू बच्चे को प्रभावित कर सकता है और कम वजन और समय से पहले जन्म का खतरा भी होता है।
  • गर्भावस्था में डेंगू का प्रबंधन दूसरों में डेंगू प्रबंधन के समान ही है और इसे रोका जा सकता है।

डेंगू से संबंधित सामान्य परेशानियाँ

यदि डेंगू गंभीर है तो यह फेफड़ों, लिवर या दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। रक्तचाप खतरनाक हद तक गिर सकता है जिससे सदमा और कुछ मामलों में मृत्यु भी हो सकती है।

सामान्य प्रश्न

क्या किसी अन्य व्यक्ति से डेंगू बुखार हो सकता है?

नहीं, डेंगू संक्रामक नहीं है।

क्या डेंगू बुखार घर पर इलाज किया जा सकता है?

हां, आराम करना, बहुत सारा तरल पदार्थ पीना और पौष्टिक आहार को बनाए रखना डेंगू के हल्के मामले का इलाज कर सकता है।

क्या लोग डेंगू बुखार से मर सकते हैं?

यदि डेंगू का ठीक से इलाज ना किया जाए तो मृत्यु हो सकती है| ठीक से इलाज किए जाने पर भी डेंगू के गंभीर मामलों को ठीक किया जा सकता है।

क्या डेंगू बुखार को रोकने के लिए कोई टीका है?

अभी तक तो इसका कोई टीका नहीं है।

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