डिप्रेशन (Depression in Hindi): लक्षण, कारण, निदान और उपचार

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Depression in Hindi

डिप्रेशन या डिप्रेशन मूड बदलने वाला एक विकार है, जिसे एक प्रमुख डिप्रेसिव डिसआर्डर या क्लिनिकल डिप्रेशन भी कहा जाता है, जिसकी वजह से लगातार उदासी और दिलचस्पी खोने की भावना पैदा होती है। इस विकार वाला व्यक्ति जिस तरह से महसूस करता है, सोचता है और व्यवहार करता है वह विभिन्न भावनात्मक और शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

डिप्रेशन अन्य लक्षणों के साथ उदासी का ही एक रूप है, जोकि कम से कम दो सप्ताह तक रहते हैं और रोजाना गतिविधियों में रूकावट डालने के लिए पर्याप्त होते हैं| यह जानना और भी महत्वपूर्ण है कि डिप्रेशन किसी कमजोरी या नकारात्मकता (नेगटिविटी) का संकेत नहीं है यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और इलाज योग्य चिकित्सा स्थिति है।

आत्महत्या करने वाले लगभग 2% से 8% प्रतिशत वयस्क आत्महत्या से मर जाते हैं और आत्महत्या से मरने वाले लगभग 50% लोगों में डिप्रेशन या अन्य कोई मूड के विकार का इतिहास होता है।

यह डिप्रेसिव डिसआर्डर आनुवंशिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक कारकों का मेल होता है जिसमें खतरे के कारक, पारिवारिक इतिहास की स्थिति, जीवन परिवर्तन, कुछ दवाएं, पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं और अन्य पदार्थों के दुरुपयोग होते हैं। इसका निदान किसी व्यक्ति की रिपोर्ट के अनुभवों और मानसिक स्थिति की परीक्षा पर आधारित होता है। इसका निदान करने के लिए कोई प्रयोगशाला परीक्षण नहीं होता|

लोगों को सलाह के साथ एंटीड्रिप्रेसेंट दवा देकर इलाज किया जाता है। 2015 में डिप्रेशन ने लगभग 216 मिलियन लोगों को प्रभावित किया था। महिलाओं को पुरुषों से दोगुनी बार ज्यादा प्रभावित करता है जैसे यौवन, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) के दौरान हार्मोन के बदलने  के कारण।

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डिप्रेशन आपके शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

डिप्रेशन शरीर को उसी तरह से प्रभावित करता है जैसे पुराना तनाव करता है। यह नींद के पैटर्न, भूख, शरीर के वजन और यौन इच्छा या काम करने में कमी के बदलाव से जुड़ा हुआ है। यह दर्द की संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है और दिल की बीमारी से भी जुड़ा हुआ है। शरीर पर इसके  प्रभाव एक साथ होते हैं। यह सोचना शायद सबसे अच्छा है कि शरीर पर डिप्रेशन और उसके संबंधित प्रभावों के बीच की कड़ी पहिये जैसी है|

डिप्रेशन के क्या कारण हैं?

  • बायोलॉजिकल डिफरेन्सेन्स – डिप्रेशन वाले लोगों के दिमाग में बदलाव होने लगते हैं, लेकिन इन बदलावों का महत्व अभी भी अनिश्चित है।
  • मस्तिष्क के रसायन – न्यूरोट्रांसमीटर डिप्रेशन में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
  • हार्मोन – हार्मोनल परिवर्तन डिप्रेशन पैदा करने में शामिल हो सकते हैं।
  • विरासत के लक्षण – उन लोगों में डिप्रेशन ज्यादा आम है जिनके परिवार में इसका इतिहास होता है।

डिप्रेशन के खतरे के लिए क्या कारक हैं?

  • व्यक्तित्व लक्षण – आत्म-सम्मान में कमी और दूसरों पर ज्यादा निर्भर रहना, अपनी आलोचना या निराशावादी होना आदि जीवन में डिप्रेशन का कारण बन सकता है।
  • दर्दनाक या तनावपूर्ण घटनाएं – शारीरिक या यौन शोषण, किसी प्रियजन की मौत, एक मुश्किल रिश्ता या पैसे की समस्याएं डिप्रेशन का कारण हो सकती हैं।
  • पारिवारिक इतिहास – डिप्रेशन, द्वि-ध्रुवीय विकार, शराब या आत्महत्या के इतिहास वाले परिवारों या रिश्तेदारों में डिप्रेशन की संभावनैन बढ़ा सकती हैं।
  • चिकित्सा का इतिहास – अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकारों का इतिहास होना जैसे चिंता के विकार, खाने का विकार या आघात संबंधी तनाव के विकार से भी डिप्रेशन हो सकता है।
  • अल्कोहल या मनोरंजक दवाओं का दुरुपयोग – शराब का दुरुपयोग डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
  • गंभीर या पुरानी बीमारी – कुछ लोग अक्सर उदास महसूस करते हैं यदि उनको कैंसर, स्ट्रोक, पुराना दर्द या हृदय रोग जैसी बीमारियां हैं।
  • कुछ दवाएं – कुछ दवाएं जैसे कि उच्च रक्तचाप की दवाएं या नींद की गोलियां डिप्रेशन का कारण बन सकती हैं।

डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं?

एक उदास व्यक्ति अक्सर निम्न महसूस करता है:

  • उदासी, खालीपन या निराशा की भावना
  • गुस्से से भडक जाना और निराशा (यहां तक ​​कि छोटे मामलों पर भी)
  • सामान्य गतिविधियों में रुचि खत्म होना जैसे शौक या खेल
  • नींद में गड़बड़ी (ज्यादातर अनिद्रा या ज्यादा नींद)
  • यहां तक ​​कि छोटे कामों में ही थकान और ऊर्जा की कमी होना
  • भोजन और वजन बढ़ाने के लिए भूख कम होना और वजन घटाने या बढ़ती हुई गंभीरताएं
  • बेकार या खुद को दोषी महसूस करना और पिछली विफलताओं के लिए खुद को दोष देना
  • ध्यान केंद्रित करने, निर्णय लेने और चीजों को याद रखने में परेशानी
  • बार-बार खुद को मारने का विचार या आत्महत्या की कोशिश
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बच्चों और किशोरों में डिप्रेशन के लक्षण निम्न होते हैं:

  • उदासी और चिड़चिड़ाहट
  • स्कूल जाने से मना करना
  • वजन कम होना
  • नेगटिविटी, बेकारी, गुस्सा, बेहद संवेदनशील होना, शराब और नशीली दवाओं का उपयोग, अपने को नुकसान पहुंचाना, रुचि का नुकसान और सामाजिक बातचीत से परहेज करना

डिप्रेशन का निदान कैसे किया जाता है?

शारीरिक परीक्षा – शारीरिक परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य और अन्य दैनिक गतिविधियों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।

लैब परीक्षण – रक्त की गिनती की जांच के लिए खून की जांच करायी जाती है या शरीर के उचित रूप से काम करने के लिए थायराइड की जांच भी करायी जा सकती है।

मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन – अक्सर लक्षण, विचार, भावनाएं और व्यवहार पैटर्न देखे जाते हैं|

डिप्रेशन का उपचार – एलोपैथिक उपचार

  • सेरोटोनिन रीपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) – एसएसआरआई को सुरक्षित माना जाता है और आमतौर पर अन्य प्रकार के एंटीड्रिप्रेसेंट्स की तुलना में इसका बुरा प्रभाव कम होता है। इनमें सीटलोप्राम (सीटलोप्राम), एस्किटोप्राम (लेक्साप्रो), फ्लूक्साइटाइन (प्रोजाक), पेरॉक्सेटिन (पैक्सिल, पेक्सीवा), सर्ट्रालीन (ज़ोलॉफ्ट) और विलाज़ोडोन (वीब्रिड) आदि मुख्य हैं।
  • सेरोटोनिन-नोरेपीनेफ्राइन रीपटेक इनहिबिटर (एसएनआरआई) – इनमें डुलॉक्सेटिन (साइम्बाल्टा), वेनलाफैक्सिन (इफेफेक्सर एक्सआर), डेस्वेनलफैक्सिन (प्रिस्टिक, खेडेज़ला) और लेवोमिल्नासिप्रान (फेत्ज़िमा) आदि मुख्य हैं।
  • एटिप्लिक एंटीड्रिप्रेसेंट्स – इन दवाओं में बूप्रोपियन (वेलबूट्रीन एक्सएल, वेलबूट्रीन एसआर, एप्लेन्ज़िन, फोर्फिवो एक्सएल), मिर्टाज़ापिन (रेमरॉन), नेफज़ोडोन, ट्रेज़ोडोन और व्होर्टियोक्साइटीन (ट्रिंटेलिक्स) प्रमुख हैं।
  • ट्राइकक्लिक एंटीड्रिप्रेसेंट्स – ये दवाएं बहुत प्रभावी हो सकती हैं, लेकिन नए एंटीड्रिप्रेसेंट्स की तुलना में ज्यादा बुरे प्रभाव डालती हैं। ट्राइकक्लेक्स में इमिप्रैमीन (टोफ्रेनिल), नॉर्ट्रिटाइटल (पामेलर), एमिट्रिप्टाइन, डॉक्सपिन, ट्रिमिप्रैमीन (सोरमोंटिल), डेसिप्रैमीन (नॉरप्रैमिन) और प्रोट्रिटलाइन (विवाक्टिल) शामिल हैं।
  • मोनोमाइन ऑक्सीडेस इनहिबिटर (एमएओआई) – ट्रैनलिसीप्रोमाइन (पार्नेट), फेनेलज़िन (नारिलिल) और आइसोकार्बोराज़िड (मार्प्लान) दिया जा सकता है जब अन्य दवाओं से काम नहीं चलता क्योंकि उनके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कुछ चीज़ें अचार, वाइन, कुछ दवाएं और हर्बल सप्लीमेंट जैसी चीज़ों के साथ खतरनाक प्रभाव होने के कारण सख्त आहार की जरूरत होती है।

डिप्रेशन का उपचार – होम्योपैथिक उपचार

  • ऑरम मैटेलिकम – यह दवा उन लोगों के लिए है जिन्हें अपने लक्ष्यों को पाने के लिए अक्सर असहाय होते हैं और काम करना बहुत कठिन होता है।
  • कैल्केरिया कार्बनिका – यह बहुत ज्यादा डिप्रेशन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • स्टैनम मेटालिकम – स्टैनम मेटलिकम उन लोगों के लिए है जो उदास, चिंतित और अक्सर निराशा महसूस करते हैं। ये लोग पूरे दिन कम उत्साहित रहते हैं, अक्सर निराश हो जाते हैं और रोना चाहते हैं भले ही अपना रोना उन्हें खराब लगता हो|
  • मर्कूरिआस सोलूबिलिस हह्नेमन्नी – यह मूड बदलने वाले लोगों में, दुख, उदासी और अक्सर चिड़चिड़ाहट महसूस करता है।

डिप्रेशन – जीवन शैली के टिप्स

  • आप इलाज़ की योजना बनाकर लगे रहे और मनोचिकित्सा सत्र में भाग लें|
  • चेतावनी संकेतों पर ध्यान दें, किसी के भी बदले हुए व्यवहार को उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए|
  • अल्कोहल और दवाओं से बचें|
  • स्वस्थ भोजन खाएं और नियमित रूप से व्यायाम करें|

डिप्रेशन वाले व्यक्ति के लिए कौन सा व्यायाम उचित है?

डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति के लिए निम्न एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है:

  • एक्यूपंक्चर
  • योग-क्रिया या ताई-ची जैसी आराम वाली तकनीकें
  • ध्यान
  • मालिश की चिकित्सा
  • संगीत या कला चिकित्सा
  • आध्यात्मिकता
  • एरोबिकस

डिप्रेशन और गर्भावस्था – जानना योग्य बातें

  • गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव दिमाग में रसायनों को प्रभावित कर सकता है, जो सीधे डिप्रेशन और चिंता से संबंधित होते हैं।
  • यदि इलाज नहीं किया जाए तो कुपोषण, पीना, धूम्रपान और खुद को मारने वाला व्यवहार हो सकता है, जिससे यह बच्चे का समय से पहले जन्म, कम वज़न वाला बच्चा और बच्चे के विकास संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान ली गई कुछ एंटीड्रिप्रेसेंट् अजन्में बच्चे या दूध पीने वाले बच्चे के स्वास्थ्य के खतरे में बढावा कर सकती है।

डिप्रेशन से संबंधित सामान्य परेशानियाँ

डिप्रेशन के कारण निम्न परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है:

  • ज्यादा वजन या मोटापा
  • हृदय रोग और मधुमेह
  • दर्द या शारीरिक बीमारी
  • शराब या नशीली दवाओं का दुरुपयोग
  • चिंता, आतंक विकार या सामाजिक भय
  • सामाजिक अलगाव
  • आत्मघाती भावनाएं, आत्महत्या करने का प्रयास या आत्महत्या
  • सेल्फ-म्यूटिलेशन जैसे खुद को काटना
  • चिकित्सा स्थितियों से समय से पहले ही मौत

सामान्य प्रश्न

क्या डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है?

हां, क्लिनिकल ​​डिप्रेशन एक गंभीर, लेकिन इलाज योग्य मानसिक बीमारी है लेकिन डिप्रेशन एक व्यक्तिगत कमजोरी नहीं है।

क्या बच्चे उदास हो जाते हैं?

हाँ, बच्चे उदास हो जाते हैं क्योंकि वे उन कारकों के अधीन होते हैं जो वयस्कों में डिप्रेशन का कारण बनते हैं, जिससे दिमाग में शारीरिक स्वास्थ्य, जीवन की घटनाओं, हेरेडीटी, पर्यावरण और रासायनिक गड़बड़ी में बदलाव शामिल हैं।

क्या नींद की कमी डिप्रेशन का कारण बन सकती है?

नहीं, अकेले नींद की कमी डिप्रेशन का कारण नहीं बन सकती| लेकिन यह डिप्रेशन जरूर दे सकता है।

महिलाओं को डिप्रेशन होने की संभावना क्यों है?

महिलाओं के हार्मोन के स्तर में बदलाव से महिलाएं पुरुषों से ज्यादा उदास होती हैं|

क्या किसी व्यक्ति को पहले से ही डिप्रेशन हो तो उसे फिर से हो जाएगा?

डिप्रेशन का इतिहास भविष्य के लिए किसी भी व्यक्ति को खतरे में डाल सकता है, लेकिन डिप्रेशन वाले हर किसी को यह अनुभव नहीं होता।

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