Epsolin in Hindi एप्सोलिन: उपयोग, खुराक, साइड इफेक्ट्स, मूल्य, संयोजन, सावधानियां

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Table of Contents

Epsolin in Hindi एप्सोलिन: उपयोग, खुराक, साइड इफेक्ट्स, मूल्य, संयोजन, सावधानियां

1What is  Epsolin in Hindi – एप्सोलिन क्या है?

  • एप्सोलिन में सक्रिय तत्व के रूप में “फाइटोइन” होता है और यह टैबलेट के रूप में मिलता है|
  • एप्सोलिन (फाइटोइन) एक एंटीकॉन्वेलसेंट दवा है और मिर्गी के इलाज़ के लिए पहली पंक्ति की दवा है|

निर्माता – जायडस कैडिला

अन्य संस्करण और रचनाएं

संस्करण संरचना
एप्सोलिन 50 मि.ग्रा. इंजेक्शन 2 मि.ली. फाइटोइन (50 मि.ग्रा./ 2 मि.ली.)
एप्सोलिन ईआर 300 टैबलेट फाइटोइन(300 मि.ग्रा.)
एप्सोलिन 200 टैबलेट ईआर फाइटोइन(200 मि.ग्रा.)
एप्सोलिन 150 मि.ग्रा. टैबलेट फाइटोइन(150 मि.ग्रा.)
एप्सोलिन 100 मि.ग्रा. टैबलेट फाइटोइन(100 मि.ग्रा.)
एप्सोलिन 50 मि.ग्रा. टैबलेट फाइटोइन(50 मि.ग्रा.)

 


2Uses of Epsolin in Hindi – एप्सोलिन के उपयोग

  • एप्सोलिन मिर्गी को नियंत्रित करने के लिए दिया जाता है। मिर्गी एक ऐसी स्थिति होती है जहां आपको बार-बार दौरे (फिट) पड़ते हैं|
  • ब्रेन की सर्जरी के दौरान या बाद में पड़ने वाले दौरे को रोकने के लिए भी एप्सोलिन का भी उपयोग किया जाता है|

3How does  Epsolin work in Hindi – एप्सोलिन कैसे काम करता है?

  • एप्सोलिन में फाइटोइन सक्रिय तत्व के रूप में होता है|
  • एप्सोलिन एंटीकॉनवल्सेंट दवाओं के समूह से सम्बन्ध रखता है| इन दवाओं को ब्रेन में केमिकल को नियमित करने के लिए जाना जाता है जो नर्वज़  को संकेत भेजते हैं ताकि दौरे न पड़ें|

4Epsolin Price in India in Hindi – भारत में एप्सोलिन का मूल्य

एप्सोलिन ईआर 200 मि.ग्रा. की 30 टैबलेट 165.8 रूपए
एप्सोलिन ईआर 300 मि.ग्रा. की 30 टैबलेट 149.45 रुपये
एप्सोलिन ईआर 100 मि.ग्रा. की 100 टेबलेट 163.35 रुपये

 


5How to Take  Epsolin in Hindi – एप्सोलिन कैसे लें?

एप्सोलिन दवा निम्न रूपों में मिलती है –

  • गोलियाँ
  • चबाने योग्य गोलियाँ
  • कैप्सूल
  • पीने वाला सिरप
  • इंजेक्शन रूप में
  • मुंह द्वारा इसे भोजन के साथ या बिना भी लिया जा सकता है। गैस्ट्रिक दुष्प्रभाव वाले रोगियों को इसे भोजन के तुरंत बाद लेना चाहिए|
  • जब इसे टैबलेट के रूप में लेना हो तो टैबलेट को चबाए, तोड़े या कुचले बिना तरल पदार्थ के साथ लें|
  • सिरप लेने से पहले बोतल को ठीक से हिलाएं। इसे नापने वाले चम्मच से नापकर पियें|
  • इसका इंजेक्शन एक प्रशिक्षित स्वास्थ्कर्मी द्वारा लेना चाहिए|
  • डॉक्टर के कहे बिना इसे तय की गयी खुराक से ज्यादा या लंबे समय तक न लें|
  • एप्सोलिन को अचानक लेना बंद न करें। इसकी खुराक को धीरे-धीरे कम करके फिर बंद करना चाहिए। दवा को अचानक बंद करने से लक्षण वापिस आ सकते हैं|
  • लक्षणों के खराब होने की स्थिति में सुधार न होने की स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से सहायता लें|

6Common Dosage & when to take Epsolin in Hindi – एप्सोलिन की सामान्य खुराक

  • एप्सोलिन से उपचार की खुराक और लेने का तरीका रोगी की उम्र और बीमारी के प्रकार या गंभीरता और इसकी शुरूआती खुराक की प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है|
  • अच्छे परिणाम पाने के बाद खुराक को धीरे-धीरे चिकित्सक द्वारा कम किया जाता है|
  • लीवर और किडनी के रोगों से पीड़ित बुजुर्गों और रोगियों में खुराक के समायोजन की जरूरत होती है|

7When to avoid Epsolin in Hindi – एप्सोलिन से कब बचें?

एप्सोलिन का उपयोग निम्न स्थितियों में सावधानी से करना चाहिए:

  • इसके किसी भी तत्व से एलर्जी हो
  • बढ़े हुए जिगर वाले रोगी
  • बुजुर्ग रोगी
  • मधुमेह
  • अनुपस्थित सीजर
  • लिम्फाडेनोपैथी
  • सिस्टमिक लुपस एरथेमटोसस
  • पोरफाइरिया
  • हाइपोएलबुमिनेमिया
  • हाइपरसेंसिटिविटी सिंड्रोम
  • स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम
  • टॉक्सिक एपिडर्मल नेक्रोलिसिस

8Drug Interactions to Be Careful About in Hindi – दवा इंटरेक्शन के बारे में सावधानी

  • दवा इंटरेक्शन का मतलब है दवाओं को एक दूसरे के साथ या बाद में लेने पर मानव शरीर पर प्रभाव| बड़ी संख्या में दवाओं को एक दूसरे पर प्रभाव डालते देखा गया है| इसलिए यह सलाह दी जाती है कि रोगी को हमेशा अपने द्वारा प्रयोग किये जाने वाली सभी दवाओं या काउंटर उत्पादों या विटामिन की खुराक के बारे में डॉक्टर को सूचित करना चाहिए। किसी भी अन्य दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह करें। कुछ महत्वपूर्ण दवाएं निम्न हैं:
  • शराब
  • डिसुलफिरम
  • अन्य दवाएं जो फिट और ऐंठन का इलाज करती हैं
  • वार्फरिन
  • सैलिसिलेट और ट्रामाडोल
  • बेंज़ोडायज़ेपाईनस
  • सेडेटिवस, ट्रैंक्विलाइज़र
  • क्लोजापाइन, फेनोथियाजाइन्स
  • अवसाद का इलाज करने वाली दवाएँ
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं
  • कोर्टिकोस्टेरोइड
  • सिकोस्पोरिन
  • एंटी-कैंसर दवाएं
  • दिल की बीमारियों का इलाज करने वाली मेडिड्रग्स
  • कुछ एंटी-बायोटिक्स और एंटी-फंगल दवाएं
  • आइसोनियाज़िड
  • एंटी-रेट्रोवाइरल, एचआईवी संक्रमण के उपचार में उपयोग की जाती है
  • परजीवी कृमि संक्रमण का इलाज करने वाली दवाएं
  • फुरोसेमाईड
  • ओमेप्राज़ोल, सुक्रालफ़ेट और सिमिटिडाइन
  • मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाएं
  • मेथाडोन
  • मिथाइलफेनाडेट
  • सेंट जॉन वोर्ट
  • एंटी-डायबिटिक दवाएं
  • कुछ विटामिन जैसे फोलिक एसिड और विटामिन-डी
  • थियोफाइलिइन
  • एस्ट्रोजेन, जिसका उपयोग मौखिक गर्भ निरोधकों (जन्म नियंत्रण की गोलियाँ) और हार्मोन रिप्लेसमेंट के लिए किया जाता है|

एप्सोलिन के साथ इन सभी दवाओं का उपयोग करने से इन दवाओं के चिकित्सीय प्रभाव प्रभावित हो  सकते हैं और दुष्प्रभाव की संभावना भी बढ़ सकती है|


9Precautions when taking Epsolin in Hindi – एप्सोलिन लेते समय सावधानियां

  • यदि इसे गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल किया जाता है तो एप्सोलिन भ्रूण में हाइडेंटोइन सिंड्रोम पैदा कर सकता है (छोटी उंगलियां, फांक-तालु, हैरे होंठ, छोटे आकार की खोपड़ी)
  • इस दवा को लंबे समय तक लेने से ओस्टियोमलेशिया (एक हड्डी रोग) हो सकता है, क्योंकि एप्सोलिन विटामिन-डी के मेटाबोलिक एक्टिवेशन और कैल्शियम के अवशोषण में हस्तक्षेप करता है|
  • यह इंसुलिन के बहाव को रोक सकता है और खून में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ा सकता है|
  • इस दवा का उपयोग करते समय सतर्क रहें क्योंकि यह मसूड़ों की हाइपरट्रॉफी (मसूड़ों का आकार में वृद्धि), छोटे बच्चों में ज्यादा, मुँहासे और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया का कारण हो सकता है
  • रक्तचाप में गिरावट और हृदय की लय में कमी केवल इंट्रावेंस इंजेक्शन के कारण होती है, इसलिए लगातार ईसीजी करवाते रहना चाहिए|

10Side effects of Epsolin in Hindi – एप्सोलिन के साइड इफेक्ट्स

एप्सोलिन कई दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है लेकिन वे सभी रोगियों में आम नहीं होते| आमतौर पर देखे जाने वाले साइड इफेक्ट्स निम्न हैं:

  • उनींदापन
  • सिर चकराना
  • सरदर्द
  • कमजोरी, चलने पर अकड़न
  • समन्वय में कमी या प्रतिक्रियाओं में कमी
  • एकाग्रता या भ्रम की हानि
  • बोलने में परेशानी
  • अनिद्रा
  • उलटी या मतली
  • कब्ज
  • खून बहना
  • दर्द वाले मसूड़े
  • होंठों का मोटा होना
  • जोड़ों में दर्द
  • खुजली वाली त्वचा पर चकत्ते
  • ज्यादा बालों का झड़ना खासकर महिलाओं में
  • यौन गड़बड़ी
  • हाथ या पैर सुन्न होना या झुनझुनी
  • स्वाद में बदलाव।

 


11What Are The Effects of Epsolin on Organs in Hindi – अंगों पर प्रभाव

जिगर और गुर्दे की बीमारी वाले मरीजों को सावधानी से और डॉक्टर की सलाह से एप्सोलिन लेना चाहिए।


12Reported Allergic Reactions in Hindi – एलर्जी प्रतिक्रियाएं

यदि इसके किसी भी तत्व से एलर्जी हो तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। एप्सोलिन से एलर्जी के निम्न लक्षणों दिखाई दे सकते हैं:

  • लाल चकत्ते
  • सीने में जकड़न
  • खुजली
  • साँसों की कमी
  • चेहरे, होंठ, जीभ या गले की सूजन

13Effects/Results After Consuming Epsolin in Hindi – प्रभाव या परिणाम

2 से 3 सप्ताह के इन्तज्ज्र में ही आमतौर पर एप्सोलिन की प्रभावकारिता देखी जाती है।


14Storage of Epsolin in Hindi – भंडारण

  • इसे सीधे प्रकाश या नमी से दूर रखें|
  • बच्चों की पहुंच से भी इसे दूर रखें|

15Pro Tips When Taking Epsolin in Hindi – टिप्स

  • एप्सोलिन का उपयोग अचानक लेना बंद नहीं करना चाहिए। इससे लक्षण बिगड़ सकते हैं। मुंह द्वारा इसे लेने से टैपिंग करने की सलाह दी जाती है|
  • शरीर में लगातार इसका स्तर बनाए रखने के लिए एप्सोलिन को हर दिन एक ही समय पर लेना चाहिए|

16FAQs in Hindi – सामान्य प्रश्न

क्या एप्सोलिन नशे की लत है?

एप्सोलिन लेने से कोई नशे की प्रवृत्ति नहीं बताई गई है।

क्या शराब के साथ एप्सोलिन ले सकते हैं?

अल्कोहल के साथ एप्सोलिन लेने से साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है और यह अत्यधिक उनींदापन और अशांति का कारण हो सकता है इसलिए इप्सोलिन लेते समय शराब का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती|

क्या किसी विशेष खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए?

किसी भी खाद्य उत्पाद के साथ इसे लेने पर कोई बदलाव नहीं देखा गया।

क्या गर्भवती होने पर एप्सोलिन ले सकते हैं?

  • गर्भावस्था में एप्सोलिन का उपयोग सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इससे भ्रूण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है|
  • एप्सोलिन नवजात शिशुओं में विसंगतियों का कारण बन जाता है| उनके बढने में रूकावट डालता है और अन्य हानिकारक दुष्प्रभाव पैदा करता है|
  • एप्सोलिन का उपयोग केवल तभी करना चाहिए जब भ्रूण को खतरा ना हो|
  • यदि आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने की योजना बना रही हैं तो हमेशा अपने डॉक्टर को सूचित करें|

क्या बच्चे को स्तनपान कराते समय एप्सोलिन ले  सकते हैं?

स्तनपान कराने वाली महिलाओं में एप्सोलिन का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह दवा स्तन के दूध में पास हो सकती है और बच्चे में घातक प्रतिकूल प्रभाव पैदा कर सकती है| इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप एप्सोलिन लेते समय स्तनपान न कराएँ|

क्या एप्सोलिन लेने के बाद गाड़ी चला सकते हैं?

  • एप्सोलिन लेने के बाद कुछ रोगियों को उनींदापन, चक्कर आना या सिरदर्द हो सकता है|
  • ऐसे रोगियों को भारी मशीनरी चलाने या वाहन चलाते समय सावधानी से एप्सोलिन का उपयोग करना चाहिए|

यदि एप्सोलिन ज्यादा मात्रा में लें तो क्या होगा?

इसे तय की गयी खुराक से ज्यादा नहीं लेना चाहिए| अधिक दवा लेने से या बार बार लेने से लक्षणों में सुधार नहीं होगा|

ज्यादा मात्रा में इसे लेने के लक्षणों में सुस्ती, बदबू, कांपना, मांसपेशियों की जकड़न, उच्च हृदय की गति, निम्न रक्तचाप या बेहोशी पैदा हो सकती है।

यदि एक्सपायरी हो चुकी एप्सोलिन लें तो क्या होगा?

यह दवा कभी काम नहीं कर सकती| कृपया अपने चिकित्सक को इसके बारे में सूचित करें|

सुरक्षित रहने के लिए कभी भी एक्सपायरी दवा का उपयोग न करें|

यदि एप्सोलिन की एक खुराक लेनी याद ना रहे तो क्या होगा?

यदि आप दवा लेनी भूल जाए तो यह दवा अच्छी तरह से काम नहीं कर सकती| क्योंकि दवा के प्रभावी रूप से काम करने के लिए शरीर में दवा की एक निश्चित मात्रा हर समय मौजूद होनी चाहिए|

इसलिए याद आते ही हमेशा भूली हुई खुराक का सेवन करें। लेकिन यदि पहले से ही अगली खुराक का समय हो गया हो तो दोगुनी खुराक न लें|

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