केरल दक्षिण भारत के मालाबार तट का एक राज्य है जोकि 14 जिलों में बता हुआ है जिसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम है। यहाँ बोली जाने वाली सबसे अधिक भाषा मलयालम है और इस राज्य ने बहुत से रिकॉर्ड बनाए हैं जैसे उच्चतम साक्षरता दर, उच्चतम मानव विकास सूचकांक, उच्चतम लिंग अनुपात और उच्चतम जीवन प्रत्याशा। इस अत्याधुनिक राज्य का एक समृद्ध और जीवंत इतिहास भी है। शायद यह सांस्कृतिक रूप देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र है। यहाँ ब्रिटिश, डच, फ्रेंच और पुर्तगालियों ने शासन किया था। उपनिवेशीकरण से पहले इसने चेरा, अद्वैत और वेनाद जैसे कई साम्राज्यों का उदय और पतन भी देखा। इसके जीवंत इतिहास को दिखाने के लिए कई राजसी स्मारक हैं। इसमें बहुत सारे भव्य और अच्छी तरह से डिजाइन किए गए मंदिर हैं जो बहुत से भक्तों को आकर्षित भी करते हैं। केरल के मंदिरों की यात्रा की सूची भी यहां दी गई है –

 और पढो: सबसे पुराने मंदिर

केरल के 8 प्रसिद्ध मंदिरों की सूची

1. श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर

यह केरल के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है जिसे 8वीं शताब्दी में द्रविड़ शैली में बनाया गया था। सूत्रों के अनुसार भगवान बलराम ने फाल्गुनम का दौरा किया, पंचपारास में स्नान किया और पवित्र पुरुषों को 10,000 गायें उपहार में दी| यहाँ के मुख्य देवता भगवान विष्णु हैं और यह मंदिर अपनी वास्तुकला और भव्य डिजाइन के लिए जाना जाता है।

  • मंदिर का समय: 3:45 बजे से 12 बजे और 5:00 बजे से 7:15 बजे तक
  • मुख्य देवता: भगवान विष्णु
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 8:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल है

2. सबरीमाला सस्था मंदिर

सूत्रों के अनुसार भगवान अयप्पा ने जब महिषा नामक राक्षस को खत्म करने के बाद यहां ध्यान किया था जिसकी वजह से इस मंदिर का निर्माण हुआ| यह पेरियार टाइगर रिजर्व के पास ही है और यह बड़े स्तर पर तीर्थ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है| यहाँ आने वाले तीर्थयात्री नीले या काले कपड़े पहनते हैं, अपने माथे पर चंदन लगाते है और यात्रा समाप्त होने तक बिना बालों के रहते हैं।

  • मंदिर का समय: 4:45 बजे से 12 बजे और 5:00 बजे से 8:15 बजे तक
  • मुख्य देवता: भगवान अयप्पन
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: भगवतपुरम

3.अत्तुकल भगवथी मंदिर

इस मंदिर की मुख्य देवी कन्नकी (देवी पार्वती का अवतार) है जिसे मां और सभी चीजों को पैदा करने वाली माना जाता है। यहाँ महिलाओं की एकमात्र सबसे बड़ी सभा होने का भी रिकॉर्ड है जो अटुकलपोंगोला महोत्सव में भाग लेने आती हैं।

  • मंदिर का समय: 4:30 बजे से 12:30 बजे और 5:00 बजे से 8:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: देवी पार्वती
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 8:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल

4. अंबालापुझा श्रीकृष्ण मंदिर

17 वीं शताब्दी में बनाए गए इस मंदिर के प्रमुख देवता भगवान श्री कृष्ण हैं| एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान कृष्ण यहां के राजा के सामने ऋषि के रूप में आये और उन्हें शतरंज खेलने के लिए कहा। पुरस्कार के रूप में उन्होंने राजा से मांग की कि उन्हें बस प्रति वर्ग चावल देना है वह भी इस शर्त के साथ कि यह राशि दोगुनी होती जाएगी: – पहले वर्ग के लिए एक चावल, दो के लिए दो और तीसरे के लिए चार और इसी तरह बढती जाएगी| जब भगवान कृष्ण जीत गये तो  राजा को एहसास हुआ कि उन्हें लाखों चावल दे दिए हैं जितने की उनके भण्डार में भी नहीं हैं| ऐसा कहा जाता है कि इसीलिए इस मंदिर में चावल का पालपायसम प्रसाद के रूप में दिया जाता है|

  • मंदिर का समय: 4:30 बजे से 12:30 बजे और 5:00 बजे से 8:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: देवी पार्वती
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 8:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

निकटतम हवाई अड्डा: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल

5. चट्टानिकारा मंदिर

यह मंदिर अपने वास्तुशिल्प डिजाइन के लिए मशहूर है जो लकड़ी की मूर्तिकला का एक बड़ा उदाहरण है। पौराणिक कथा के अनुसार कन्नपन नाम का एक आदमी था जो जंगल में रहता था और युवा बछड़ों को देवी काली को चढाता था, लेकिन जब एक दिन उसने एक काला बछड़ा पकड़ा जिसे वह बलिदान देने जा रहा था तो उसे उसकी बेटी ने उसे रोक दिया| तब उसने अपनी बेटी और बछड़े के बीच दोस्ती को बढ़ते देखा| जब एक दिन उसकी बेटी की मृत्यु हो गई और वह चली गई तो उसने सीखा कि वह तो शांति से बहुत दूर है क्योंकि उसने बछड़ों को चुराकर देवी काली को चढा दिए हैं| इसलिए उसे अब माँ के सामने पश्चाताप करना होगा जब तक कि माँ उसे माफ़ नहीं कर देती इसलिए उसने इस मंदिर को बनाने में सहायता भी की।

  • मंदिर का समय: 4:00 बजे से 8:45 बजे तक
  • मुख्य देवता: देवी काली
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: कोचीन नेडुंबसेरी एयरपोर्ट
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: एरनाकुलम
 और पढो: तमिलनाडु के प्रसिद्ध मंदिर

6. गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर

5000 साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर कोझिकोड और वल्लुवनद के बीच होने वाली लड़ाई के दौरान लोकप्रिय हुआ था| इस मंदिर के लिए एक सख्त ड्रेस कोड है जिसमे पुरुषों को अपनी कमर के चारों ओर मुंडू पहनना होता है और लड़कियों को लंबी स्कर्ट और ब्लाउज जबकि महिलाओं को साड़ियाँ पहननी होती हैं| यहाँ के मुख्य देवता भगवान कृष्ण हैं जिनकी मूर्ति 4 फीट लम्बी है और उनके चरों हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल होते हैं|

  • मंदिर का समय: 5:00 बजे से 8:00 बजे और 4:30 बजे से 6:00 बजे तक
  • मुख्य देवता: भगवान कृष्ण
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: गुरुवायूर

7. एट्टुमनूर महादेव मंदिर

यह मंदिर वास्तुकला की द्रविड़ शैली में बना है, जिसमें एक छत दूसरी के ऊपर है। उच्च-कोटि के और बड़े-बड़े भित्ति-चित्र दीवार के अंदर और बाहर दोनों जगह होते हैं| यह पांडवों के शासनकाल के दौरान बनाया गया था और ऋषि व्यास ने इस मंदिर की पूजा की| मंदिर में तांबे की चादरों से ढकी हुई सजावटी छत भी है जो इसे और सुंदर बनाती है।

  • मंदिर का समय: 4:00 बजे से 12:00 बजे और 6:30 बजे से 8:00 बजे तक
  • मुख्य देवता: भगवान शिव
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: एट्टुमानूर रेलवे स्टेशन

8. वडक्कुनाथन मंदिर

यह मंदिर ए.एम.ए.एस.आर अधिनियम के तहत भारत के राष्ट्रीय स्मारक के रूप में जाना जाता है। यहाँ के मुख्य देवता भगवान शिव हैं| यह मंदिर नक्काशीदार चित्रों और मूर्तियों से भरपूर है| इसके अनगिनत रूफटॉप, स्मारक और टावर भक्तों को आकर्षित करते हैं।

  • मंदिर का समय: 4:00 बजे से 11:00 बजे और 4:30 बजे से 8:20 बजे तक
  • मुख्य देवता: भगवान शिव
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: कोचीन नेदुंबसेरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: त्रिशूर रेलवे स्टेशन

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