पुणे में कई प्रसिद्ध शिक्षा संस्थान होने की वजह से इसे पूर्व का ऑक्सफोर्ड भी कहा जाता है। कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से आधे से अधिक छात्र पुणे में पढ़ रहे हैं क्योंकि पुणे के कई कॉलेजों का यूरोप के कई कॉलेजों के साथ छात्र विनिमय कार्यक्रम (स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम) है। शहर में कई मंदिर भी हैं और ज्यादातर मंदिर तो मराठा साम्राज्य के दौरान ही अद्भुत ढंग से बनाए गए थे। पुणे अपने भव्य मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

पुणे के 8 प्रसिद्ध मंदिर-

1. भीमशंकर मंदिर

एक पौराणिक कथा के अनुसार यह मंदिर भगवान शिव की दुष्ट भीमा पर विजय पाने की याद में बनाया गया है और वे यहां भीमशंकर ज्योतिर्लिंगम के रूप में विराजमान हैं| यह भी कहा जाता है कि जब भगवान शिव के शरीर से पसीना गिरा तो भीमराथी नदी बनी जो आगे जाकर रायचूर में कृष्णा नदी में मिलती है। यह मंदिर पार्वती के अवतार कमलजा को भी समर्पित है।

  • शहर से दूरी: 110 कि.मी
  • मंदिर का समय: 4:30 बजे से 9:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: चौक रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा
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2. पार्वती हिल मंदिर

यह मंदिर एक पहाड़ी पर है और विशेष रूप से सुन्दर दृश्यों के कारण सबसे अधिक देखी जाने वाली जगहों में से एक है। यह एक पुरानी संरचना (स्ट्रक्चर) है और पेशवा वंश के शासनकाल में इसे बनाया गया था। पहाड़ी की छोटी तक, जहां मंदिर स्थित है, जाने के लिए 103 कदम का रास्ता है|  पौराणिक कथाओं के अनुसार इस शिव-मंदिर बनाने के लिए पेशवा ने पाटिल से यह पहाड़ी खरीदी थी लेकिन वह तब वहां गए जब मंदिर में उनकी पत्नी ने उनकी मां की चोटों को ठीक किया।

  • शहर से दूरी: 3 कि.मी
  • मंदिर का समय: 8:00 बजे से 6:00 बजे
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: पुणे रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा

3. चतुशृंगी मंदिर

एक पौराणिक कथा के अनुसार एक सप्तशृंगी देवी के प्रबल भक्त थे जो हर जगह उनके मंदिरों में जाया करते थे लेकिन जब वे बूढ़े हो गये और वहां नही जा सके| तब देवी सप्तशृंगी उन्हें सपने में दिखाई दी और उसने कहा कि यदि आप मेरे पास नहीं आ सकते तो मैं खुद आपके पास आऊँगी और तब पहाड़ के पास देवी की एक मूर्ति मिली जहाँ देवी ने सपने में उसे आने के लिए कहा था। इस मंदिर की मुख्य देवता सप्तधृंगी हैं जो चतुशृंगी के रूप में इस मंदिर विराजमान हैं|

  • शहर से दूरी: 3 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6:00 बजे से 9:00 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा

4. भुलेश्वर मंदिर

घने जंगल से घिरा हुआ यह मंदिर 13वीं शताब्दी में पांडवों के युग में दोबारा बनाया गया था| तथ्यों  के अनुसार वास्तव में यह एक किला था जिसे मंगलगढ़ कहा जाता था| यहाँ माता पार्वती ने जब वह भगवान शिव के लिए नृत्य किया था और उन्हें शादी करने के लिए कैलाश पर्वत पर ले गए थे|

  • शहर से दूरी: 45 कि.मी
  • मंदिर का समय: 4:00 बजे से 9:00 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: यवत रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

5. दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर

यह मंदिर हलवाई दगडूशेठ ने बनवाया था जो मिठाई बेचने वाला एक अमीर व्यापारी था। इस मंदिर के मुख्य देवता भगवान गणेश हैं और यहाँ उनकी 7.5 फीट लम्बी और 4 फीट चौड़ी मूर्ति है। यह मंदिर 100 साल पुराना है और इस मंदिर का एक ट्रस्ट है जो जरूरतमंद लोगों की मदद करता है।

  • शहर से दूरी: 110 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6:00 बजे से 10:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा
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6. नीलकंठेश्वर मंदिर

यह मंदिर समुद्र तल से 900 मी. ऊपर एक ऊंची पहाड़ी पर है और पर्यटकों में लोकप्रिय है। यहाँ के मुख्य देवता भगवान शिव है और यहाँ के वास्तुशिल्प के डिजाइन के लिए लोग इससे प्यार करते हैं क्योंकि यहां के सूर्यास्त का नज़र अद्भुत है|

  • शहर से दूरी: 3 कि.मी
  • मंदिर का समय: 5:00 बजे से 12:00 बजे और 4:00 बजे से 9:00 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा

7. पातालेश्वर गुफा मंदिर

8वीं सदी में राष्ट्रकूट काल में बना यह मंदिर चट्टानों से बना है| इसके मुख्य देवता भगवान शिव है और यहाँ उनकी शिवलिंग के रूप में पूजा की जाती है| इसके प्रवेश द्वार पर नंदी गाय की मूर्ति है। यह मंदिर 1300 वर्ष पुराना है और इसे पुरातात्विक सर्वेक्षण (आर्कियोलॉजिकल सर्वे) के दौरान भारत सरकार ने संरक्षित स्मारक (प्रोटेक्टेड मोन्यूमेंट) घोषित किया है।

  • शहर से दूरी: 7 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6:30 बजे से 8:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे हवाई अड्डा

8. मोरेश्वर गणपति मंदिर

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान गणेश जब यहां जब वह सिंधु को हराने के लिए आए थे तो वे एक मोर पर चढ़ गए जब वह तीनों दुनिया को खत्म कर रहा था और अमृत की शक्ति का दुरुपयोग कर रहा था, जिसने उसे अमर बना दिया था। भगवान गणेश ने अपने ही शरीर को काट दिया और यहाँ शांति बहाल करने के लिए अमृत पीने वाले कटोरे को ही नष्ट कर दिया। यहाँ रोजाना सुबह 7 बजे, 12:00 बजे और 8:00 बजे मूर्ति की पूजा की जाती है।

  • शहर से दूरी: 2 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6:00 बजे से 10:30 बजे तक
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: पुणे रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

पुणे में मंदिरों का दौरा करते समय पैसे कैसे बचाएं

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