दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिर(Famous Temples In South India in Hindi): दक्षिण भारतीय 8 महत्वपूर्ण मंदिरों की सूची

Famous Temples In South India in Hindi

भारत का राज्य दक्षिण भारत अपने पुराने ऐतिहासिक स्मारकों और मंदिरों के कारण हमेशा संस्कृति और परंपरा का केंद्र रहा है। तमिलनाडु से केरल और आंध्र प्रदेश तक आपको खूबसूरत नक्काशीदार मंदिर देखने को मिलेंगे जो दासों साल इस राज्य के विभिन्न शासकों द्वारा बनवाए गए थे। यदि आप दक्षिण भारत जाएं तो आपको पता होना चाहिए कि आपको किन मंदिरों में जाना चाहिए।

भारत में 8 दक्षिण भारतीय मंदिरों की सूची

1. शिव सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर

यह मंदिर श्री मुरुगन और उनकी पत्नियों वल्लीनायकी और देवनायकी को समर्पित है। यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन पश्चिम सैदापेट है। जब भगवान मुर्गन ने युद्ध से देवनायकी को और प्यार से वल्लीनायकी को जीता था तब यह मंदिर स्थापित किया गया था। इसकी दीवारों में जटिल डिजाइन हैं और इसकी मूर्तियां प्रशंसा करने योग्य हैं।

  • शहर से दूरी: 10 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6 बजे से 8:00 बजे
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • यात्रा का सर्वोत्तम समय: नवंबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 1 घंटा

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: सैदापेट रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
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2. वल्लकोट्टाई सुब्रमण्यस्वामी मंदिर

एक पौराणिक कथा के अनुसार वल्लान नामक राक्षस आकाशीय देवताओं को परेशान करता था। भगवान मुरुगन ने राक्षसों द्वारा सताये गए लोगों से सहानुभूति जताई और आखिर में शांति बनाए रखने के लिए उस राक्षस को मार डाला। मंदिर में पांच स्तर के राजगोपुरम, गेटवे टावर और ग्रेनाइट स्तंभ (पिलर) हॉल है। यह पूर्व की ओर मुंह किये हुए है जिसे शुभ माना जाता है और इसमें प्रमुख देवता की मूर्ती लम्बी खड़ी हुई है।

  • शहर से दूरी: 20 कि.मी
  • मंदिर का समय: 6:30 बजे से 12 बजे और 3 बजे से 8 बजे
  • मुख्य देवता: मुरुगन
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन: तांबाराम रेलवे स्टेशन
  • निकटतम हवाई अड्डा: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

3. सबरीमाला सस्था मंदिर

स्रोतों के अनुसार भगवान अयप्पा ने महिष नाम के राक्षस को नष्ट करने के बाद इसी मंदिर में ध्यान किया जिस वजह से इस मंदिर का निर्माण हुआ| यह पेरियार टाइगर रिजर्व के पास ही स्थित है जोकि  बड़े स्तर पर की जाने वाली तीर्थ-यात्रा के लिए मशहूर है| तीर्थयात्री नीला या काला कपडा पहनते हैं और अपने माथे पर चंदन लगाते हैं और यात्रा खत्म होने तक बाल नहीं काटते|

  • मंदिर का समय: 04:45 बजे से 12 बजे और 5:00 बजे से 8:15 बजे
  • मुख्य देवता: भगवान अयप्पन
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 10:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: भगवतपुरम

4. अटुकल भगवथी मंदिर

इस मंदिर की अध्यक्ष देवी कन्नकी (देवी पार्वती का अवतार) हैं जिसे मां और सभी चीजों का निर्माण करने वाली माना जाता है। यहाँ महिलाओं की इकलौती सबसे बड़ी सभा होने का रिकॉर्ड भी है जो अटुकल पोंगोला उत्सव में भाग लेती हैं।

  • मंदिर का समय: 04:30 बजे से 12:30 बजे और 5:00 बजे से शाम 8:30 बजे
  • मुख्य देवता: देवी पार्वती
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: 8:00 बजे
  • अपेक्षित समय: 1 से 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल

5. श्रीकालहस्ती मंदिर

तिरुपति से 36 कि.मी दूर स्थित इस मंदिर के प्रमुख देवता भगवान् शिव हैं| महाशिवरात्री इस मंदिर का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है| शिवरात्रि के दिन इस मंदिर के दरवाज़ों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ भी बढ़ जाती है| पुजारी हर रोज़ यहाँ पूजा करते हैं। यह मंदिर 6:00 बजे से शाम 12:00 बजे तक और 4:00 बजे से शाम 8:30 बजे तक दर्शनों के लिए खुला रहता है|

  • शहर से दूरी: 36 कि.मी
  • मुख्य देवता: भगवान शिव
  • मंदिर का समय: 9 बजे से 2 बजे और 3 बजे – 5 बजे
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 3 से 4 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: विशाखापत्तनम हवाई अड्डा
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: सिमचलम उत्तर रेलवे स्टेशन
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6. देवीपुरम

देवपुरम विशाखापत्तनम के पास बना एक हिंदू मंदिर है। यह मंदिर देवी सहस्रक्षी को समर्पित है। इस पवित्र स्थान तक पहुंचने वाले रास्ते के साथ-साथ 100 जीवित आकार की मूर्तियों हैं| यह मंदिर महिलाओं को स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए हमेशा सामाजिक प्रेरक लगता है जब वहां ‘आप देवी हैं और मैं देवी हूं’ के मन्त्र गाये जाते हैं| इस मुख्य मंदिर के पास ही पूजा के लिए दो अन्य मंदिर भी हैं।

  • शहर से दूरी: 36 कि.मी
  • मुख्य देवता: भगवान शिव
  • मंदिर का समय: 6 बजे से 12 बजे और 4 बजे से 8:30 बजे
  • यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 3 से 4 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम हवाई अड्डा: तिरुपति हवाई अड्डे
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: श्रीकालहस्ती

7. इस्कॉन

इस्कॉन मंदिर को इसके संस्थापक श्री प्रभुपाद के जन्म-शताब्दी समारोह को मनाने के लिए बनाया गया था। सजे हुए मंदिर के मेहराब, फव्वारे और राजगोपुरम आँखों के लिए एक दावत माने जाते हैं| यहाँ भक्तों के लिए रहने की भी सुविधा है| यहाँ पूजे जाने वाले मुख्य देवता श्री श्री राधा कृष्ण चंद्र, श्री कृष्ण बलराम, श्रीनिवास गोविंदा और श्री प्रहलाद नरसिंह हैं।

  • शहर से दूरी: 26 कि.मी
  • मंदिर का समय: 7:15 से 1 बजे और 4 से 8:20 बजे
  • मुख्य देवता: श्री प्रभुपाद
  • जाने के लिए सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन बैंगलोर शहर रेलवे जंक्शन स्टेशन
  • बैंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

8. गावी गंगाधरेश्वर मंदिर

यह मंदिर 9वीं शताब्दी में बनाया गया था| इसे एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया था और यह अपने आँगन में लगी पत्थर की डिस्क के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के मुख्य देवता भगवान शिव हैं  और मुख्य मूर्ती एक शिवलिंग है। मंदिर के सामने ही नंदी की भी एक खूबसूरत मूर्ति है। मकर सकांति के अवसर पर दुनिया के सभी हिस्सों से भक्त इस मंदिर की यात्रा करने आते हैं।

  • शहर से दूरी: 5 कि.मी
  • मंदिर का समय: 06:00 बजे से 8:00 बजे
  • मुख्य देवता: भगवान शिव
  • जाने के लिए सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से फरवरी
  • अपेक्षित समय: 2 घंटे

कैसे पहुंचे:

  • निकटतम रेलवे स्टेशन बैंगलोर सी.वाई. रेलवे स्टेशन
  • बैंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

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