Flucytosine in Hindi फ्लुसाइटोसिन: प्रयोग, खुराक, साइड इफेक्ट, मूल्य, संयोजन और सावधानियां

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Flucytosine in Hindi फ्लुसाइटोसिन: प्रयोग, खुराक, साइड इफेक्ट, मूल्य, संयोजन और सावधानियां

1What is Flucytosine in Hindi – फ्लुसाइटोसिन क्या है?

फ्लुसाइटोसिन एक एंटी-फंगल दवा है जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए किया जाता है।


2Uses of Flucytosine in Hindi – फ्लुसाइटोसिन के उपयोग:

निम्न फंगल इन्फेक्शन में:

  • मुँह या गला
  • ओसोफेगस
  • जननांग
  • पैर के नाखून
  • हाथ के नाखून
  • एथलीट फुट और रिंगवर्म और कुछ प्रकार की रूसी जैसे त्वचा के इन्फेक्शन

3How does Flucytosine works in Hindi – फ्लुसाइटोसिन कैसे काम करता है?

फ्लुसाइटोसिन को 5-फ्लूरोरासिल (5-FU) में बदल देता   है जो आगे चलकर मेटाबोलाइट्स में बदल जाता है जिससे यह फंगल, आरएनए और डीएनए के संश्लेषण को रोकता है जिससे फंगल की गतिविधि बंद हो जाती है।


4How to take Flucytosine in Hindi – फ्लुसाइटोसिन कैसे लें?

  • फ्लुसाइटोसिन कैप्सूल के रूप में मिलता है।
  • इस दवा की खुराक और लेने का तरीका आपका डॉक्टर तय करता है|
  • इस कैप्सूल को चबाये बिना पूरा निगल लें।
  • पेट खराब होने से बचने के लिए फ्लुसाइटोसिन कैप्सूल को भोजन के साथ ही लेना चाहिए।
  • एंटीएसिड्स लेने से 2 घंटे पहले या 1 घंटे बाद ही फ्लुसाइटोसिन को लिया जाना चाहिए क्योंकि एंटीएसिड्स फ्लुसाइटोसिन के अवशोषण में रूकावट डाल सकते हैं|
  • फ्लुसाइटोसिन का उपयोग तब तक जारी रखाना चाहिए जब तक कि डॉक्टर इसकी सिफारिश न करे|

5Common dosage in Hindi – फ्लुसाइटोसिन की सामान्य खुराक?

इस दवा की खुराक डॉक्टर के आधार पर तय की जाती है:

  • रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति या चिकित्सा की स्थिति
  • लक्षणों की गंभीरता
  • पहली खुराक लेने पर प्रतिक्रिया
  • एलर्जी और दवा प्रतिक्रियाओं का इतिहास
  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इसे देने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें|

फ्लुसाइटोसिन की सामान्य खुराक – 6 घंटे के अंतराल पर विभाजित खुराक में 50 से 150 मि.ग्रा. प्रति कि.ग्रा. प्रतिदिन।

डॉक्टर की सहमति के बिना कभी भी खुराक का ज्यादा समय तक उपयोग न करें।


6When to avoid Flucytosine in Hindi – फ्लुसाइटोसिन लेने से कब बचें?

मरीजों को निम्न समस्याओं में सावधानी से फ्लुसाइटोसिन का उपयोग करना चाहिए:

  • फ्लुसाइटोसिन या किसी भी अन्य एंटी-फंगल दवाओं से एलर्जी।
  • लिवर की बीमारी
  • गुर्दे की बीमारी
  • हृदय रोग (दिल की विफलता, कोरोनरी धमनी का रोग, हृदय वाल्व के रोग)
  • फेफड़ों की बीमारी (पुरानी प्रतिरोधी फुफ्फुसीय रोग)
  • पेट का एसिड कम होना या ना होना
  • खून में पोटेशियम या मैग्नीशियम का निम्न स्तर।
  • यदि आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो गया हो, कोर्टिसोल का स्तर कम हुआ हो या एडिसन की बीमारी हो तो अपने डॉक्टर को सूचित करें

7Side effects in Hindi – फ्लुसाइटोसिन के साइड इफेक्ट्स?

सभी दवाओं के कुछ ना कुछ दुष्प्रभाव होते ही हैं। ये दुष्प्रभाव संभव तो हैं लेकिन हमेशा नहीं होते। यदि आपको लगता है कि आपको भी उनमें से कोई है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें –

  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • दस्त
  • पेट में गैस
  • पेट दर्द
  • मुँह सूखना
  • पेट में रक्तस्राव
  • पीलिया
  • खून की कमी
  • रक्त कोशिका में गिरावट
  • लिवर का एंजाइम और बिलीरुबिन की उच्चता
  • उलझन
  • बुरे सपने
  • मनोविकृति
  • थकान
  • हाइपोग्लाइसीमिया
  • ह्रदय मे रुकावट
  • बुखार
  • लाल चकत्ते
  • थकान, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों का दर्द

8Reported allergic reactions in Hindi – एलर्जी प्रतिक्रियाएं

यदि आपको इसके तत्वों से एलर्जी है तो फ्लुसाइटोसिन लेने की सलाह नहीं दी जाती। यदि आपको फ्लुसाइटोसिन या एच-2 के तत्वों से एलर्जी है तो इससे होने वाली एलर्जी प्रतिक्रियाओं के सामान्य लक्षणों में निम्न हो सकते हैं:

  • त्वचा पर गंभीर चकत्ते
  • चेहरे, होंठ और गले पर सूजन
  • सांसों लेने में कठिनाई
  • बेहोशी

9Effect on organs in Hindi – अंगों पर प्रभाव-

यह आपके लीवर को प्रभावित कर सकता है इसलिए यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें तो अपने डॉक्टर से सलाह लें: –

  • असामान्य थकान
  • आंखों और त्वचा का पीला पड़ना,
  • काले रंग का मूत्र, बुखार,
  • मतली या उल्टी,
  • पीला मल,
  • पेट में दर्द।

10Drug interactions to be careful about in Hindi – दवा इंटरेक्शन के बारे में सावधानी

रोगी को अपने डॉक्टर को फ्लुसाइटोसिन के साथ उपयोग किए जाने वाले सभी उत्पादों या काउंटर उत्पादों या विटामिन की खुराक के बारे में जरूर सूचित करना चाहिए।

  • सभी इंटरेक्शन वाली दवाओं यहाँ सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता| फ्लुसाइटोसिन के साथ प्रभाव डालने वाली कुछ महत्वपूर्ण दवाओं में एंटी-एसिड्स शामिल हैं|
  • एच2 ब्लॉकर्स जैसे कि सिमेटिडिन
  • इम्यूनोस्प्रेसिव या साइटोस्टैटिक एजेंट।
  • 5-एफसी लेने वाले रोगियों में मायलोस्पुप्रेसिव दवाओं जैसे कि जिडोवुडीन का उपयोग सावधानी से करना चाहिए
  • एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड या मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
  • एम्फोटेरिसिन

11Show effects/Results in Hindi – प्रभाव या परिणाम

यह उपचार की स्थिति पर निर्भर करता है।


12Storage requirements for Flucytosine in Hindi – फ्लुसाइटोसिन का भंडारण:

कैप्सूल को कमरे के तापमान पर 15 से 25 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाना चाहिए| जाना चाहिए और प्रकाश और तापमान से बचाकर रखा चाहिए।


13Protips in Hindi – टिप्स:

फ्लुसाइटोसिन को लेना बंद न करें या अपने डॉक्टर की सलाह के बिना इसकी खुराक को बदलें।

यदि आपको लिवर की बीमारी के कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।


14Frequently asked questions in Hindi – सामान्य प्रश्न

क्या फ्लुसाइटोसिन नशे की लत है?

ऐसी किसी प्रवृत्ति की कोई सूचना नहीं है|

क्या शराब के साथ फ्लुसाइटोसिन ले सकते हैं?

नहीं

क्या किसी विशेष खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए?

नहीं

क्या गर्भवती होने पर फ्लुसाइटोसिन  ले सकते हैं?

गर्भवती होने या गर्भवती होने की योजना बनाते समय फ्लुसाइटोसिन को लेना उचित नहीं है।

क्या बच्चे को दूध पिलाते समय फ्लुसाइटोसिन  ले सकते हैं?

दूध पिलाने वाली माताओं को सावधानी से फ्लुसाइटोसिन का उपयोग करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह दवा स्तन के दूध में पास होने के लिए जानी जाती है|

क्या फ्लुसाइटोसिन लेने के बाद गाड़ी चला सकते हैं?

इस दवा से आपको चक्कर आना और कमजोरी हो सकती है। यदि आप ऐसे किसी भी दुष्परिणाम से पीड़ित हैं जो ड्राइविंग करने की क्षमता को प्रभावित करता है तो ड्राइविंग करने से बचें।

यदि फ्लुसाइटोसिन ज्यादा मात्रा में लगा ली जाए तो क्या होगा?

इसे तय की गयी खुराक से ज्यादा लेना हानिकारक होता है और दुष्प्रभाव की घटना को बढ़ा सकता है| ज्यादा खुराक लेने के मामले में तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह करें।

यदि एक्सपाईरी हो चुकी फ्लुसाइटोसिन लें तो क्या होगा?

एक्सपायर हो चुकी दवा की खुराक इलाज़ के लिए शक्तिशाली नहीं होती| एक्सपायरी दवा का इस्तेमाल करने से बचना सही है|

यदि फ्लुसाइटोसिन की खुराक लगनी याद ना रहे तो क्या होगा?

जैसे ही याद आये तो हमेशा भूली हुई खुराक को लें| लेकिन यदि अगली खुराक का पहले से ही समय हो गया हो तो दुगुनी खुराक न प्रयोग करें|

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