Leprosy in Hindi

कुष्ठ रोग, जिसे हेनसेन रोग (एचडी) भी कहा जाता है, यह माइकोबैक्टेरियम लेप्रै या माइकोबैक्टेरियम लीप्रोमैटोसिस नामक जीवाणु का पुराना इन्फेक्शन है। शुरू में कुष्ठ रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आने के बाद लक्षणों को प्रकट होने में 5 से 20 साल लगते हैं। इसके लक्षण नसों, श्वसन-पथ, त्वचा और आंखों के ग्रैनुलोमा में होते हैं जिसके कारण दर्द महसूस करने की क्षमता कम होती है।

संक्रमित व्यक्ति की नाक के तरल पदार्थ से, खांसी या अन्य संपर्क के माध्यम से कुष्ठ रोग होता है और यह बहुत ज्यादा संक्रामक नहीं होता| इस रोग की त्वचा की बायोप्सी में या पॉलिमरस चेन प्रतिक्रिया का उपयोग करके डीएनए का पता लगाकर एसिड-फास्ट बेसिलि को ढूंढकर इसकी पुष्टि की जाती है।

कुष्ठ रोग मल्टीड्रग थेरेपी से इलाज योग्य है। शुरुआत में ही इसका इलाज़ करने से विकलांगता से बचने में मदद मिल सकती है। ये उपचार डब्ल्यूएचओ द्वारा नि:शुल्क दिए जाते हैं। बच्चों में बड़ों से ज्यादा कुष्ठ रोग के इन्फेक्शन की संभावना होती है| 2012 में कुष्ठ रोग के पुराने मामलों की संख्या 189, 000 थी, जो 1980 के दशक में 5.2 मिलियन से नीचे हुई, जो विश्व स्तर पर दर्ज की गई थी। वर्तमान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में लगभग 180,000 लोग इस रोग से संक्रमित हैं, जिनमें से ज्यादातर अफ्रीका और एशिया में हैं।

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कुष्ठ रोग शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

कुष्ठ रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया नसों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे त्वचा पर संक्रमण हो जाता है। चकत्ते और घाव शरीर के विभिन्न भागों में विकसित हो सकते हैं और हाथों और पैरों में कमजोरी पैदा कर सकते हैं। उपचार के बिना, यह इन्फेक्शन मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बन सकता है और शारीरिक विकृतियों का कारण बन सकता है और गंभीर मामलों में, इस रोग से नज़र की समस्याओं और गुर्दे की हानि सहित अन्य स्थितियों का कारण बन सकता है।

कुष्ठ रोग के कारण क्या हैं?

  • लेप्रै और एम. एलप्रोमैटोसिस बैक्टीरिया कुष्ठ रोग के कारक एजेंट हैं।
  • एक व्यक्ति इस बैक्टीरिया को संक्रमित व्यक्ति की बूंदों या सांस से प्राप्त कर सकता है।

कुष्ठ रोग के खतरे के कारक क्या हैं?

  • कुष्ठ रोग वाले लोगों के संपर्क से आम जनसंख्या के सदस्यों की तुलना में कुष्ठ रोग विकसित करने की संभावना पांच से आठ गुना ज्यादा है।
  • कुपोषण, अन्य बीमारियों या जेनेटिक मतभेद जैसे प्रतिरक्षा कार्य को कम करने वाली स्थितियां, इस रोग को विकसित करने का खतरा बढ़ा सकती हैं।

कुष्ठ रोग के लक्षण क्या हैं?

बैक्टीरिया से संक्रमित होने के बाद 5 से 20 साल के बीच पाए जाने वाले कुष्ठ रोग के लक्षणों में निम्न है:

  • त्वचा पर पीले या गुलाबी पैच का विकास होता जो तापमान या दर्द के लिए असंवेदनशील हो सकता है, यह पहला ध्यान देने योग्य लक्षण है।
  • नसों की समस्याएं जैसे हाथों या पैरों की नसों का कोमल या सुन्न होना जिसे इलाज के बाद भी बदला नहीं जा सकता|
  • टिशू का नुक्सान मुख्य रूप से हाथों और पैर की उंगलियां छोटी और विकृत हो जाती है।

कुष्ठ रोग का कैसे पहचाना जाता है?

डब्ल्यूएचओ के अनुसार इसकी पहचान लक्षणों पर आधारित होती है, जिसमें कुष्ठ रोग के साथ त्वचा पर घाव और सेंसरी लोस और पोजिटिव स्किन स्मीयर होते हैं।

मोटी नसें कुष्ठ रोग से जुडी होती हैं और संवेदना या मांसपेशियों की कमजोरी के नुकसान का कारण हो सकतीर हैं लेकिन विशेष रूप से त्वचा पर घाव और सम्वेदना की हानि के बिना, मांसपेशियों की कमजोरी को कुष्ठ रोग का विश्वसनीय संकेत नहीं माना जाता|

सीबीसी जैसे परीक्षण (कम्पलीट ब्लड काउंट), क्रिएटिनिन परीक्षण, एलएफटी या नर्व बायोप्सी का की जाती है कि शरीर के अन्य अंगों पर असर पड़ा है या नहीं।

कुष्ठ रोग को कैसे रोकें और नियंत्रित करें?

  • इलाज न किए गए इन्फेक्शन वाले मरीजों के नाक और अन्य स्राव वाली बूंदों के संपर्क में आने से बचें|
  • दवाएं (एंटीबायोटिक) कुष्ठ रोग की बीमारी वाले लोगों के साथ रहने वाले लोगों के खतरे को कम कर सकती हैं।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सिफारिश की है कि एक ही घर में रहने वाले लोग कुष्ठ रोग की जांच कराएँ और इलाज केवल तभी किया जाए जब लक्षण मौजूद हों।
  • टीसीजी टीका तपेदिक के इलावाकुष्ठ हंसन रोग के खिलाफ भी सुरक्षा ए सकता है।
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कुष्ठरोग का उपचार – एलोपैथिक उपचार

एंटी-लेप्रोसी मेडिकेशन –

  • तपेदिक के लिए छह महीने के लिए रोज़ डैप्सोन और मासिक रिफाम्पिसिन से इलाज़ की सलाह दी जाती है।
  • कुष्ठ रोगों के लिए रोज़ डैप्सोन और क्लोफाज़ीमाइन के साथ रिफाम्पिसिन के 12 महीने के इलाज़ की सिफारिश की जाती है।
  • मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) – मल्टीड्रग का उपयोग केवल तभी किया जाता है क्योंकि यह एक ही एंटी-लेप्रोसी दवा है जो किसी व्यक्ति को इससे प्रतिरोधी बन सकती है। यह चिकित्सा अत्यधिक प्रभावी है और पहले महीने की खुराक के बाद ही लोग अब इन्फेक्टेड नहीं हैं।
  • टॉपिकल केटांसरिन – इसका अल्सर के इलाज़ के लिए बेहतर प्रभाव होता है।

कुष्ठरोग का उपचार – होम्योपैथिक उपचार

सल्फर – सल्फर तभी प्रभावी होती है यदि रोगी को फोड़े, रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन होने की प्रवृत्ति होती है और रोगग्रस्त ग्रंथियों की वजह से भूख बढती है।

ग्रेफाइट्स – यह सूजन वाली लिम्फ ग्रंथियों, मेसेन्टेरिक ग्रंथियों और त्वचा घावों के लिए तय की गयी है|

कैल्केरिया कार्बनिका और सिलिसिया – यह मेल एक ऐसे रोगी के इलाज में मदद करता है जो पेट की सूजन से पीड़ित होता है|

रस-टोक्स –  यह लाल त्वचा के लिए तय की जाती है जो वेसिक्लेस से ढकी होती हैं और उनमे तेज़ खुजली होती है।

कान्थारिस – यह त्वचा पर बड़े फफोले के साथ तेज़ जलन की स्थिति के लिए प्रयोग की जाती है|

क्रोटन टिग्लियम – इसका उपयोग छोटे फफोलों के इलाज के लिए किया जाता है जो बहुत ही खुजली वाले होते हैं|

कुष्ठरोग – जीवन शैली के टिप्स

  • कुष्ठरोग आपके रहने के तरीके को बदल सकता है| कुछ लोग इसे मानसिक और भावनात्मक रूप से मुश्किल पाते हैं जिसके लिए चिकित्सा कक्षाएं लेनी चाहिए।
  • फिजियोथेरेपी से हाथों और पैरों की गति में मदद मिल सकती है|
  • स्वस्थ और संतुलित भोजन खाएं|

कुष्ठ रोग वाले व्यक्ति के लिए क्या व्यायाम हैं?

शारीरिक चिकित्सा मांसपेशियों की ताकत में सुधार करने और गति की भावना में मदद कर सकती है।

कुष्ठ रोग और गर्भावस्था – जानने योग्य बातें

  • गर्भावस्था में कुष्ठ रोग अधिक खराब हो सकता है और उपचार के बिना यह त्वचा, नसों, अंगों और आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
  • कुष्ठ रोग की पहली उपस्थिति विशेष रूप से गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में होने की संभावना होती है।
  • सेल-मध्यस्थ और नैतिक प्रतिरक्षा में भिन्नता के कारण कुष्ठ रोग प्रतिक्रियाएं गर्भावस्था में होती हैं और स्तनपान में लंबे समय तक चलती रहती हैं।
  • कुष्ठ रोग वाली माताओं के पैदा हुए लगभग 20% बच्चे युवावस्था में कुष्ठ रोग विकसित कर सकते हैं जबकि छोटे बच्चों में कुष्ठ रोग स्व-उपचार है।

कुष्ठ रोग से संबंधित सामान्य परेशानियाँ

  • अंधापन या ग्लूकोमा
  • चेहरे की रूपरेखा बिगड़ना
  • पुरुषों में लिंग के टेढ़ेपन का दोष और बांझपन
  • किडनी खराब होना
  • मांसपेशियों की कमज़ोरी
  • नाक के अंदर स्थायी नुकसान
  • नसों में स्थायी नुकसान

सामाय प्रश्न

क्या कुष्ठ रोग अभी भी मौजूद है?

हां, दुनिया भर में लगभग 200,000 नए लोगों में कुष्ठ रोग पहचाना जाता है।

क्या कुष्ठ रोग के कारण होने वाले क्लॉ-हैण्ड का इलाज किया जा सकता है?

हां, इसका सर्जरी के द्वारा इलाज किया जा सकता है जो हाथों और पैरों में विकृतियों को सुधारता है।

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