Lyser D Tablet in Hindi लेज़र डी टैबलेट्स: उपयोग, खुराक, साइड इफेक्ट्स, मूल्य, संरचना और 20 सामान्य प्रश्न

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Lyser D Tablet in Hindi लेज़र डी टैबलेट्स: उपयोग, खुराक, साइड इफेक्ट्स, मूल्य, संरचना और 20 सामान्य प्रश्न

1What is Lyser D in Hindi – लेज़र डी क्या है?

यह मुख्य रूप से लालिमा, सूजन, दर्द आदि (पीठ दर्द, पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस) और बुखार जैसे सूजन के लक्षणों को रोकने या इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी खुराक बार बार या ज्यादा लेने से मुंह सूखना और चक्कर आना जैसे दुष्प्रभाव होते हैं| जिगर, गुर्दे या दिल की कमजोरी और गैस्ट्रिक अल्सर के मामले में इससे पूरी तरह से बचना चाहिए।

लेज़र डी की रचना – डायक्लोफ़ेनैक 50 मि.ग्रा. + सेराटियोपेप्टिडेज़ 10 मि.ग्रा.
निर्मित – कॉमेड केमिकल्स
प्रिस्क्रिप्शन – जरूरी है क्योंकि यह अनुसूची-एच के अंतर्गत आता है लेकिन यह ओटीसी के रूप में भी मिलता है|
रूप – टेबलेट, इंजेक्शन और जेल
कीमत – 186.15 रूपए की 15 टैबलेट
एक्सपायरी – बनाए जाने की तारीख से 24 महीने तक
दवा का प्रकार – एनएसआईडी और एनाल्जेसिक

Also read in English about Lyser D


2Uses of Lyser D in Hindi – लेज़र डी के उपयोग

लेज़र डी निम्न उद्देश्य के रूप में काम करती है:

  • पीठ दर्द: पीठ दर्द के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस: एंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस में उपयोग किया जाता है।
  • फ्रोजन शोल्डर: फ्रोजन शोल्डर के दर्द का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है|
  • मासिक धर्म का दर्द: पीरियड्स (मासिक धर्म के दर्द) के दौरान होने वाले दर्द का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है और मासिक धर्म की ऐंठन में आराम देता है।
  • दांतों का दर्द: दांतों के इन्फेक्शन और क्षय के कारण होने वाले दांतों के दर्द का इलाज किया जाता है।
  • ऑस्टियो-आर्थराइटिस: ऑस्टियो आर्थराइटिस में इसका उपयोग किया जाता है।
  • जोड़ों का दर्द: जोड़ों के दर्द के मामलों में उपयोग किया जाता है।
  • बुखार: हल्के से मध्यम बुखार में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसमें पेरासिटामोल होता है।
  • पोस्ट सर्जिकल दर्द: सर्जरी के बाद के दर्द को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • अन्य: इसके एंटी-पायरेटिक गुण हल्के बुखार का इलाज करने के लिए जाने जाते हैं|
  • बर्साइटिस: बर्साइटिस के रूप में जाना जाने वाले जोड़ों में चिकने द्रव की थैली की सूजन के मामलों में उपयोग किया जाता है।
  • टेंडोनाइटिस: टेंडन की सूजन के मामलों में उपयोग किया जाता है उदाहरण के लिए टेनिस एल्बो के लिए।

3 How does Lyser D work in Hindi – लेज़र डी कैसे काम करता है?

  • लेज़र डी में डायक्लोफेनाक और सेराटियोपेप्टिडेज़ सक्रिय तत्व के रूप में होते हैं।
  • डायक्लोफेनाक एक नॉन-स्टेरायडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवा (एनएसएआईडी) है जिसका उपयोग दर्द और सूजन के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है।
  • यह सीओएक्स एंजाइम में रूकावट डालने का काम करता है जो प्रोस्टाग्लैंडीन के बहाव को रोकता है।
  • प्रोस्टाग्लैंडिंस इंफ्लेमेटरी लक्षण पैदा करके लक्षणों से आराम देने में प्रोस्टाग्लैंडीन के निषेध के लिए जवाबदेह हैं|
  • सेराटियोपेप्टिडेज़ चोट वाली जगह पर असमान प्रोटीन को तोड़कर काम करता है और हीलिंग को बढ़ावा देता है।

4How to take Lyser D in Hindi – लेज़र डी कैसे लें?

  • लेज़र डी आमतौर पर टैबलेट और जेल के रूप में मिलती है।
  • लेज़र डी टैबलेट को आमतौर पर किसी भी गैस्ट्रिक जलन को रोकने के लिए भोजन के साथ या बाद में पानी के साथ मुंह से लिया जाता है।
  • टैबलेट को कभी भी कुचलकर या चबाकर नहीं लेना चाहिए बल्कि पूरी तरह से निगल लेना चाहिए|
  • यदि एक दिन में इसकी एक से ज्यादा खुराक ली जाती है तो लेज़र डी की दो खुराक के बीच 4 से 6 घंटे का अंतराल होना चाहिए ।
  • रोगी को दवा की बेहतर समझने के लिए पैकेज के अंदर लीफलेट के माध्यम से लिए जाने की सलाह दी जाती है।

5 Common Dosage for Lyser D in Hindi – लेज़र डी की सामान्य खुराक

  • चिकित्सक इस दवा की खुराक रोगी की आयु, वजन, मानसिक स्थिति, एलर्जी के इतिहास के अनुसार तय करता है।
  • लेज़र डी की सामान्य वयस्क खुराक दिन में एक या दो बार एक गोली है| इसकी दो खुराक के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे का अंतराल होना चाहिए|
  • डॉक्टर की सलाह के बिना 12 साल से कम उम्र के बच्चों को इसे देने की सलाह नहीं दी जाती|
  • डॉक्टर की उचित सलाह के बिना खुराक में बदलाव से बचना चाहिए।

यदि लेज़र डी ज्यादा मात्रा में लें तो क्या होगा?

लेज़र डी को ज्यादा मात्रा में लेने से मतली, उल्टी, पेट की खराबी और सुस्ती जैसी जटिलताओं को भी जन्म दे सकती है| ऐसे मामले में तुरंत डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ से सलाह लें।

यदि लेज़र डी की खुराक लेनी याद ना रहे तो क्या होगा?

यदि आप इसकी खुराक लेना भूल जाते हैं तो यह दवा उचित प्रभाव नहीं दिखाती| क्योंकि दवा के प्रभावी रूप से काम करने के लिए शरीर में हर समय दवा की एक निश्चित मात्रा मौजूद होनी चाहिए।

इसलिए जैसे ही आपको याद आये हमेशा अपनी छूटी हुई खुराक का उपभोग करें। लेकिन यदि पहले से ही दूसरी खुराक लेने का समय हो गया हो तो दुगुनी खुराक न लें क्योंकि इससे दवा की अधिकता हो सकती है।

यदि एक्सपायरी हो चुकी लेज़र डी लें तो क्या होता है?

ऐसी दवा की एक खुराक से किसी प्रतिकूल घटना के होने की संभावना नहीं होती। लेकिन किसी एक्सपायरी दवा को लेने से यदि कोई अस्वस्थ या बीमार महसूस करता है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। एक्सपायरी दवा इलाज के लिए उतनी शक्तिशाली नहीं हो सकती। लेकिन एक्सपायरी दवा से बचना ही उचित है।

लेज़र डी की शुरुआत का समय क्या है?

  • लेज़र डी का प्रभाव या परिणाम इस दवा को लेने 30 मिनट के अंदर देखा जा सकता है।
  • लेज़र डी के असर का समय 6 घंटे तक रहता है|
  • इस दवा को अपना प्रभाव दिखाने का समय हर व्यक्ति में अलग होता है।

लेज़र डी से कब बचें?

निम्न स्थितियों में लेज़र डी का सेवन न करें:

  • एलर्जी: यदि लेज़र डी या इसके तत्वों से एलर्जी का कोई इतिहास हो।
  • गैस्ट्रिक रक्तस्राव: गैस्ट्रिक अल्सर वाले रोगियों के मामले में यह पेट, कोलन या गुदा में सूजन और रक्तस्राव का कारण बन सकता है।
  • अस्थमा: अस्थमा के रोगियों के मामले में।
  • लीवर या किडनी की कमजोरी: जिगर के रोग और गुर्दे की बीमारी या हानि वाले रोगियों में।

6Precautions While Taking Lyser D in Hindi – लेज़र डी लेते समय सावधानियां

  • बुजुर्ग मरीज: लेज़र डी या किसी अन्य एनएसएआईडी का उपयोग बुजुर्ग रोगियों में सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इससे गंभीर दुष्प्रभावों का खतरा हो सकता है।
  • लीवर या किडनी के रोग: किडनी, दिल या लीवर की कमी वाले रोगियों में डॉक्टर द्वारा इसकी खुराक में बदलाव की जरूरत होती है।
  • जीआई घाव: लेज़र डी का उपयोग गैसट्रोइंटेस्टिनल घावों वाले रोगियों में अतिरिक्त सावधानी से किया जाना चाहिए।
  • कम खुराक: लेज़र डी को हमेशा सबसे कम खुराक में लिया जाना चाहिए।

लेज़र डी लेते समय चेतावनी

  • लंबे समय तक इसे इस्तेमाल करने से पहले हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों में दिल के दौरे का खतरा बढ़ सकता है।
  • दो खुराकों के बीच समान समय का अंतराल होना चाहिए।
  • दवा के अवांछनीय प्रभावों का मुकाबला करने के लिए बहुत सारे तरल पदार्थ लें।
  • गैस्ट्रिक जलन को रोकने के लिए हमेशा भोजन के साथ या बाद में टैबलेट लें|
  • दो अलग-अलग तरह के दर्द निवारक साथ न लें।

7Side-Effects of Lyser D in Hindi – लेज़र डी के साइड-इफेक्ट्स

विभिन्न उपचारों के लिए उपयोग किए जाने वाले लेज़र डी से जुड़े कुछ दुष्प्रभाव निम्न हैं:

  • मतली (सामान्य)
  • उल्टी (सामान्य)
  • पेट दर्द (कम सामान्य)
  • अतिसार (कम सामान्य)
  • चक्कर आना (सामान्य)
  • अपच (सामान्य)
  • पेट फूलना (कम सामान्य)
  • कब्ज (कम सामान्य)
  • भूख में कमी (कम सामान्य)

क्या लेज़र डी से कोई एलर्जी प्रतिक्रियाएं हैं?

लेज़र डी से होने वाली एलर्जी प्रतिक्रियाएं हैं:

  • किसी भी एलर्जी के लक्षण जैसे कि चकत्ते, सांस लेने में कठिनाई और चेहरे, होंठ और गले में सूजन जैसी समस्या हो जाती है|
  • ऐसे लक्षणों के दिखाई देने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें|

लेज़र डी का अंगों पर क्या असर होता है?

  • लेज़र डी का उपयोग जिगर की कमजोरी वाले रोगियों में सावधानी से करना चाहिए क्योंकि यह जिगर को प्रभावित करता है।
  • गैस्ट्रिक अल्सर के रोगियों में पेट से रक्तस्राव हो सकता है।

8Drug Interactions to be Careful About in Hindi – ड्रग इंटरैक्शन के बारे में सावधानी

लेज़र डी का सेवन करने पर कुछ दवाइयों के सेवन से सावधान रहना चाहिए। ये कुछ खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य दवाओं तक कुछ परीक्षणों में शामिल हो सकते हैं, जो लेज़र डी के सेवन के बाद सही नहीं होते। हम निम्न में इन विवरणों का पता लगाते हैं।

1. लेज़र डी के साथ खाद्य पदार्थ

किसी विशेष खाद्य पदार्थ से परहेज नहीं किया जाता|

2. लेज़र डी के साथ दवाएं

सभी आपस में प्रभाव डालने वाली दवाओं को यहाँ सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता। इसलिए हमेशा यह सलाह दी जाती है कि रोगी को चिकित्सक को अपने द्वारा उपयोग की जाने वाली सभी दवाओं के बारे में बताना  चाहिए। उन हर्बल उत्पादों के बारे में भी अपने डॉक्टर को जानकारी देनी चाहिए जिनका आप सेवन कर रहे हैं। आपको अपने डॉक्टर की स्वीकृति के बिना दवा की खुराक में कोई फेरबदल नहीं करना चाहिए।

निम्नलिखित दवा पारस्परिक क्रिया के अपने प्रभाव और परिणाम हैं, जिन्हें आगे हल्के या गंभीर के रूप में पहचाना जाता है:

  • ऐस अवरोधक (हल्का)
  • एल्डोस्टेरोन विरोधी (मध्यम)
  • एलेनड्रानेट (हल्का)
  • एमिलोराइड (गंभीर)
  • एस्पिरिन (गंभीर)
  • बीटा ब्लॉकर्स (हल्का)
  • ब्रिमोनिडीन (मध्यम)
  • कैलिसरीन अवरोधक (हल्का)
  • कैप्टोप्रिल (हल्का)
  • क्लोपिडोग्रेल (हल्का)
  • कोर्टिकोस्टेरोइड्स (मध्यम)
  • साइक्लोस्पोरिन (मध्यम)
  • डाल्टेप्रिन (हल्का)
  • डिक्लोफेनाक (मध्यम)
  • एनोक्सापारिन (हल्का)
  • फ्लुकोनाज़ोल (मध्यम)
  • हेपरिन (मध्यम)
  • इबुप्रोफेन (हल्का)
  • लिथियम (गंभीर)
  • लूप मूत्रवर्धक (मध्यम)
  • मेथोट्रेक्सेट (गंभीर)
  • फेनिनडिओन (मध्यम)
  • पोटेशियम (हल्का)
  • प्रोस्टाग्लैंडीन एनालॉग्स (हल्का)
  • रिफैम्पिसिन (हल्का)
  • टैक्रोलिमस (मध्यम)
  • थियाजाइड मूत्रवर्धक (मध्यम)
  • ट्रायमटेरिन (हल्का)
  • वारफारिन (मध्यम)

3. लैब टेस्ट पर लेज़र डी का प्रभाव

लेज़र डी सीरम क्रेटेनाइन टेस्ट को प्रभावित करता है।

4. पहले से मौजूद बीमारियों के साथ लेज़र डी का इंटरैक्शन

जिगर और किडनी की बीमारियों और गैस्ट्रिक अल्सर में|

क्या अल्कोहल के साथ लेज़र डी ले सकते हैं?

नहीं, लेज़र डी अल्कोहल के साथ इंटरेक्शन कर सकता है और यह पेट में खून बहने का कारण हो सकता है। इस दवा को लेते समय शराब का सेवन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

क्या किसी भी विशेष खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए?

इसका सेवन करने पर किसी विशेष खाद्य पदार्थ से बचने की जरूरत नहीं है।

क्या गर्भवती होने पर लेज़र डी ले सकते हैं?

हां, गर्भावस्था के दौरान इसे लेना सुरक्षित माना जाता है लेकिन गर्भावस्था में इसे लेने से पहले डॉक्टर को हमेशा सूचित करना चाहिए।

क्या बच्चे को स्तनपान कराते समय लेज़र डी ले सकते हैं?

नहीं, ऐसे मामलों में हमेशा डॉक्टर को सूचित करना चाहिए क्योंकि लेज़र डी को माँ के दूध में पास करने के लिए जाना जाता है|

क्या लेज़र डी लेने के बाद गाड़ी चला सकते हैं?

हाँ, लेज़र डी लेने के बाद ड्राइव कर सकते हैं लेकिन यदि किसी को चक्कर आना या उनींदापन हो तो ड्राइविंग से बचना चाहिए।


9 Buyer’s Guide – Lyser D Composition, Variant and Price in Hindi – लेज़र डी संरचना, विविधता और मूल्य – खरीदने के लिए गाइड

लेज़र डी वेरिएंट लेज़र डी कंपोजिशन लेज़र डी मूल्य
लेज़र-डी नैनोटेक 30 मि.ग्रा. जेल डिक्लोफेनाक 10 मि.ग्रा. + मेंथोल 50 मि.ग्रा. + मिथाइल स्लीक्यलेट 150 मि.ग्रा. 107.50  रूपए का 1 पैक
लेज़र 10 मि.ग्रा.  टेबलेट सेरेटिओपेप्टिडेज़ 10 मि.ग्रा. 58.50  रूपए की 10 टेबलेट्स
लेज़र फोर्ट टेबलेट सेरेटिओपेप्टिडेज़ 10 मि.ग्रा. 90.70  रूपए की 10 टेबलेट्स
लेज़र डीपी टेबलेट पैरासिटामोल 325 मि.ग्रा. + डिक्लोफेनाक 50 मि.ग्रा. + सेरेटिओपेप्टिडेज़ 10 मि.ग्रा. 102.10  रूपए की 10 टेबलेट्स
लेज़र एपी टेबलेट पैरासिटामोल 325 मि.ग्रा. + एसीक्लोफेनाक 100 मि.ग्रा. + सेरेटिओपेप्टिडेज़ 15 मि.ग्रा. 76.45  रूपए की 10 टेबलेट्स

10Substitutes of Lyser D in Hindi – लेज़र डी के बदले में

लेज़र डी के लिए निम्न वैकल्पिक दवाएं हैं:

  • सिपजेन डी टेबलेट:
    • निर्मित – सिप्ला
    • मूल्य – 108 रूपए
  • डिक्लोमोल एसपी टेबलेट:
    • निर्मित – विन मेडीकेयर
    • मूल्य – 65 रूपए
  • डैरो एस टेबलेट:
    • निर्मित – आइकॉन
    • मूल्य – 58 रूपए
  • बायोजोबिड टेबलेट:
    • निर्मित – एबट
    • मूल्य – 123.14 रूपए

भंडारण

  • इस दवा को 25 डिग्री से नीचे के तापमान पर सूखी जगह पर रखना चाहिए|
  • दवा को ऐसे स्थान पर रखा जाना चाहिए जहां बच्चों की पहुंच से बाहर हो।

11FAQs 10 Questions Answered about Lyser D in Hindi – लेज़र डी के बारे में 10 महत्वपूर्ण प्रश्न

लेज़र डी क्या है?

लेज़र डी एक कॉम्बिनेशन दवा है जिसमें डिक्लोफेनाक और सेरेटिओपेप्टिडेज़ मुख्य तत्वों के रूप में शामिल हैं। डिक्लोफेनाक एक एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ साथ एक एंटी स्टेरायडल दवा है| इसका उपयोग मुख्य रूप से लालिमा, सूजन, दर्द आदि के लक्षणों और पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द जैसी स्थितियों के उपचार के लिए किया जाता है

लेज़र डी को परिणाम दिखाने के लिए कितना समय लगता है?

लेज़र डी का प्रभाव या परिणाम दवा का सेवन करने के 30 मिनट के भीतर देखा जा सकता है। इस दवा द्वारा मनचाहे प्रभाव देखने के लिए लिया गया समय हर व्यक्ति में अलग होता है।

क्या लेज़र डी को खाली पेट लेना चाहिए?

पेट की खराबी से बचने के लिए लेज़र डी को खाली पेट नहीं लेना चाहिए।

क्या लेज़र डी उनींदापन का कारण बनता है?

हाँ, कुछ मामलों में यह उनींदापन का कारण बनता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के साथ बदलता रहता है|

लेज़र डी टैबलेट के सेवन के बीच समय का क्या अंतर होना चाहिए?

लेज़र डी की विषाक्तता से बचने के लिए दो खुराक के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे के आदर्श समय का अंतराल होना चाहिए|

क्या चिकित्सा का कोर्स पूरा करना चाहिए, भले ही लक्षण ठीक हो जाएँ?

हमेशा डॉक्टर के बताए अनुसार ही लेज़र डी का सेवन करना चाहिए और लक्षणों की गंभीरता के मामले में, तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए|

डॉक्टर को ही यह तय करने देना चाहिए कि कब और कैसे लेज़र डी को लेना रोकना है।

क्या लेज़र डी मासिक धर्म को प्रभावित करता है?

नहीं, आम तौर पर यह मासिक धर्म चक्र पर प्रभाव नहीं डालता। इस दवा का सेवन करने से पहले मासिक धर्म की समस्याओं के मामले में डॉक्टर से सलाह लें|

क्या लेज़र डी बच्चों के लिए सुरक्षित है?

बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह किये बिना बच्चों को लेज़र डी नहीं देना चाहिए।

क्या कोई लक्षण हैं जिन पर लेज़र डी लेने से पहले विचार करना चाहिए?

लेज़र डी को लेने से पहले किसी भी जिगर के विकार या एलर्जी प्रतिक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

क्या लेज़र डी भारत में कानूनी है?

हां, यह भारत में कानूनी है।


डिस्क्लेमर – ऊपर दी गई जानकारी हमारे शोध और ज्ञान के सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि, आपको दवा का सेवन करने से पहले एक चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

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