Malnutrition in Hindi मालन्यूट्रीशन: लक्षण, कारण, डायगनोसिस और ट्रीटमेंट

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Malnutrition in Hindi मालन्यूट्रीशन: लक्षण, कारण, डायगनोसिस और ट्रीटमेंट

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कैशकरो मेडिकल एक्सपर्ट

मालन्यूट्रीशन एक ऐसी हालत है जिसमें आहार खाने से पर्याप्त पोषक तत्व (न्यूट्रीएंट्स) नहीं मिलते हैं या ऐसा खानपान होता है जिससे सेहत से जुड़ी परेशानी होती है। पर्याप्त पोषक तत्व (न्यूट्रीएंट्स) न होने को अल्पपोषण (अंडरन्यूट्रीशन) या अल्पपोषण (अंडरनरिशमेंट) कहा जाता है जबकि बहुत अधिक पोषण को ओवर न्यूट्रीशन कहा जाता है। मालन्यूट्रीशन का इस्तेमाल खास तौर से अल्पपोषण के लिए किया जाता है जहां किसी व्यक्ति को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन या सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।

अंडरनरीशमेंट दो तरह के होते हैं प्रोटीन-ऊर्जा मालन्यूट्रीशन और आहार संबंधी कमियां। प्रोटीन-ऊर्जा मालन्यूट्रीशन में दो गंभीर रूप होते हैं, जिनमें मार्समस (प्रोटीन और कैलोरी की कमी) और क्वाशीकोर (सिर्फ प्रोटीन की कमी) शामिल हैं। सामान्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (कॉमन माइक्रोन्यूट्रीएंट डिफिशिएंसी) में आयरन, आयोडीन और विटामिन ए की कमी शामिल है।

उन लोगों को भोजन देना, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत होती है, खाना और पैसे को लोगों तक ऐसे पहुंचाया जाय ताकि लोग लोकल मार्केट से भोजन खरीद सकें।

2017 में, दुनिया में 815 मिलियन मालनर्शिड (अंडरनर्शिड) लोग थे। माना जाता है कि बच्चों में लगभग एक तिहाई मौतें मालन्यूट्रीशन की वजह से होती हैं, हालांकि ऐसी मौतों को शायद ही कभी पहचान की गयी हो। 2010 में, महिलाओं और बच्चों में लगभग 1.5 मिलियन मौतों में मालन्यूट्रीशन का योगदान था। 2013 में 165 मिलियन एक्स्ट्रा बच्चों की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। विकासशील देशों में अंडरन्यूट्रिशन अधिक सामान्य है और कुछ समूहों में खास तौर से प्रेगनेंट या ब्रीस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं सहित मालन्यूट्रीशन की दर अधिक है। बुजुर्गों में, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक फैक्टर के कारण मालन्यूट्रीशन अधिक आम है।

How does Malnutrition affect your body in Hindi-मालन्यूट्रीशन आपके शरीर पर कैसे असर करता है?

मालन्यूट्रीशन के प्रतिकूल प्रभावों में मशल्स और ऊतक द्रव्यमान (टीशू मास) में कमी, गतिशीलता (मोबिलिटी) और सहनशक्ति (स्टेमिना) में कमी, सांस लेने में कठिनाई होती है जिससे श्वसन विफलता (रिस्परेटरी फेल्योर) और छाती के इंफेक्शन (चेस्ट इंफेक्श) के रिस्क को बढ़ा सकती है। मालन्यूट्रीशन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (इम्यून रिस्पांस) को धीमा कर देता है जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और घाव या बीमारी को ठीक होने में ज्यादा समय लगेगा। यह शरीर के तापमान को भी कम करता है जो हाइपोथर्मिया का खतरा पैदा करता है। इससे लोगों को थकान महसूस हो सकती है और इससे डिप्रेशन भी हो सकता है।

What are the causes of Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन के कारण क्या हैं?

  • फूड इनस्क्योरिटी- मालन्यूट्रीशन के लिए विकासशील और विकसित दोनों देशों में पर्याप्त और सस्ते भोजन का अभाव।
  • पोषक तत्वों के अवशोषण के साथ पाचन संबंधी समस्याएं और मुद्दे- क्रोहन रोग, आंतों में सीलिएक रोग और बैक्टीरिया के अधिक बढ़ने के कारण मालन्यूट्रीशन हो सकता है।
  • अत्यधिक शराब पीना- ज्यादा शराब पीने से प्रोटीन, कैलोरी और सूक्ष्म पोषक तत्वों की अपर्याप्त खपत हो सकती है।
  • मेंटल हेल्थ डिसार्डर- डिप्रेशन और अन्य मेंटल हेल्थ डिसार्डर मालन्यूट्रीशन के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
  • खाद्य पदार्थ पाने और तैयार करने में असमर्थता खराब गतिशीलता और मशल्स की ताकत की कमी से मालन्यूट्रीशन की संभावना बढ़ जाती है।

What are the risk factors of Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन के रिस्क फैक्टर क्या हैं?

  • विकासशील देशों या भोजन के सीमित इस्तेमाल वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग मालन्यूट्रीशन और माइक्रोन्यूट्रिएंट डिफिशिएंसी के रिस्क फैक्टर में से एक हैं।
  • बढ़ी हुई न्यूट्रीएंट्स की जरूरतों वाले व्यक्ति, खासकर बच्चे और प्रेगनेंट या ब्रीस्टफीडिंग करने वाली महिलाएं मालनर्शिड होती हैं।
  • जो लोग गरीबी में रहते हैं या कम आय वाले हैं वे मालन्यूट्रीशन से जुड़े हैं।
  • बुजुर्ग लोग, खासकर जो अकेले रहते हैं या विकलांग हैं उनमें मालन्यूट्रीशन का खतरा होता है।
  • क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित लोगों में अंडरनर्शिड होने का खतरा चार गुना तक हो सकता है।

What are the symptoms of Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन के लक्षण क्या हैं?

अगर प्रेगनेंसी के दौरान या दो साल की उम्र से पहले मालन्यूट्रीशन होता है, तो इसके बाद बच्चे में शारीरिक और मानसिक विकास में स्थायी समस्या हो सकती है।

अधिक अल्पपोषण या भुखमरी, एक छोटी ऊंचाई, पतले शरीर, बहुत खराब ऊर्जा के स्तर, और पैरों और पेट में सूजन का कारण हो सकता है।

How is Malnutrition diagnosed in Hindi-मालन्यूट्रीशन का डायगनोसिस कैसे किया जाता है?

मालन्यूट्रीशन के डायगनोसिस के लिए कई फैक्टर पर ध्यान दिया जाता है:

वयस्कों में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) यह निर्धारित करने के लिए मापा जाता है कि क्या आपकी ऊंचाई के अनुसार स्वस्थ वजन है या अनजाने में खोए हुए वजन का कारण जानने के लिए। अन्य पोषण संबंधी कमियों को भी ध्यान में रखा जाता है।

बच्चों में मालन्यूट्रीशन का डायगनोसिस करना वजन और ऊंचाई को मापना और उस उम्र के बच्चे के लिए अपेक्षित औसत ऊंचाई और वजन के खिलाफ तुलना करना शामिल है। अपेक्षित स्तर से नीचे एक उल्लेखनीय गिरावट मालन्यूट्रीशन के खतरे का संकेत दे सकती है।

ब्लड टेस्ट खून में प्रोटीन के स्तर को मापने में मदद कर सकता है। अगर खून में प्रोटीन का स्तर कम है, तो एक बच्चे को मालनर्शिड होने का संकेत दिया जाता है।

How to prevent & control Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन को कैसे रोकें और कंट्रोल करें?

  • सेहतमंद भोजन खाने को प्रोत्साहित करें। अपने आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और लीन मीट को शामिल करें और ठोस वसा, शर्करा, मादक पेय और नमक का सेवन सीमित करें।
  • स्नैक्स खाना खास तौर से बुजुर्ग लोगों में मददगार हो सकता है जिनका पेट जल्दी से भर जाता है। स्वस्थ भोजन नाश्ते के बीच में एक्स्ट्रा पोषक तत्व और कैलोरी पाने का एक अच्छा तरीका है।
  • शेक या अन्य पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स जैसे सप्लीमेंट्स जोड़ने पर विचार करें।
  • एक्सरसाइज को प्रोत्साहित करें क्योंकि यह भूख को सुधारने और हड्डियों तथा मशल्स को मजबूत रखने में मदद कर सकता है।
  • हफ्ते में कम से कम एक बार गरीब बच्चों को भोजन देकर उसकी मदद कर सकते हैं।

Allopathic Treatment of Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन का एलोपैथिक ट्रीटमेंट

मालन्यूट्रीशन के लिए होने वाला ट्रीटमेंट इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कितना मालनर्शिड है और इसमें आहार बदलाव और पूरक आहार शामिल हो सकते हैं।

कुछ लोगों में, शरीर के खोए हुए तरल पदार्थ को अधिक तरल पदार्थ पीने या अंतःशिरा चिकित्सा (इंट्रावीनस थेरेपी) (आईवी) द्वारा तरल पदार्थ प्रशासित (एडमिनिस्ट्रेटिंग) करने के द्वारा प्रतिस्थापित (रिप्लेस्ड) किया जाता है।

लम्बी बीमारी वाले बच्चों को थेरेपी की जरूरत होती है। इसमें एक्स्ट्रा पोषक तत्व, विटामिन और खनिज पूरक शामिल हैं। मालन्यूट्रीशन को रोकने के लिए अंतर्निहित (अंडरलाइनिंग) बीमारी का भी एक साथ इलाज किया जाना चाहिए।

Homeopathic Treatment of Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन का होम्योपैथिक ट्रीटमेंट

एब्रोटेनम- यह बिगड़ा हुआ पोषण, दोषपूर्ण पाचन (डिफेक्टिव डाइजेशन) और आत्मसात (एसीमिलेशन) का संकेत देता है।

कैल्क-कार्ब- यह खराब भूख के रोगियों के लिए है, अपच रहता है।

मैग्नेशिया कार्बोनिका- यह अनुचित रूप से पोषण होता है और मुंह में छाले होते हैं, ग्लैंड्स में सूजन होती है, पेट फूल जाता है।

नैट्रम म्यूर- यह तब दिया जाता है जब रोगी की गर्दन पतली, रूखी और भूख को बढ़ाती है।

Malnutrition- Lifestyle Tips in Hindi-मालन्यूट्रीशन- लाइफस्टाइल टिप्स

  • महिलाओं को कम से कम 6 महीने तक बच्चों को दूध पिलाना चाहिए।
  • मांस, मछली, चिकन, डेयरी, सोया और अन्य प्रोटीन स्रोतों सहित उच्च प्रोटीन वाला खाना खाएं।

What are recommended exercise for person with Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन वाले व्यक्ति के लिए क्या एक्सरसाइज होनी चाहिए?

चलना, दौड़ना, टहलना, तैराकी, साइकिल चलाना और अन्य सभी एक्सरसाइज बतायी जाती है क्योंकि वे उस व्यक्ति की भूख को बढ़ाते हैं जो उसे भूखा बना देगा, उन्हें खाने के लिए तैयार करेगा।

Malnutrition & pregnancy- Things to know in Hindi-मालन्यूट्रीशन और प्रेगनेंसी- जरूरी बातें

  • प्रेगनेंसी के दौरान मालन्यूट्रीशन से माता में मृत्यु दर, गर्भपात, आस्टियोमालासिया, एनीमिया का खतरा हो सकता है।
  • यह बच्चे को भी प्रभावित करता है और जन्म, जन्म के समय कम वजन, कम आईक्यू, संज्ञानात्मक हानि पैदा कर सकता है।
  • ब्रीस्टफीडिंग में कमी हो सकती है, क्योंकि गैस्ट्रोएंटेरिटिस, निमोनिया, मलेरिया और खसरा जैसी कई इंफेक्शियस बीमारियां हो सकती हैं, जो पोषक तत्वों की जरूरतों को बढ़ाती है।
  • ब्रीस्टफीडिंग कराने से बच्चों में अंडरन्यूट्रीशन और मौत की दर कम हो सकती है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई माइक्रोन्यूट्रीयन्टस की खुराक देने से मालन्यूट्रीशन की संभावना को कम हो सकती है।

Common complications related to Malnutrition in Hindi-मालन्यूट्रीशन से जुड़ी आम मुश्किलें

  • अपर्याप्त ऊर्जा का सेवन।
  • वजन घटना।
  • मशल्स को नुकसान।
  • चमड़े के नीचे की वसा (सबकाटेनेयस फैट) का नुकसान।
  • स्थानीयकृत द्रव संचय (लोकलाइज्ड फ्लूयूड एक्यूमूलेशन) जो वजन कम करने में मदद कर सकता है।

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