एक मंदिर न केवल पूजा का स्थान होता है बल्कि यह विभिन्न विश्वास वाले लोगों के आपस में  मिलने और बातचीत करने की एक जगह भी है जहाँ लोग अपने अनुभवों को साझा करने के लिए इकठ्ठे होते हैं। ये मंदिर सदियों से हमारी धरती पर मौजूद हैं और पवित्र माने जाते हैं| हालांकि कुछ उराने मंदिरों को ऐसे युग में बनाया गया था, जो युग ज्यादा देर तक नहीं चला| आइये, हम यहां आपको दुनिया के कुछ सबसे पुराने मंदिरों के बारे में बताते हैं:

Read More: Temples Tamil nadu in Hindi

1.नोसॉस महल

सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक यूनानी सभ्यता भी थी इसलिए इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि ग्रीस के क्रेटा में नोसॉस महल दुनिया के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण  1700 ईसा पूर्व से 1400 ईसा पूर्व में हुआ था| यहाँ के सभी कमरे, पवित्र स्थान और रहने के स्थान एक केंद्रीय वर्ग के चारों ओर बनाए गए हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार यहां एक एथेनियन हीरो इनस ने मिनोटौर को मार डाला।

2. गोबेक्ली तेपे

यह मंदिर तुर्की में एक पहाड़ की चोटी पर मेगालिथिक घरों और मंदिरों से घिरा हुआ है| कुछ सूत्रों के अनुसार यह पूजा का सबसे पुराना स्थान 10वीं मिलेनियम बी.सी में बनाया गया था| इस टी-आकार वाले 3 मीटर ऊंचे खंभे की पूजा उस समय की बहुत सी जनजातियों द्वारा की जाती थी|

3. अमादा मंदिर

ऐसा कहा जाता है कि अमादा मंदिर 15वीं शताब्दी (सेंचुरी) में बनाया गया था| अन्य सूत्रों के अनुसार  यह मंदिर अमन और भक्ति को समर्पित किया गया था। लेकिन बाद में आए फैरो ने अपने को उच्च परमात्मा के रूप में पेश करने के लिए इसे नष्ट कर दिया था। मंदिर के ज्यादातर अंदरूनी हिस्से संरक्षित (प्रीसर्व) हैं और इनमें से कुछ तो बारीक कटे हुए और पेंट किए गए पत्थर भी हैं।

4. गगांतिजा मंदिर

यह 3600 से 3000 ईसा पूर्व में बनाया गया था जोकि मिस्र के पिरामिड और ब्रिटेन के स्टोनहेज से भी पुराना है। इस मंदिर की संरचना ऐसी है कि दो अलग-अलग मंदिर एक तरफ से एक साथ जुड़े हुए दिखाई देते हैं जोकि एक सीमा दीवार के अन्दर जुड़े हुए हैं। यह मंदिर एक फर्टिलिटी पंथ को समर्पित था और यूरोप के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना जाता है।

5. ह्यपोगयूम

यह 2500 ईसा पूर्व की तारीख का दुनिया का एकमात्र प्रागैतिहासिक भूमिगत मंदिर है। वास्तविक रूप में यह एक अभयारण्य (सेंचुरी) था लेकिन बाद में इसे एक कब्रिस्तान में बदल दिया गया। इसके सभी हॉल, कमरे और रास्ते चट्टान से बनाए गए हैं। मंदिर में केवल कुछ ही लोगों को आने की इजाज़त होती है और पास लेने के लिए 3 सप्ताह तक का इंतज़ार करना पड़ सकता है।

6. हत्शेपूट मंदिर

यह गौरवशाली मंदिर नील नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है और आज तक बनी सबसे अधिक प्रशंसा करने योग्य संरचनाओं में से एक है। यह अमुन उनके महानतम नेताओं की याद में बनाया गया था जिन्होंने अपनी पूरी शोभा के साथ इस भूमि पर शासन किया था। इसमें रैंप और टैरेस जैसी संरचना है जो पारम्परिक मंदिरों के लिए काफी असामान्य सी बात है।

Read More: Temples South India in Hindi

7. लक्सर मंदिर

1400 ईसा पूर्व नील नदी के पूर्वी तट पर लक्सर मंदिर की स्थापना हुई थी| यह मंदिर मिस्र के तीन देवताओं को समर्पित था और शहर में आयोजित होने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों के लिए प्रयोग होता था। त्यौहार की पूर्व संध्या पर मूर्तियों को उठाकर उन रास्तों से ले जाया जाता था जिनकी तीर्थ-यात्रियों द्वारा पूजा की जाती थी|

8. स्टोनहेज

दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक स्टोनहेज है और दूर से यह घास पर पड़े हुए पत्थर के बड़े सेट लगते हैं। लेकिन कुछ सूत्रों के अनुसार यह माना जाता है कि यह स्मारक एक धार्मिक और समारोह केंद्र के रूप में काम करता है। विद्वानों का यह भी कहना ​​है कि यह 1600 ईसा पूर्व में बनाया गया था और इसका निर्माण मार्बोरो डाउन से आये हुए पत्थरों से हुआ था।

दुनिया के सबसे पुराने मंदिरों की यात्रा करते समय कैसे बचाएं

  • मेक माय ट्रिप फ्लाइट कूपन्स
  • ओला डिस्काउंट कूपन
  • रेड बस

Our team of experts goes through thousands of products to find the best ones for you. When you buy through our links, we might earn a commission. Learn more.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

three + nine =