Schistosomiasis in Hindi

स्किस्टोसोमिसिस, जिसे स्नेल फीवर और बिल्हरज़िया भी कहा जाता है, कुछ ट्रॉपिकल और सब-ट्रॉपिकल देशों में ताजा पानी के परजीवी कीड़े से इन्फेक्शन के कारण होने वाली एक बीमारी है। इसे नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

यह रोग विकासशील देशों के बच्चों में विशेष रूप से आम है क्योंकि वे दूषित पानी में खेलते हैं  और अन्य बड़े खतरों में किसानों और मछुआरों का दैनिक जीवन में अशुद्ध पानी का उपयोग शामिल होते हैं।

बिल्हरज़िया ने 2015 में दुनिया भर में 252 मिलियन लोगों को प्रभावित किया था। अनुमान लगाया जाता है कि 4,400 से 200,000 लोग हर साल इससे मर जाते हैं और यह रोग अफ्रीका, एशिया और दक्षिण अमेरिका में भी पाया जाता है। भारत में प्रति वर्ष 100 हजार से कम मामले दर्ज किए गये हैं।

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स्किस्टोसोमिसिस कैसे आपके शरीर को प्रभावित करता है?

ताजे पानी के स्नेल से जारी परजीवी से इन्फेस्टेड पानी के संपर्क से यह त्वचा में प्रवेश करते हैं। जब परजीवी शरीर में प्रवेश करते हैं तो लार्वा वयस्क स्किस्टोसोमिसिस में विकसित होता है। वयस्क कीड़े खून की नलियों में रहते हैं जहां मादाएं अंडे छोड़ती हैं| वहां परजीवी के जीवन चक्र को जारी रखने के लिए कुछ अंडे मल या मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकलते हैं। जबकि अन्य शरीर के टिश्यूओं में फंस जाते हैं, जिससे अंगों की प्रगतिशीलता की हानि होती है।

स्किस्टोसोमिसिस के कारण क्या हैं?

स्किस्टोसोमिसिस परजीवी कीड़े, विशेष रूप से स्किस्टोसोमिसिस मंसोनी, एस हेमेटोबियम और एस जैपोनिकम नाम के स्नेल के कारण होता है। ये परजीवी स्नेल दूषित ताजे पानी में मौजूद होते हैं और इसमें तैराकी या स्नान करने वाले लोगों की त्वचा में प्रवेश कर जाते हैं।

स्किस्टोसोमिसिस के खतरे के कारक क्या हैं?

जो लोग परजीवी से दूषित ताजे पानी के झीलों या तालाबों में स्नान करते हैं या तैरते हैं उन्हें इनसे खतरा होता है।

स्किस्टोसोमिसिस के लक्षण क्या हैं?

  • स्किस्टोसोमिसिस के पहले लक्षण बीमारी की सामान्य भावना है, जो इन्फेक्शन के बारह घंटे के अन्दर परजीवी के प्रवेश बिंदु पर एक चकत्ते के रूप में होती है।
  • 2 से 10 हफ्ते के बाद बुखार, दर्द, खांसी, दस्त, सर्दी या ग्लैंड को बढ़ते हुए देखा जा सकता है|
  • आंतों का स्किस्टोसोमिसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडे आंतों की दीवार में चिपक जाते हैं। इससे जीआई ट्रैक्ट में उच्च रक्तचाप, बढ़ी हुई स्पलीन और सूजन हो सकती है| जिससे गंभीर रूप से खून बहने लगता है।
  • डर्माटाइटिस – ये चकत्ते राउंड बम्प्स के रूप में दिखाई देते हैं और आमतौर पर एक से तीन से.मी तक फैले होते हैं|
  • पुरानी बीमारी – यदि शरीर लंबे समय तक बीमार रहता है तो वयस्क कीड़े अंडे देते रहते हैं जो टिश्यूओं में सूजन पैदा कर सकते हैं या लिवर, स्प्लीन,दिमाग फेफड़ों या दिमाग में आवेश ला सकते हैं।

स्किस्टोसोमिसिस को कैसे पहचाना जाता है?

  • अंडों की पहचान – मल या मूत्र के द्वारा पहचान करना एक व्यावहारिक विधि है।
  • एंटीबॉडी का पता लगाना – यह उन लोगों में इन्फेक्शन का संकेत देने के लिए उपयोगी होता है, जिन्होंने ऐसे सामान्य क्षेत्रों में यात्रा की है और जिनके अंडे को फेकिल या मूत्र के नमूने में देखा नहीं जा सकता|
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स्किस्टोसोमिसिस को कैसे रोकें और नियंत्रित करें?

  • दूषित पानी वाली जगहों पर यात्रा करते समय ताजे पानी में तैराकी से बचें।
  • यद्यपि बिल्हरज़िया प्रदूषित पानी को निगलने से संचरित नहीं होता लेकिन यदि मुंह या होंठ परजीवी वाले पानी के संपर्क में आते हैं तो आप इन्फेक्शन हो सकता है। तब आपको साफ और तेल वाला पानी पीना चाहिए|
  • स्नान के पानी को कम से कम 1 मिनट के लिए गर्म किया जाना चाहिए या कम से कम 1 से 2 दिनों तक टैंक में जमा पानी से स्नान करना चाहिए।
  • प्रदूषित पानी से अचानक संपर्क में आने के बाद तौलिया से जोर से रगड़कर सुखा लें| ऐसा करने से स्किस्टोसोमिसिस परजीवी को रोकने में मदद मिलती है।

स्किस्टोसोमिसिस का उपचार – एलोपैथिक उपचार

उपयोग की जाने वाली दवाएं:

प्रज़िकुंटेल – उन जगहों में जहां यह रोग आम है, इस दवा को साल भर में एक बार पूरे समूह को दिया जा सकता है ताकि संक्रमित लोगों की संख्या कम हो और बीमारी ना फ़ैल सके।

ऑक्सामनीक़ुइन – यह उन लोगों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा लेने की सलाह दी जाती है जो इन्फेक्टेड होते हैं।

स्किस्टोसोमिसिस का उपचार – होम्योपैथिक उपचार

करकुमा लोंगा – इसका एक एंटी-बिल्हरज़िया दवा के रूप में परीक्षण किया गया था। यह साबित हुआ इसके अर्क से ग्लाइकोजन रिजर्व को कम करने में कुशलता प्राप्त हुई थी|

इचिनेसिया – इसका उपयोग एंटीवायरल, एक प्रतिरक्षा उत्तेजक और मूत्र पथ के इन्फेक्शन और फंगल से संबंधित विकारों से छुटकारा पाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

स्किस्टोसोमिसिस जीवन शैली के टिप्स

  • साफ, शुद्ध या उबला हुआ पानी पीएं।
  • स्नान के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें।
  • अपने क्षेत्र के इन्फेक्टेड पानी के संपर्क में आने से बचने की कोशिश करें।
  • उन स्थानों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतें, जहां यह बीमारी आम है|

स्किस्टोसोमिसिस वाले व्यक्ति के लिए क्या व्यायाम हैं?

स्किस्टोसोमिसिस वाले लोगों के लिए कोई विशेष व्यायाम की सलाह नहीं दी जाती|

स्किस्टोसोमिसिस और गर्भावस्था – जानने योग्य बातें

  • गर्भावस्था के दौरान स्किस्टोसोमायसिस गर्भाशय को प्रभावित करता है।
  • अफ्रीका में 10 मिलियन महिलाओं को गर्भावस्था में स्किस्टोसोमायसिस होता है।
  • अध्ययनों से पता चला है कि बिल्हरज़िया से इन्फेक्टेड गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया हो सकता है, कम वजन वाले शिशु पैदा होते हैं और शिशु और माता की मृत्यु दर में वृद्धि हो जाती है।
  • प्लास्टेंटा और शिशुओं में स्किस्टोसोमायसिस का पता लगाया गया जिससे जन्मजात इन्फेक्शन की पुष्टि हुई है।
  • इन्फेक्टेड महिलाओं में सहज गर्भपात की दर में बढ़ोतरी हुई है|
  • प्रज़िकुंटेल से प्रारंभिक उपचार से गंभीर प्रभाव का खतरा कम हो सकता है।

स्किस्टोसोमिसिस से संबंधित सामान्य परेशानियां

  • उच्च रक्तचाप (उच्च रक्तचाप)
  • सीज़र्स
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन
  • मूत्र में रुकावट
  • अंगों की हानि और मृत्यु
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