दुनिया के सबसे पुराने धर्म हिंदू धर्म का घर भारत है जिसने इस देश को पूजा करने के लिए शानदार रचनाओं का आशीर्वाद भी दिया है जोकि कई सदियों पुरानी हैं। इन मंदिरों में से हरेक की अपनी एक  कहानी है। भले ही ये हजारों साल पुराने हैं लेकिन इन मंदिरों की वास्तुकला शानदार है|

भारत के 7 सबसे पुराने मंदिर

1. मुंडेश्वरी देवी मंदिर

बिहार में स्थित मुंडेश्वरी देवी मंदिर को भारत का सबसे पुराना मंदिर कहा जाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (आर्कियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार यह मंदिर 625 सी.ई में साका युग में बनाया गया था। यह एक दुर्लभ अष्टकोणीय संरचना (ओक्टागनल स्ट्रक्चर) है। इसे नगरा वास्तुशिल्प का एक बेहतरीन नमूना माना जाता है। यहाँ पर यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय रामनवमी और शिवरात्रि के दौरान होता है।

यहाँ पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका पहले वाराणसी की उड़ान और फिर मुंडेश्वरी के लिए टैक्सी लेना है। अच्छी और कम कीमतों पर आसानी से कार किराए पर लेने के लिए उबर प्रोमो कोड का उपयोग करें।

2. सुब्रह्मण्य मंदिर, सलुवनकपम

2004 की सुनामी जब तमिलनाडु तट से टकराई तो सुब्रह्मण्य मंदिर का पता लगाया गया। माना जाता है कि यह मंदिर पूरे राज्य में सबसे पुराना और देवता मुरुगन को समर्पित है। यह दो संरचनाओं की वास्तुशिल्प शैलियों का मेल है। एक तो नौवी शताब्दी के पल्लव युग और दूसरा आठवीं शताब्दी के युग का संगम है।

3. कैलासा मंदिर

यह मंदिर महाराष्ट्र के एलोरा में मौजूद भारत के सबसे बड़े चट्टानों वाले मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण पल्लव युग जैसा दिखाई देता है। ऐसा माना जाता है कि यह एक ही चट्टान से बना हुआ है। यह मंदिर 8वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास बनाया गया था। मंदिर के पुल, पत्थर के मेहराब और मूर्तियाँ इसकी विशेषता हैं जोकि एक ही चट्टान पर बनी नक्काशी के लिए जाना जाता है।

एलोरा को बस ली जा सकती है जो निकटतम हवाई अड्डे औरंगाबाद से लगभग 100 कि.मी दूर है। आप पेटीऍम बस ऑफर्स का उपयोग करके टिकट बुक करें और सबसे सस्ता बस किराया पायें|

4. सोमनाथ मंदिर

गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है और भगवान शिव को समर्पित है। 7वीं शताब्दी में सवना राजवंश द्वारा बनाया गया यह मंदिर कई बार नष्ट किया गया और कई बार बनाया गया| मोहम्मद गजनी इसके विनाश के लिए इतिहास में सबसे प्रसिद्ध व्यक्ति रहा है।

अहमदाबाद पहुंचने के बाद सोमनाथ की बस लें। अभिबस ऑफर कोड का प्रयोग करके अपनी यात्रा को किफायती बना सकते हैं|

5. केदारनाथ मंदिर

बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक केदारनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि 8वीं शताब्दी ईस्वी में दुबारा बनाया गया था। मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल या टट्टू पर 14 कि.मी का ट्रेक पार करना पड़ता है।

6. भादेशदेश्वर मंदिर

यह मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में स्थित है और अपनी वास्तुकला, मूर्तिकला और अन्य कलाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह एक विशेष मंडप है जिस पर नंदी बैल खड़ा है, एक बड़ा हॉल और एक पोर्टिको है। इस मुख्य मंदिर की छत 66 मी. ऊंची है। यह 1002 ईस्वी में राजा राजराज चोल ने बनाया था। यह आर्किटेक्चर द्रविड़ शैली में बनी संरचनाओं में से एक है।

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7. तुंगनाथ मंदिर

उत्तराखंड के पंच केदार में तुंगनाथ मंदिर सबसे अधिक ऊंचाई पर है और यह दुनिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर भी है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 3680 मीटर है। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम ने रावण को मारकर ब्रह्म हत्या के अभिशाप से खुद को मुक्त करने के लिए यहां ध्यान किया था| यह मंदिर इतना छोटा है कि यहाँ केवल एक बार में 10 लोग ही बैठ सकते हैं|

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