चेहरा धोने के थोड़ी देर बाद ही स्किन खिंची-खिंची लगने लगे, गाल रूखे दिखें या फिर दोपहर तक चेहरा बहुत oily हो जाए, तो हो सकता है आपका मौजूदा moisturiser आपकी skin की जरूरतों के हिसाब से सही न हो।
Moisturiser सिर्फ dry skin के लिए नहीं होता। Oily और combination skin को भी hydration की जरूरत होती है। फर्क बस इतना है कि dry skin को rich cream बेहतर सूट कर सकती है, जबकि oily skin के लिए lightweight gel या oil-free formula ज्यादा comfortable रहता है।
सही moisturiser चुनते समय सिर्फ brand या price देखना काफी नहीं है। Skin type, ingredients, texture और मौसम ज्यादा मायने रखते हैं। कई बार ₹300 का सही product आपकी skin के लिए ₹2,000 की गलत cream से बेहतर काम कर सकता है।
इस guide में हमने भारत में आसानी से मिलने वाले 10 face moisturisers को skin type, texture, key ingredients और use case के हिसाब से compare किया है। साथ ही, आगे आपको यह भी मिलेगा कि अपनी skin type कैसे समझें, label पर क्या देखें और किस तरह का moisturiser आपके लिए बेहतर हो सकता है।
मॉइस्चराइज़र असल में करता क्या है
मॉइस्चराइज़र का काम सिर्फ स्किन को नमी देना नहीं है। उतना ही बड़ा काम उस नमी को चेहरे पर टिकाए रखना भी है।
इसे ऐसे समझिए। चेहरे पर पानी या गुलाबजल छिड़किए तो पांच मिनट के लिए अच्छा लगता है, और फिर स्किन पहले से भी ज़्यादा खिंची हुई महसूस होती है। वजह ये है कि पानी बिना किसी रोक-टोक के भाप बनकर उड़ जाता है, और जाते-जाते स्किन की अपनी नमी भी साथ ले जाता है। मॉइस्चराइज़र यही रिसाव रोकता है।
आपकी स्किन की सबसे ऊपरी परत ईंट और सीमेंट की दीवार जैसी है। स्किन सेल्स ईंटें हैं और उनके बीच का लिपिड (सेरामाइड्स, कोलेस्ट्रॉल, फैटी एसिड) सीमेंट। जब ये सीमेंट कमज़ोर पड़ता है, नमी भाप बनकर उड़ने लगती है और बाहर की धूल, प्रदूषण और केमिकल अंदर घुसने लगते हैं। नतीजा: खिंचाव, लालिमा, खुजली और वो जलन जो हर नए प्रोडक्ट पर होती है।
एक अच्छा मॉइस्चराइज़र तीन तरह की चीज़ों से मिलकर बनता है:
- ह्यूमेक्टेंट हवा और स्किन की गहरी परतों से नमी खींचकर ऊपर ले आती है। जैसे ग्लिसरीन, हायलूरोनिक एसिड, पैंथेनॉल।
- इमोलिएंट्सलिएंट स्किन की दरारों को भरकर उसे चिकना और मुलायम बनाते हैं। जैसे स्क्वालेन, फैटी अल्कोहल, सेरामाइड्स।
- ऑक्लूसिव ऊपर एक पतली परत बनाकर नमी को लॉक कर देता है। जैसे पेट्रोलैटम, डाइमेथिकोन।
इसीलिए हल्के जेल और गाढ़ी क्रीम में फर्क होता है। जेल में ह्यूमेक्टेंट ज़्यादा होते हैं, जबकि क्रीम में इमोलिएंट और ऑक्लूसिव होते हैं।ऑक्लूसिव। ऑयली स्किन को पहला चाहिए, और ड्राई स्किन को दूसरा।
पहले ये तय करें: आपकी स्किन टाइप क्या है
घर पर एक आसान टेस्ट है, जिसे करने में आधा घंटा लगता है।
चेहरा किसी माइल्ड फेस वॉश से धोइए। तौलिए से रगड़िए मत, बस थपथपाकर सुखाइए। अब अगले 30 मिनट तक चेहरे पर कुछ भी मत लगाइए, न टोनर, न सीरम, न क्रीम। फिर आईने में ध्यान से देखिए।
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आधे घंटे बाद क्या दिख रहा है |
स्किन टाइप |
आपको क्या चाहिए |
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खिंचाव महसूस हो रहा है, गाल रूखे और मैट लग रहे हैं |
ड्राई |
सेरामाइड वाली रिच क्रीम |
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पूरा चेहरा चमक रहा है, टिशू लगाने पर तेल आ रहा है |
ऑयली |
ऑयल-फ्री जेल या जेल-क्रीम |
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माथा और नाक चमक रही है, गाल नॉर्मल या रूखे हैं |
कॉम्बिनेशन |
हल्की लोशन या जेल-क्रीम |
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हल्की लालिमा, जलन या चुभन आ गई है |
सेंसिटिव |
फ्रैगरेंस-फ्री, कम इंग्रेडिएंट वाला फॉर्मूला |
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कुछ खास नहीं हुआ, चेहरा आरामदायक लग रहा है |
नॉर्मल |
कोई भी बैलेंस्ड डेली मॉइस्चराइज़र |
एक बात याद रखिए। स्किन टाइप ज़िंदगी भर एक जैसा नहीं रहता। सर्दियों में ऑयली स्किन भी कॉम्बिनेशन जैसी बर्ताव कर सकती है, और गर्मियों में ड्राई स्किन वालों को भी हल्का प्रोडक्ट चाहिए होता है। साल में दो बार ये टेस्ट दोहरा लेना समझदारी है
भारत के 10 बेस्ट फेस मॉइस्चराइज़र: विस्तार से
CeraVe Moisturising Cream

एक लाइन में: कमज़ोर स्किन बैरियर को दोबारा खड़ा करने के लिए इस लिस्ट का सबसे भरोसेमंद विकल्प।
अगर आपकी स्किन हर दूसरे हफ्ते किसी न किसी प्रोडक्ट पर रिएक्ट कर जाती है, तो असली दिक्कत प्रोडक्ट्स की नहीं, उस टूटी हुई दीवार की है जिसकी बात हमने ऊपर की। CeraVe ठीक इसी एक काम के लिए बना है।
इसमें क्या है: तीन ज़रूरी सेरामाइड्स (NP, AP, EOP), हायलूरोनिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, पेट्रोलैटम और डाइमेथिकोन। ये कॉम्बिनेशन सिर्फ नमी नहीं देता, बल्कि स्किन की ऊपरी परत की बनावट को दोबारा जोड़ता है। इसकी खास MVE टेक्नोलॉजी में फॉर्मूला एक साथ रिलीज़ नहीं होता, बल्कि घंटों में धीरे-धीरे छूटता रहता है, इसलिए असर लंबा चलता है।
लगाने पर कैसा लगता है: टेक्सचर गाढ़ा और मलाईदार है, लेकिन फैलाने पर हैरानी की हद तक जल्दी सोख जाता है। ऊपर तेल जैसी चमकदार परत नहीं छोड़ता। कोई खुशबू नहीं है, इसलिए नाक को कुछ नहीं महसूसहीं होगा।
किसके लिए सही है: ड्राई से लेकर बहुत ड्राई स्किन। एक्ज़िमा या डर्मेटाइटिस की पुरानी शिकायत। रेटिनॉल, AHA या BHA इस्तेमाल करने वाले लोग, जिनकी स्किन ट्रीटमेंट की वजह से रूखी हो जाती है। सर्दियों की रात का रूटीन।
किसके लिए नहीं: अगर आपकी स्किन बहुत ऑयली है और आप दिल्ली की उमस भरी जुलाई में इसे दिन में लगाएंगे, तो चेहरा भारी लगेगा। ऐसे में इसे सिर्फ रात के लिए रखिए।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: नहाने के तुरंत बाद, जब स्किन हल्की नम हो, तब लगाइए। असर काफी बढ़ जाता है।
NIVEA Soft Gel Moisturiser

एक लाइन में: उन लोगों के लिए जिन्हें “क्रीम” शब्द सुनते ही चिपचिपाहट याद आती है।
NIVEA का ये नया वर्ज़न पुरानी NIVEA Soft की ही अगली कड़ी है, लेकिन फॉर्मेट पूरी तरह बदल दिया गया है।
इसमें क्या है: हायलूरोनिक एसिड और नियासिनामाइड, सीरम-इन्फ्यूज़्ड जेल फॉर्मेट में। हायलूरोनिक एसिड नमी पकड़कर रखता है और नियासिनामाइड स्किन बैरियर के साथ-साथ टेक्सचर पर भी काम करता है। ब्रांड का दावा है कि हाइड्रेशन 100 घंटे तक बना रहता है और फॉर्मूला स्किन की 10 परतों तक पहुंचता है।
लगाने पर कैसा लगता है: पानी जैसा हल्का जेल, जिसे फैलाने के लिए ज़्यादा रगड़ना नहीं पड़ता। दो-तीन सेकंड में सोख जाता है और ऊपर कोई चिपचिपी परत नहीं छोड़ता। इसके बाद सनस्क्रीन या मेकअप लगाइए तो वो बिना लच्छे बने, एकसार फैलता है।
किसके लिए सही है: नॉर्मल से कॉम्बिनेशन स्किन के लिए। कॉलेज और ऑफिस जाने वाले लोगों को जिन्हें सुबह जल्दी में कुछ हल्का चाहिए। गर्मी और उमस वाला मौसम।
किसके लिए नहीं: अगर स्किन पर पपड़ी उतर रही है या सर्दियों में गाल फट जाते हैं, तो ये अकेला काफी नहीं पड़ेगा।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: ड्राई स्किन वाले इसे पहले लगाकर, ऊपर से एक रिच क्रीम की पतली परत लगा सकते हैं। दोनों साथ अच्छा काम करते हैं।
Himalaya Nourishing Skin Cream (200ml)

एक लाइन में: सबसे कम पैसे में सबसे ज़्यादा मात्रा, और दशकों का भरोसा।
ये वो क्रीम है जो शायद आपकी मम्मी के ड्रेसिंग टेबल पर भी रही होगी। बाज़ार में हर साल दर्जनों नए ब्रांड आने के बाद भी ये आज तक उसी तरह बिक रही है, और इसकी वजह सिर्फ पुरानी यादें नहीं हैं। रूखी स्किन के लिए ये आज भी काम करती है।
इसमें क्या है: एलोवेरा, विंटर चेरी (अश्वगंधा) और खीरे जैसे हर्बल एक्सट्रैक्ट, जो रूखी स्किन को शांत करते हैं और उसे मुलायम बनाते हैं। फॉर्मूला सीधा-सादा है, कोई भारी-भरकम एक्टिव नहीं।
लगाने पर कैसा लगता है: गाढ़ी, नॉन-ग्रीसी क्रीम जो थोड़ी देर में पूरी तरह सोख जाती है। हल्की हर्बल खुशबू है। 200ml की बड़ी जार आती है, इसलिए एक डिब्बा महीनों चलता है।
किसके लिए सही है: ड्राई स्किन, समें रोज़ का इस्तेमाल, और तंग बजट। चेहरे के अलावा हाथ, कोहनी, घुटने और एड़ियों पर भी बेझिझक लगा सकते हैं। पूरे परिवार के लिए एक ही डिब्बा काफी है।
किसके लिए नहीं: एक्टिव एक्ने वाली स्किन। खुशबू मौजूद है, इसलिए बहुत सेंसिटिव स्किन वालों को पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: सर्दियों में इसे नहाने के बाद, गीले शरीर पर लगाइए। पूरे दिन खिंचाव नहीं होगा।
POND’S Light Moisturiser (Cera-Hyamino)

एक लाइन में: रोज़ाना बिना सोचे-समझे लगाने वाला सबसे संतुलित विकल्प, जो लगभग हर स्किन टाइप पर सूट करता है।
POND’S ने अपने पुराने लाइट मॉइस्चराइज़र को नए फॉर्मूले के साथ दोबारा पेश किया है, और इस बार इंग्रेडिएंट लिस्ट पहले से काफी बेहतर है।
इसमें क्या है: Cera-Hyamino नाम का कॉम्प्लेक्स, जो तीन चीज़ों को जोड़ता है। प्रो-सेरामाइड्स स्किन बैरियर मज़बूत करते हैं। माइक्रो-हायलूरोनिक सामान्य हायलूरोनिक एसिड से छोटा होता है, इसलिए गहराई तक हाइड्रेशन पहुंचाता है। GAP अमीनो नमी को पूरे चेहरे पर समान रूप से बांटने में मदद करते हैं। ब्रांड का दावा है कि 72 घंटे में स्किन 3 गुना ज़्यादा सॉफ्ट महसूस होती है और रूखेपन की मरम्मत 5 गुना तेज़ होती है।
लगाने पर कैसा लगता है: हल्की, फैलने में आसान क्रीम जो चिपकती नहीं है। लगाते ही रूखापन कम महसूस होता है। 100ml, 200ml और 300ml तीनों साइज़ में मिलती है।
किसके लिए सही है: सभी स्किन टाइप। खास तौर पर वो लोग जो एक ही प्रोडक्ट सालभर इस्तेमाल करना चाहते हैं और बार-बार बदलने के झंझट में नहीं पड़ना चाहते। पूरे परिवार के लिए भी ठीक।
किसके लिए नहीं: अगर आपका मकसद ब्राइटनिंग, एंटी-एजिंग या एक्ने कंट्रोल है, तो ये उसके लिए नहीं बना है। ये सीधा-सादा हाइड्रेशन वाला प्रोडक्ट है।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: चेहरे के साथ हाथों पर भी लगाइए। बड़ी बोतल इसी हिसाब से बनी है।
Cetaphil Moisturising Cream (80g)

एक लाइन में: जब स्किन हर चीज़ पर लाल हो जाती है, तब ये सबसे सुरक्षित दांव है।
Cetaphil में जानबूझकर ऐसा कुछ भी नहीं डाला गया जो स्किन को उकसाए। न खुशबू, न तेज़ एक्टिव, न रंग। सेंसिटिव स्किन के लिए यही सबसे बड़ी खूबी है, क्योंकि जितनी कम चीज़ें होंगी, रिएक्शन की आशंका उतनी कम रहेगी। भारत में डर्मेटोलॉजिस्ट अक्सर रिएक्टिव स्किन के लिए यही सुझाव देतेझाते हैं।
इसमें क्या है: कोई खुशबू नहीं, कोई एक्टिविटीक्टिव नहीं। बस ग्लिसरीन, इमोलिएंट और ऑक्लूसिव का एक गाढ़ा मिश्रण जो नमी को मज़बूती से लॉक करता है। नॉन-कॉमेडोजेनिक और हाइपोएलर्जेनिक टेस्टेड है।
लगाने पर कैसा लगता है: रिच और गाढ़ा, लेकिन ग्रीस जैसी परत नहीं छोड़ता। थोड़ी मात्रा दूर तक जाती है, इसलिए 80g की छोटी ट्यूब भी लंबी चलती है। ट्रैवल और ऑफिस बैग के लिए साइज़ एकदम सही है।
किसके लिए सही है: सेंसिटिव, रिएक्टिव या डर्मेटाइटिस-प्रोन स्किन। किसी ट्रीटमेंट या प्रोसीजर के बाद की रिकवरी। ऐसे लोग जिनकी स्किन खुशबू और एसेंशियल ऑयल पर तुरंत लाल हो जाती है।
किसके लिए नहीं: ऑयली स्किन वालों को ये दिन के वक्त भारी लगेगा। साथ ही ये किसी खास समस्या (दाग, एक्ने, झुर्रियां) को टारगेट नहीं करता।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: कोई नया एक्टिव (रेटिनॉल या एक्ने क्रीम) शुरू करने से एक हफ्ते पहले सिर्फ यही लगाइए। अगर स्किन पहले से शांत होगी, तो नया प्रोडक्ट को सहने की उसकी क्षमता बेहतर होगी।
Bioderma Atoderm Crème (200g)

एक लाइन में: बहुत रूखी और खुजली वाली स्किन के लिए इस लिस्ट का सबसे गंभीर विकल्प।
अगर आपकी स्किन सर्दियों में सिर्फ रूखी नहीं होती, बल्कि खुजली, जलन और कभी-कभी खरोंच तक पहुंच जाती है, तो आपको एक साधारण मॉइस्चराइज़र से ज़्यादा की ज़रूरत है।
इसमें क्या है: विटामिन PP (नियासिनामाइड), ग्लिसरीन और स्किन-फ्रेंडली लिपिड्स का फ्रेंच फार्मेसी फॉर्मूला, जो Skin Barrier Therapy पर आधारित है। ये स्किन की खोई हुई चिकनाई वापस लाता है और उस चक्र को तोड़ने में मदद करता है जिसमें रूखापन खुजली बढ़ाता है और खुजलाने से स्किन और रूखी हो जाती है। फ्रैगरेंस-फ्री है और एटॉपिक स्किन पर भी टेस्ट किया गया है।
लगाने पर कैसा लगता है: रिच लेकिन हैरानी की बात ये है कि भारी नहीं लगता। सोखने के बाद स्किन आरामदायक महसूस होती है, चिपचिपी नहीं लगती। 200g की पंप बॉटल आती है, जो इस्तेमाल में साफ-सुथरी रहती है।
किसके लिए सही है: बहुत ड्राई, एटॉपिक या खुजली वाली स्किन। चेहरे और शरीर दोनों पर। ठंडी और सूखी सर्दियों में रहने वाले लोग।
किसके लिए नहीं: नॉर्मल या ऑयली स्किन वालों के लिए ये ओवरकिल है। कीमत भी बाकी लिस्ट से काफी ज़्यादा है, इसलिए हल्की ड्राईनेस के लिए इतना खर्च करने की ज़रूरत नहीं है।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: नहाने के 3 मिनट के अंदर लगाइए। इसी विंडो में स्किन सबसे ज़्यादा नमी सोखती है।
RE’EQUIL Oil-Free Moisturiser

एक लाइन में: ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन को हाइड्रेशन देता है, लेकिन चेहरे पर एक बूंद तेल जोड़े बिना।
ऑयली स्किन वालों की सबसे आम शिकायत यही होती है कि मॉइस्चराइज़र लगाते ही चेहरा और भी चिपचिपा हो जाता है। RE’EQUIL ने अपना पूरा फॉर्मूला इसी एक समस्या के इर्द-गिर्द बनाया है।
इसमें क्या है: पूरी तरह ऑयल-फ्री बेस, जिसमें हाइड्रेशन का काम ग्लिसरीन और सोडियम हायलूरोनेट करते हैं। कोई तेल, कोई खुशबू और कोई भारी सिलिकॉन नहीं। नॉन-कॉमेडोजेनिक और डर्मेटोलॉजिकली टेस्टेड है।
लगाने पर कैसा लगता है: जेल जैसा हल्का, और सोखने के बाद हल्का मैट फिनिश छोड़ता है। मतलब चेहरा हाइड्रेटेड लगता है लेकिन चमकता नहीं। सनस्क्रीन और मेकअप इसके ऊपर बहुत अच्छे से बैठते हैं।
किसके लिए सही है: ऑयली, कॉम्बिनेशन और एक्ने-प्रोन स्किन। बेंज़ॉयल पेरोक्साइड, सैलिसिलिक एसिड या रेटिनॉइड इस्तेमाल करने वाले लोग, जिनकी स्किन ट्रीटमेंट से रूखी हो जाती है लेकिन तेल बर्दाश्त नहीं होता।
किसके लिए नहीं: ड्राई स्किन वालों के लिए इसका हाइड्रेशन हल्का पड़ेगा। पैक भी छोटा आता है, इसलिए प्रति ग्राम कीमत ज़्यादा बैठती है।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: एक्ने ट्रीटमेंट लगाने के 15 से 20 मिनट बाद इसे लगाइए। इतने समय में ट्रीटमेंट परमें बैठ जाता है और उसका असर हल्का नहीं पड़ता।
Lotus Herbals WhiteGlow Gel Crème (SPF 20 PA+++)

एक लाइन में: सुबह के रूटीन में एक स्टेप कम करने वाला 2-इन-1 विकल्प।
ये उन लोगों के लिए बना है जो सुबह जल्दी में होते हैं और अलग-अलग प्रोडक्ट लगाने का सब्र नहीं रखते।
इसमें क्या है: मिल्क एंज़ाइम्स, मलबरी एक्सट्रैक्ट और सैक्सीफ्रेज एक्सट्रैक्ट, जो डलनेस और असमान रंगत पर काम करते हैं। साथ में SPF 20 PA+++ भी मिला हुआ है, यानी रोज़मर्रा की हल्की धूप के लिए बेसिक कवरेज मिल जाता है।
लगाने पर कैसा लगता है: जेल-क्रीम का हल्का टेक्सचर जो जल्दी सोख जाता है। SPF वाली ज़्यादातर क्रीम की तरह ये चेहरे पर सफेदी नहीं छोड़ता। सांवली रंगत पर शुरू के कुछ सेकंड हल्का सफेद असर दिख सकता है, लेकिन अच्छी तरह फैलाने पर वो चला जाता है।
किसके लिए सही है: नॉर्मल से ऑयली स्किन। ऑफिस जाने वाले लोग जो ज़्यादातर समय अंदर रहते हैं। ऐसे लोग जिनकी शिकायत मुख्य रूप से डलनेस है।
किसके लिए नहीं: अगर आप दिन में कई घंटे बाहर रहते हैं, तो SPF 20 काफी नहीं है। साथ ही, बहुत सेंसिटिव स्किन वालों को इसकी खुशबू खटक सकती है।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: इसे असली सनस्क्रीन का रिप्लेसमेंट मत मानिए। लंबे समय बाहर रहना हो तो ऊपर से SPF 50 वाली सनस्क्रीन ज़रूर लगाइए।
Garnier Vitamin C Fresh & Bright Sorbet Cream

एक लाइन में: डल स्किन के लिए सबसे हल्का और सबसे किफायती ग्लो बूस्टर।
नाम में “सॉर्बे” इसीलिए है क्योंकि टेक्सचर सच में बर्फ जैसा हल्का और ठंडा महसूस होता है।
इसमें क्या है: 4.5% विटामिन C, हायलूरोनिक एसिड, नियासिनामाइड और BHA। विटामिन C डलनेस और दाग-धब्बों पर काम करता है, नियासिनामाइड टेक्सचर सुधारता है और तेल कंट्रोल करता है, BHA पोर्स साफ रखने में मदद करता है। ब्रांड का दावा है कि टेक्सचर सामान्य क्रीम से 9 गुना हल्का है, हाइड्रेशन 48 घंटे तक रहता है और 7 दिन में दाग-धब्बे कम दिखने लगते हैं। फॉर्मूला ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक है।
लगाने पर कैसा लगता है: लगाते ही हल्की ठंडक महसूस होती है और सेकंडों में सोख लेती है। कोई चिपचिपाहट नहीं, कोई भारीपन नहीं। 45g की छोटी ट्यूब में आता है।
किसके लिए सही है: ऑयली स्किन के लिए कॉम्बिनेशन। डल और थकी हुई दिखने वाली रंगत। गर्मी और उमस वाला मौसम, जब कोई भी गाढ़ी चीज़ बर्दाश्त नहीं होती।
किसके लिए नहीं: बहुत सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को विटामिन C और BHA का ये कॉम्बिनेशन चुभ सकता है। ड्राई स्किन के लिए हाइड्रेशन हल्का पड़ेगा।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: अगर दिन में लगा रहे हैं तो ऊपर सनस्क्रीन ज़रूर लगाइए। विटामिन C बिना सन प्रोटेक्शन के अपना आधा फायदा गंवा देता है।
Minimalist Vitamin B5 10% Moisturiser

एक लाइन में: साफ लेबल, सही परसेंटेज और कोई फालतू दावा नहीं।
Minimalist का पूरा तरीका ही यही है। कम इंग्रेडिएंट्स, पैकेट पर साफ-साफ लिखा हुआ परसेंटेज, और कोई भारी-भरकम मार्केटिंग भाषा नहीं।
इसमें क्या है: 10% विटामिन B5 (पैंथेनॉल), जो स्किन को शांत करता है, जलन कम करता है और नमी बांधकर रखता है। साथ में हायलूरोनिक एसिड का सपोर्ट। न खुशबू, न एसेंशियल ऑयल, न रंग।
लगाने पर कैसा लगता है: जेल-क्रीम जैसी हल्की बनावट जो तेज़ी से सोख जाती है और चेहरे पर कोई चिपचिपाहट नहीं छोड़ती। सोखने के बाद स्किन आरामदायक लगती है, भारी नहीं लगती।
किसके लिए सही है: ऑयली, एक्ने-प्रोन और सेंसिटिव स्किन के लिए। रेटिनॉल, एक्ने ट्रीटमेंट या एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करने वाले लोग, जिनकी स्किन को शांत करने वाली चीज़ चाहिए। वो लोग भी जिन्हें खुशबू से दिक्कत होती है।
किसके लिए नहीं: सर्दियों में ड्राई स्किन वालों को इसके ऊपर एक रिच क्रीम लगानी ही पड़ेगी। ये अकेला बहुत रूखी स्किन के लिए काफी नहीं है।
बेहतर इस्तेमाल के लिए: अगर आपने कोई नया एक्टिव शुरू किया है और स्किन जल रही है, तो कुछ दिन सिर्फ यही लगाइए। ये रिकवरी में मदद करता है।
एक नज़र में पूरी तुलना
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मॉइस्चराइज़र |
किसके लिए सबसे सही |
टेक्सचर |
मुख्य इंग्रेडिएंट |
कीमत का स्तर |
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CeraVe Moisturising Cream |
ड्राई, कमज़ोर बैरियर |
रिच क्रीम |
3 सेरामाइड्स, HA |
मध्यम |
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NIVEA Soft Gel |
नॉर्मल से कॉम्बिनेशन |
जेल |
HA, नियासिनामाइड |
किफायती |
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Himalaya Nourishing Cream |
ड्राई, बजट खरीदार |
हेवी क्रीम |
एलोवेरा, विंटर चेरी |
बहुत किफायती |
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POND’S Light Moisturiser |
सभी स्किन टाइप |
लाइट क्रीम |
Cera-Hyamino |
किफायती |
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Cetaphil Moisturising Cream |
सेंसिटिव, रिएक्टिव |
रिच क्रीम |
ग्लिसरीन, इमोलिएंट |
मध्यम |
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Bioderma Atoderm Crème |
बहुत ड्राई, खुजली वाली |
रिच क्रीम |
विटामिन PP, लिपिड्स |
प्रीमियम |
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RE’EQUIL Oil-Free |
ऑयली, एक्ने-प्रोन |
जेल |
ग्लिसरीन, HA |
मध्यम |
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Lotus WhiteGlow Gel Crème |
नॉर्मल से ऑयली |
जेल-क्रीम |
मलबरी, SPF 20 |
किफायती |
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Garnier Vitamin C Sorbet |
डल, ऑयली स्किन |
सॉर्बे जेल |
4.5% विटामिन C, BHA |
किफायती |
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Minimalist Vitamin B5 10% |
ऑयली, सेंसिटिव |
जेल-क्रीम |
10% पैंथेनॉल |
मध्यम |
लगाने का सही तरीका
कदम 1: माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोइए और तौलिए से थपथपाकर सुखा लीजिए। रगड़िए मत।
कदम 2: चेहरा पूरी तरह सूखने का इंतज़ार मत कीजिए। जब स्किन हल्की नम हो, तभी मॉइस्चराइज़र लगाइए। इससे नमी अंदर लॉक हो जाती है और असर काफी बढ़ जाता है।
कदम 3: मटर के दाने जितनी मात्रा काफी है। इसे माथे, दोनों गालों, नाक और ठोड़ी पर 5 डॉट्स में रखिए।
कदम 4: उंगलियों से हल्के हाथ को ऊपर की तरफ फैलाइए। खींचिए मत।
कदम 5: गर्दन को मत भूलिए। उम्र का असर सबसे पहले वहीं दिखता है, और ज़्यादातर लोग वहीं सबसे ज़्यादा लापरवाही करते हैं।
सुबह का क्रम
फेस वॉश, फिर सीरम (अगर लगाते हैं), फिर मॉइस्चराइज़र, फिर सनस्क्रीन। सनस्क्रीन हमेशा सबसे आखिर में आती है।
रात का क्रम
फेस वॉश, फिर ट्रीटमेंट (रेटिनॉल या एक्ने क्रीम, अगर लगाते हैं), फिर मॉइस्चराइज़र। आम नियम ये है कि पतले टेक्सचर से गाढ़े टेक्सचर की तरफ बढ़िए।
लेबल पर ये 8 चीज़ें देखना सीख लीजिए
प्रोडक्ट के पीछे लिखी लिस्ट डराती ज़रूर है, लेकिन काम की बातें गिनी-चुनी हैं।
- सेरामाइड्स: स्किन की दीवार का सीमेंट। कमज़ोर, रिएक्टिव या बार-बार जलन करने वाली स्किन के लिए सबसे काम की चीज़।
- हायलूरोनिक एसिड: नमी खींचकर रोकने वाला ह्यूमेक्टेंट। हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित, लेकिन अकेले काफी नहीं। ऊपर कुछ ऐसा चाहिए जो इसे लॉक करे।
- नियासिनामाइड (विटामिन B3): ऑलराउंडर। बैरियर मज़बूत करता है, तेल कंट्रोल करता है, पोर्स और दाग-धब्बों पर भी असर दिखाता है।
- ग्लिसरीन: सबसे सस्ता और सबसे भरोसेमंद ह्यूमेक्टेंट। सस्ती क्रीम में ऊपर दिखे तो ये अच्छी खबर है।
- पैंथेनॉल (विटामिन B5): यह जलन शांत करता है और स्किन को आराम देता है। एक्ने ट्रीटमेंट या रेटिनॉल के साथ खास तौर पर काम का।
- विटामिन C: डलनेस और दाग-धब्बों पर काम करता है। दिन में इस्तेमाल करें तो ऊपर सनस्क्रीन लगाना ज़रूरी है।
- नॉन-कॉमेडोजेनिक: मतलब फॉर्मूला ऐसा है कि पोर्स बंद होने की संभावना कम है। एक्ने-प्रोन स्किन वालों के लिए ये शब्द ढूंढना ज़रूरी है।
- फ्रैगरेंस-फ्री: सेंसिटिव स्किन में जलन की सबसे आम वजहों में से एक खुशबू ही होती है। ध्यान रखिए, “अनसेंटेड” और “फ्रैगरेंस-फ्री” एक चीज़ नहीं होती।
7 आम गलतियां जो ज़्यादातर लोग करते हैं
- ऑयली स्किन पर मॉइस्चराइज़र छोड़ देना। इससे स्किन ज़्यादा तेल बनाती है और समस्या और भी बढ़ जाती है।
- एक साथ तीन नए प्रोडक्ट शुरू कर देना। अगर रिएक्शन हुआ तो पता ही नहीं चलेगा कि कसूरवार कौन था। एक बार में सिर्फ एक नई चीज़ जोड़िए और दो हफ्ते देखिए।
- बहुत ज़्यादा मात्रा लगाना। ज़्यादा क्रीम का मतलब ज़्यादा फायदा नहीं होता। ये बस सोखने में देर लगाती है और मेकअप या सनस्क्रीन को खराब कर देती है।
- हफ्ते भर में नतीजे की उम्मीद मत करना। हाइड्रेशन का फर्क पहले दिन दिखता है, लेकिन टेक्सचर और दाग-धब्बों पर असली बदलाव 4 से 6 दिनों मेंमें होता है।
- पैच टेस्ट न करना। कान के पीछे या कलाई के अंदरूनी हिस्से पर थोड़ा सा लगाकर 24 छोड़ दीजिए। ये आदत बहुत सारी परेशानियों से बचा देती है।
- SPF वाली क्रीम को सनस्क्रीन समझ लेना। SPF 20 वाला मॉइस्चराइज़र हल्के दिन के लिए ठीक है, लेकिन धूप में निकलना हो तो अलग सनस्क्रीन चाहिए।
- एक्सपायरी और खुलने के बाद की अवधि न देखना। डिब्बे पर एक छोटा जार जैसा निशान बना होता है जिसमें 6M या 12M लिखा रहता है। इसका मतलब है कि प्रोडक्ट कितने महीने तक प्रोडक्ट सुरक्षित है।
खरीदने से पहले एक छोटा सा काम
ये सारे प्रोडक्ट Amazon, Flipkart, Nykaa और Myntra जैसी साइट्स पर मिल जाते हैं, और इन तीनों-चारों जगहों पर कीमत अक्सर अलग-अलग होती है। सेल के दिनों में ये फर्क और बढ़ जाता है।
CashKaro से होकर ऑर्डर करने पर आपको स्टोर के डिस्काउंट के ऊपर एक्स्ट्रा कैशबैक मिलता है, जो सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। स्किनकेयर ऐसी चीज़ है जो हर दो से तीन महीने में दोबारा खरीदनी पड़ती है, इसलिए सालभर में ये बचत ठीक-ठाक जुड़ जाती है।
खरीदने से पहले 2 मिनट निकालिए और CashKaro पर लाइव प्राइस और कैशबैक रेट की एक बार तुलना कर लीजिए। कई बार वही प्रोडक्ट दूसरी साइट पर सस्ता मिल जाता है।
आखिर में
सबसे महंगा मॉइस्चराइज़र सबसे अच्छा नहीं होता। सबसे अच्छा वो होता है जो आपकी स्किन टाइप से मेल खाए, आपके मौसम में आरामदायक लगे, और जिसे लगाना आप रोज़ न भूलें।
तीन काम कीजिए। पहले ऊपर बताया गया 30 मिनट का टेस्ट करके अपनी स्किन टाइप पहचान लीजिए। फिर इस लिस्ट से एक प्रोडक्ट चुनिए जो उस टाइप के लिए बना हो। और फिर उसे कम से कम एक महीना ईमानदारी से दीजिए, बीच में कुछ नया जो बिना। जोड़े।
स्किनकेयर में सबसे बड़ा फर्क किसी नए प्रोडक्ट से नहीं आता। वो लगातार और सही इस्तेमाल से आता है।
Frequently Asked Question
क्या ऑयली स्किन पर भी मॉइस्चराइज़र ज़रूरी है?
हाँ। ऑयली स्किन को भी hydration चाहिए। हल्का, oil-free या non-comedogenic moisturiser बेहतर रहता है।
मॉइस्चराइज़र दिन में कितनी बार लगाना चाहिए?
आमतौर पर सुबह और रात लगाना काफी है। जरूरत के हिसाब से बीच में दोबारा भी लगा सकते हैं।
सीरम पहले लगाएं या मॉइस्चराइज़र?
पहले serum, फिर moisturiser। आमतौर पर skincare को हल्के से गाढ़े texture के क्रम में लगाया जाता है।
असर दिखने में कितना समय लगता है?
Hydration जल्दी महसूस हो सकती है, लेकिन texture या dark spots में बदलाव के लिए कई हफ्ते लग सकते हैं।
क्या एक ही मॉइस्चराइज़र चेहरे और शरीर पर लगा सकते हैं?
कुछ moisturisers face और body दोनों के लिए बने होते हैं। हमेशा product label और directions चेक करें।
क्या मॉइस्चराइज़र से एक्ने हो सकता है?
कुछ heavy formulas pores को clog कर सकते हैं। Acne-prone skin के लिए oil-free और non-comedogenic विकल्प बेहतर हैं।
क्या गर्मियों और सर्दियों में अलग मॉइस्चराइज़र चाहिए?
ज़रूरी नहीं, लेकिन मौसम के साथ skin की जरूरत बदल सकती है। गर्मियों में हल्का और सर्दियों में richer formula बेहतर लग सकता है।
नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट कैसे करें?
प्रोडक्ट को चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर कुछ दिनों तक टेस्ट करें और irritation होने पर इस्तेमाल न करें।
क्या मॉइस्चराइज़र बार-बार बदलना चाहिए?
नहीं। अगर मौजूदा product अच्छा काम कर रहा है तो बदलने की जरूरत नहीं है।
