चेहरा धोने के बाद वो पांच मिनट याद कीजिए जब त्वचा इतनी कसी हुई लगती है कि मुस्कुराने में भी अजीब महसूस होता है। गाल पर हल्की सफेद पपड़ी दिखती है, नाक के किनारे खुरदुरापन आ जाता है, और तब तक चैन नहीं मिलता जब तक कोई क्रीम न लगा लें।
ज़्यादातर लोग इसका इलाज मॉइस्चराइज़र बदलकर ढूंढते हैं। लेकिन कई बार गड़बड़ी उससे एक कदम पहले होती है, यानी फेस वॉश में।
सूखी त्वचा के लिए फेस वॉश चुनना मॉइस्चराइज़र चुनने से ज़्यादा नाज़ुक काम है। वजह सीधी है। मॉइस्चराइज़र चेहरे पर कुछ जोड़ता है, जबकि फेस वॉश कुछ हटाता है। बहुत तेज़ क्लींज़र हर बार धोने पर त्वचा की अपनी चिकनाई का कुछ हिस्सा भी साथ ले जाता है, और अक्सर पता ही नहीं चलता कि रूखापन कहां से आ रहा है।
इस गाइड में 10 फेस वॉश हैं, लेकिन इन्हें सीधी रैंकिंग की तरह मत पढ़िए। ये तीन हिस्सों में बंटे हैं। पहले हिस्से में वो हैं जो सूखी त्वचा पर रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सबसे सुरक्षित विकल्पों में गिने जाते हैं। दूसरे हिस्से में वो हैं जो टैन या रंगत पर काम करते हैं, लेकिन जिनमें एक्सफोलिएट करने वाले या जलन पैदा कर सकने वाले तत्व होते हैं। और तीसरे हिस्से में वो हैं जो तैलीय और मुंहासों वाली त्वचा के लिए बनाए गए हैं।
फेस वॉश चुनने से पहले इन 5 बातों का ध्यान रखें
- अपनी स्किन की जरूरत पहचानें
देखें कि आपकी त्वचा हमेशा सूखी रहती है, मौसम के साथ बदलती है या किसी नए प्रोडक्ट के बाद रूखी और संवेदनशील हुई है। - माइल्ड और हाइड्रेटिंग इंग्रीडिएंट्स देखें
ग्लिसरीन, सेरामाइड्स, पैंथेनॉल और नियासिनामाइड जैसे तत्व ड्राई स्किन के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। - सिर्फ “सल्फेट-फ्री” लेबल पर भरोसा न करें
सल्फेट-फ्री फेस वॉश भी हर किसी के लिए माइल्ड हो, यह जरूरी नहीं। पूरा फॉर्मूला और आपकी स्किन की प्रतिक्रिया ज्यादा मायने रखती है। - इरिटेटिंग चीजों से सावधान रहें
बहुत ज्यादा खुशबू, मोटे स्क्रब पार्टिकल्स, मेन्थॉल और त्वचा को पूरी तरह ऑयल-फ्री करने वाले क्लींज़र ड्राई या संवेदनशील त्वचा को परेशान कर सकते हैं। - कीमत के साथ मात्रा भी तुलना करें
सिर्फ बोतल की कीमत न देखें। कीमत ÷ ml करके देखें कि कौन-सा फेस वॉश वास्तव में बेहतर वैल्यू देता है।
भारत में सूखी त्वचा के लिए 10 सर्वश्रेष्ठ फेस वॉश की सूची
हिस्सा 1: रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सबसे उपयुक्त
Cetaphil Hydrating Foaming Cream Cleanser:
रोज़ इस्तेमाल के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक

छोटा जवाब: अगर आपकी त्वचा सूखी और संवेदनशील दोनों है और आप ज़्यादा उलझना नहीं चाहते, तो इस लिस्ट में यही सबसे सीधा विकल्प है।
Cetaphil भारत में सूखी और संवेदनशील त्वचा के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रांडों में से एकमें है। यहां एक बात साफ कर देनी चाहिए, क्योंकि इसके दो लोकप्रिय क्लींज़र अक्सर आपस में उलझड़ा जाते हैं। Hydrating Foaming Cream Cleanser क्रीम से फोम बनने वाला क्लींज़र है। Gentle Skin Cleanser क्रीमी और बहुत कम झाग वाला विकल्प है। दोनों सूखी से सामान्य, संवेदनशील त्वचा के लिए बनाए गए हैं, इसलिए चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपको झाग वाला एहसास चाहिए या नहीं।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: नियासिनामाइड, पैंथेनॉल और ग्लिसरीन। ग्लिसरीन धोने के दौरान नको बनाए रखने में मदद करता है। पैंथेनॉल त्वचा को शांत करता है और धोने के बाद होने वाली असुविधा को कम करता है। नियासिनामाइड बैरियर के काम में सहायक माना जाता है, हालांकि यह बहुत कम समय तक ही संपर्क में रहता है। फॉर्मूला सल्फेट-मुक्त और खुशबू-रहित है, जो संवेदनशील त्वचा के लिए राहत की बात है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: क्रीम के रूप में निकलता है और चेहरे पर हल्के फोम में बदल जाता है, यानी झाग मिलता ज़रूर है लेकिन किसी तेज़ फोमिंग जेल जैसा घना नहीं। धोने के बाद ज़्यादातर लोगों को कसाव नहीं होता और त्वचा नरम लगती है। रोज़ की गंदगी, पसीना और सामान्य सनस्क्रीन —ये सब हटा देता है। बहुत भारी मेकअप या वॉटर-रेज़िस्टेंट सनस्क्रीन के लिए पहले कोई ऑयल क्लींज़र या मिसेलर वॉटर इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।
कितने का है और कितना चलेगा: कीमत इस लिस्ट के मध्यम स्तर पर है। Cetaphil के क्लींज़र कई साइज़ में मिलते हैं, इसलिए खरीदते वक्त बड़ी बोतल की प्रति ml कीमत ज़रूर देख लीजिए, वो अक्सर काफी कम पड़ती है।
किसके लिए बना है: सूखी से सामान्य और संवेदनशील त्वचा के लिए। वो लोग जिनकी त्वचा किसी रेटिनॉल, एक्सफोलिएंट या ट्रीटमेंट के बाद परेशान चल रही है। सर्दियों के महीने, जब ज़्यादातर लोगों को हल्के क्लींज़र की ज़रूरत पड़ती है।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा बहुत तैलीय है और आपको धोने के बाद पूरी तरह तेल-मुक्त वाला एहसास चाहिए, तो शायद ये आपको अधूरा लगेगा।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: Cetaphil के कई वेरिएंट लगभग एक जैसी बोतलों में आते हैं और ऑनलाइन तस्वीरों में फर्क करना मुश्किल होता है। ऑर्डर करने से पहले बोतल पर पूरा नाम पढ़ लीजिए, क्योंकि Hydrating Foaming Cream Cleanser और Gentle Skin Cleanser दो अलग अनुभव देते हैं।
पूरा फायदा लेने का तरीका: गुनगुने पानी से धोइए। बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी तेज़ी से हटा देता है और सर्दियों में यही सबसे आम गलती है। धोने के बाद जब त्वचा हल्की नम हो, तभी मॉइस्चराइज़र लगा लीजिए।
Simple Refreshing Facial Wash Gel:
हल्के रूखेपन और रोज़ाना इस्तेमाल के लिए

छोटा जवाब: कम कीमत में एक सीधा-सादा, खुशबू-रहित जेल क्लींज़र, जो हल्के रूखेपन और संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छा शुरुआती विकल्प है।
Simple का पूरा ब्रांड इसी सोच पर खड़ा है कि जलन पैदा कर सकने वाली चीज़ें फॉर्मूले में शुरू से न डाली जाएं। कंपनी के मुताबिक इसमें कृत्रिम खुशबू, कृत्रिम रंग और अल्कोहल नहीं है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: ये साबुन-रहित और pH-संतुलित जेल है, यानी इसका pH पारंपरिक साबुन जितना क्षारीय नहीं जाता। प्रो-विटामिन B5 (पैंथेनॉल) धोने के बाद त्वचा को नरम और आरामदायक बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन E एंटीऑक्सीडेंट के रूप में जोड़ा गया है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: पारदर्शी जेल है जो हल्का झाग बनाता है। धोने के बाद ताज़गी महसूस होती है और ज़्यादातर लोगों को कसाव नहीं होता। कोई खुशबू महसूस नहीं होती, इसलिए ये उन लोगों के लिए भी ठीक बैठता है जिन्हें तेज़ महक से दिक्कत होती है।
कितने का है और कितना चलेगा: 150ml की बोतल सबसे आम है और दूसरे साइज़ भी मिलते हैं। कीमत किफायती श्रेणी में है, और बोतल के आकार की वजह से प्रति ml की कीमत इस लिस्ट में काफी कम लगती है।
किसके लिए बना है: हल्के से मध्यम रूखेपन वाली और संवेदनशील त्वचा के लिए। किशोर और वो लोग जो पहली बार कोई ढंग का फेस वॉश शुरू कर रहे हैं। ऐसी भी हैं जिन्हें खुशबू वाले प्रोडक्ट से परेशानी होती है।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा सूखी है या पपड़ी उतर रही है, तो सिर्फ इसी पर टिकने के बजाय कोई क्रीमी क्लींज़र आज़माना बेहतर रहेगा।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी गई: Simple के कई वेरिएंट बाज़ार में हैं और लोग अक्सर उलझ जाते हैं। ये वाला Refreshing है। कंपनी का एक अलग Moisturising Facial Wash भी आता है, जो खासतौर पर सूखी त्वचा के लिए बनाया गया है। अगर रूखापन ज़्यादा है तो सीधे वही देखिए, क्योंकि उसी काम के लिए बना है।
पूरा फायदा लेने का तरीका: अगर रात को कोई भारी सनस्क्रीन या मेकअप हटाना है, तो पहले कोई तेल या मिसेलर वॉटर इस्तेमाल कीजिए और उसके बाद ये। सिर्फ जेल से रगड़-रगड़कर सब हटाने की कोशिश करने से त्वचा पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है।
Mamaearth Rice Dewy Bright Face Wash:
रूखापन और फीकी रंगत दोनों साथ हों तो

छोटा जवाब: रोज़ाना इस्तेमाल के लिए बना एक माइल्ड क्लींज़र, जो नमी और रंगत दोनों की तरफ इशारा करता है।
इसका पूरा नाम Mamaearth Rice Dewy Bright Face Wash है, जिसमें राइस वॉटर और नियासिनामाइड मुख्य आकर्षण हैं। कंपनी इसे सभी स्किन टाइप के लिए बताती है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: फर्मेंटेड राइस वॉटर, ग्लिसरीन और नियासिनामाइड। ग्लिसरीन नमी बांधने में मदद करता है और नियासिनामाइड बैरियर व रंगत दोनों पर काम करने वाला तत्व माना जाता है। एक बात साफ रहनी चाहिए। फॉर्मूला सल्फेट-मुक्त ज़रूर है, लेकिन इसमें मिरिस्टिक, स्टिएरिक और लॉरिक एसिड के साथ पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड भी है, यानी सफाई का आधार साबुनीकरण वाला सिस्टम है। इसलिए सिर्फ “सल्फेट-फ्री” पढ़कर इसे Cetaphil जितना हल्का मान लेना ठीक नहीं होगा। इसमें खुशबू भी मिलाई गई है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: बनावट हल्की क्रीमी होती है और झाग ठीक-ठाक बनता है। धोने के बाद ज़्यादातर लोगों को चेहरा मुलायम लगता है और कुछ घंटों के लिए हल्की ताज़ा चमक भी नज़र आती है। खुशबू हल्की और मीठी है, जो बहुतों को पसंद आती है लेकिन बहुत संवेदनशील त्वचा वालों को परेशान कर सकती है।
कितने का है और कितना चलेगा: ये 100ml, 150ml और 200ml में मिलता है, इसलिए खरीदते वक्त प्रति ml कीमत की तुलना ज़रूर कीजिए। कीमत किफायती श्रेणी में है।
किसके लिए बना है: सामान्य से हल्की सूखी त्वचा, जिसमें रंगत की भी कमी हो। वो लोग जो रोज़ के क्लींज़र से थोड़ा ब्राइटनिंग वाला असर भी चाहते हैं लेकिन तेज़ एक्टिव से बचना चाहते हैं।
किसे छोड़ देना चाहिए: बहुत संवेदनशील त्वचा, जो खुशबू पर प्रतिक्रिया देती है। साथ ही अगर आपकी त्वचा इस वक्त परेशान है या जल रही है, तो उसे पहले शांत होने दीजिए।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: रंगत पर फेस वॉश का असर सीमित होता है, यह चेहरे पर टिकता नहीं। अगर दाग-धब्बे या पिगमेंटेशन आपकी मुख्य चिंता है, तो असली काम कोई टिकने वाला प्रोडक्ट करेगा, क्लींज़र नहीं। इसे बोनस की तरह देखिए।
पूरा फायदा लेने का तरीका: अगर आपको पहले कभी खुशबू वाले प्रोडक्ट से दिक्कत हुई है, तो शुरू करने से पहले एक छोटे हिस्से पर आज़माकर देख लीजिए। कैसे, ये आगे FAQ में लिखा है।
हिस्सा 2: टैन और रंगत के लिए, लेकिन ध्यान से
इस हिस्से के चारों क्लींज़र ब्राइटनिंग और डी-टैनिंग के लिए बनाए गए हैं। इनमें एक्सफोलिएट करने वाले या ठंडक देने वाले तत्व हो सकते हैं, जो सूखी और संवेदनशील त्वचा पर कुछ लोगों में जलन पैदा कर सकते हैं।
हमारी सलाह इस हिस्से के लिए: अगर आपकी त्वचा सूखी है, तो इन्हें रोज़ दो बार शुरू करने के बजाय कम बार से शुरू कीजिए और देखिए कि त्वचा कैसे जवाब देती है। धोने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाना मत भूलिए। और अगर त्वचा इस वक्त परेशान, लाल या फटी हुई है, तो इन्हें तब तक टाल दीजिए जब तक वो ठीक न हो जाए। ये हमारी सावधानी भरी सलाह है, ब्रांड के निर्देश अलग हो सकते हैं।
Himalaya Tan Removal Orange Face Wash:
टैन के लिए सबसे किफायती शुरुआत

छोटा जवाब: कम कीमत में मिलने वाला साबुन-रहित डी-टैन क्लींज़र, जो इस हिस्से के हिसाब से अपेक्षाकृत नरम है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: कंपनी के आधिकारिक पेज के मुताबिक इसके मुख्य तत्व संतरे का छिलका, शहद और पपेन हैं। इनमें से पपेन वो तत्व है जिसे ब्रांड मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मददगार बताता है, यानी हल्के एक्सफोलिएशन का काम मुख्य रूप से वही करता है। कंपनी इसे साबुन-रहित और त्वचा के अनुकूल pH वाला बताती है, जो इस श्रेणी में अच्छी बात है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: जेल जैसी बनावट और संतरे की साफ पहचानी जाने वाली खुशबू, जो कुछ लोगों को ताज़ा लगती है और कुछ को तेज़। झाग ठीक-ठाक बनता है और धोने के बाद चेहरा साफ लगता है।
कितने का है और कितना चलेगा: 100ml की ट्यूब सबसे आम है और छोटे-बड़े साइज़ भी मिलते हैं। यह इस लिस्ट के सबसे किफायती विकल्पों में से एक है।
किसके लिए बना है: वो लोग जिन्हें धूप की वजह से चेहरे की रंगत गहरी होने की शिकायत है और जो कम खर्च में शुरुआत करना चाहते हैं।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या खट्टे फलों के अर्क से पहले कभी जलन हुई है, तो इससे बचना बेहतर है।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: किसी भी क्लींज़र से टैन पर असर सीमित रहता है, क्योंकि वो चेहरे पर कुछ ही सेकंड रहता है। सनस्क्रीन आगे होने वाले टैन और पिगमेंटेशन को रोकने में मदद करती है, इसलिए अगर धूप की वजह से रंगत गहरी हो रही है, तो सबसे ज़्यादा फर्क रोज़ सनस्क्रीन लगाने से आएगा।
पूरा फायदा लेने का तरीका: अगर आपकी त्वचा सूखी है, तो हफ्ते में कुछ ही बार से शुरू कीजिए और धोने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाइए। बढ़ाना है तो धीरे-धीरे बढ़ाइए।
Ghar Soaps Magic Face Wash (केसर और लैक्टिक एसिड):
एक्सफोलिएशन के साथ आने वाला डी-टैन विकल्प

छोटा जवाब: इसमें लैक्टिक एसिड है, इसलिए ये इस हिस्से का सबसे ज़्यादा सोच-समझकर इस्तेमाल करने लायक प्रोडक्ट है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: कंपनी के मौजूदा आधिकारिक पेज पर इसके मुख्य तत्व केसर और लैक्टिक एसिड बताए गए हैं। लैक्टिक एसिड एक AHA है, यानी वो त्वचा की ऊपरी परत की मृत कोशिकाओं को ढीला करके हटाने में मदद करता है। सूखी त्वचा के नज़रिए से यही सबसे ज़रूरी जानकारी है, क्योंकि एक्सफोलिएट करने वाले तत्व रूखी या परेशान त्वचा पर कुछ लोगों में जलन और खिंचाव बढ़ा सकते हैं। कंपनी इसे सल्फेट और पैराबेन से मुक्त बताती है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: झाग मध्यम बनता है और धोने के बाद चेहरा साफ लगता है। संवेदनशील त्वचा वालों को शुरू में हल्की सिहरन महसूस हो सकती है, जो एक्सफोलिएट करने वाले क्लींज़र के साथ असामान्य नहीं है, लेकिन अगर जलन बनी रहे तो इस्तेमाल रोक देना चाहिए।
कितने का है और कितना चलेगा: 100ml की बोतल सबसे आम है और कीमत किफायती से मध्यम के बीच है।
किसके लिए बना है: सामान्य से मिश्रित त्वचा, जिसमें टैन और असमान रंगत की शिकायत हो और जो हल्का एक्सफोलिएशन सह लेती हो।
किसे छोड़ देना चाहिए: ज़्यादातर समय सूखी रहने वाली त्वचा, संवेदनशील त्वचा, और वो लोग जो पहले से कोई AHA या BHA वाला सीरम इस्तेमाल कर रहे हैं। एक ही समय में कई जगहों पर एक्सफोलिएशन करने पर जलन की आशंका बढ़ जाती है।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: इस ब्रांड के कई मिलते-जुलते नाम वाले प्रोडक्ट और कॉम्बो ऑनलाइन बिकते हैं, और अलग-अलग लिस्टिंग पर सामग्री सूची अलग दिख सकती है। ऑर्डर करने से पहले उसी लिस्टिंग की सामग्री सूची पढ़ लीजिए जिसे आप खरीद रहे हैं।
पूरा फायदा लेने का तरीका: नया शुरू कर रहे हैं तो हफ्ते में एक या दो बार से शुरू कीजिए, रात को इस्तेमाल कीजिए, और अगले दिन सनस्क्रीन ज़रूर लगाइए। एक्सफोलिएट करने के बाद त्वचा धूप के प्रति ज़्यादा संवेदनशील हो सकती है।
Dot & Key Vitamin C Face Wash:
रंगत के लिए, लेकिन सामग्री सूची ध्यान से पढ़िए

छोटा जवाब: इसमें काम के हाइड्रेटिंग तत्व भी हैं और ऐसे तत्व भी जो संवेदनशील त्वचा को चुभ सकते हैं, इसलिए फैसला सोच-समझकर लीजिए।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: इसमें ग्लिसरीन, नियासिनामाइड, सोडियम एस्कॉर्बिल फॉस्फेट (विटामिन C का एक स्थिर रूप), पैंथेनॉल और विटामिन E हैं। ये सब सूखी त्वचा के लिहाज़ से अच्छे तत्व हैं। लेकिन सामग्री सूची में मेन्थॉल, पेपरमिंट ऑयल, खुशबू और रंग भी शामिल हैं। ठंडक देने वाले ये तत्व ही वो वजह हैं जिनकी वजह से धोते समय ताज़गी महसूस होती है, और यही तत्व संवेदनशील या परेशान त्वचा पर कुछ लोगों में जलन पैदा कर सकते हैं। सूखी त्वचा के लिए ये सबसे ज़रूरी जानकारी है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: हल्का, ताज़ा क्लींज़र जो अच्छा झाग बनाता है। ठंडक का एहसास साफ महसूस होता है और काफी लोगों को यही इसकी सबसे पसंदीदा बात लगती है। सिट्रस वाली खुशबू भी साफ पहचानी जाती है।
कितने का है और कितना चलेगा: 100ml की बोतल सबसे आम है और कीमत मध्यम श्रेणी में है।
किसके लिए बना है: सामान्य से मिश्रित त्वचा, जिसमें फीकी रंगत या दाग-धब्बों की शिकायत हो और जो मेन्थॉल जैसे तत्व अच्छे से सह लेती हो।
किसे छोड़ देना चाहिए: संवेदनशील त्वचा और ऐसी त्वचा जो इस वक्त रूखी या परेशान हो। मेन्थॉल, पेपरमिंट ऑयल और खुशबू का साथ होना इसे इस हिस्से का सबसे ज़्यादा सोचने लायक विकल्प बनाता है।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: विटामिन C त्वचा पर टिकने वाले प्रोडक्ट में सबसे बेहतर काम करता है। क्लींज़र में इसकी मौजूदगी अच्छी है, लेकिन पिगमेंटेशन पर असली फर्क किसी सीरम से आने की संभावना ज़्यादा है।
पूरा फायदा लेने का तरीका: दिन में सनस्क्रीन लगाइए। यहां एक आम गलतफहमी दूर कर देनी चाहिए। विटामिन C अपने आप में एंटीऑक्सीडेंट है और इसे त्वचा के लिए फोटो-प्रोटेक्टिव माना जाता है, यानी वो धूप को ज़्यादा खतरनाक नहीं बनाता। सनस्क्रीन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि विटामिन C, UV सुरक्षा की जगह नहीं ले सकता।
Deconstruct Vitamin C Brightening Face Wash:
साफ लेबल और नापी हुई मात्रा

छोटा जवाब: इस हिस्से में यही अकेला ऐसा विकल्प है जो खुशबू-रहित है और जिसकी मात्रा व pH दोनों साफ लिखे हैं।
Deconstruct अपने फॉर्मूलों की मात्रा पैकेट पर लिखता है, जो भारतीय बाज़ार में अब भी कम ब्रांड करते हैं। जिन लोगों को सामग्री सूची देखकर फैसला लेना पसंद है, उनके लिए ये सुविधाजनक है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: इसमें 0.5% विटामिन C और 2% नियासिनामाइड है, और इसका pH 4.0 से 5.5 के बीच बताया गया है। सफाई का काम डेसिल ग्लूकोसाइड और सोडियम कोकोयल आइसिथियोनेट जैसे हल्के सर्फेक्टेंट करते हैं, जो सल्फेट की तुलना में नरम माने जाते हैं। ब्रांड इसे क्रीम-आधारित क्लींज़र बताता है और फॉर्मूला खुशबू-रहित है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: क्रीमी बनावट है, कोई खुशबू नहीं, और झाग सीमित मात्रा में बनता है। धोने के बाद इस श्रेणी के हिसाब से कसाव कम महसूस होता है, जो खुशबू न होने और हल्के सर्फेक्टेंट दोनों की वजह से है।
कितने का है और कितना चलेगा: कीमत मध्यम श्रेणी में है। खरीदते वक्त पैक साइज़ देखकर प्रति ml कीमत की तुलना Dot & Key वाले विकल्प से कर लीजिए, दोनों एक ही श्रेणी में आते हैं।
किसके लिए बना है: सामान्य से मिश्रित त्वचा। वो लोग जो ब्राइटनिंग वाला क्लींज़र चाहते हैं लेकिन खुशबू, मेन्थॉल और रंग से बचना चाहते हैं। इस हिस्से के चार विकल्पों में संवेदनशील त्वचा वालों के लिए ये सबसे कम चुभने वाला लगता है।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा इस वक्त बहुत रूखी या परेशान है, तो पहले हिस्सा 1 वाला कोई क्लींज़र इस्तेमाल कीजिए और स्थिति सुधरने पर इसे आज़माइए।
एक बात जो पैकेट पर नहींहींहीं लिखी: ब्रांड इसे रोज़ाना इस्तेमाल के लिए बेचता है। नीचे दी गई कम बार इस्तेमाल करने की सलाह हमारी सावधानी है, कंपनी का निर्देश नहीं। अगर आपकी त्वचा इसे अच्छे से सह लेती है, तो रोज़ इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं है।
पूरा फायदा लेने का तरीका: सूखी त्वचा पर शुरुआत कम बार से कीजिए, त्वचा की प्रतिक्रिया देखिए, और सब ठीक लगे तो धीरे-धीरे बढ़ाइए।
हिस्सा 3: तैलीय और मुंहासों वाली त्वचा के लिए बने क्लींज़र
इस हिस्से के तीनों क्लींज़र तैलीय और मुंहासों वाली त्वचा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
अगर आपकी त्वचा रूखी है और उसके साथ मुंहासे भी हैं, तो ये स्थिति असामान्य नहीं है और ऐसा हो सकता है कि इनमें से कोई प्रोडक्ट आपके काम आए। लेकिन ये भी सही है कि इनमें मौजूद एक्टिव तत्व रूखी या परेशान त्वचा पर जलन और खिंचाव बढ़ा सकते हैं। इसलिए ऐसी हालत में सबसे समझदारी भरा रास्ता ये है कि किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से पूछ लीजिए कि आपके लिए एक्टिव क्लींज़र सही है या कोई टिकने वाला ट्रीटमेंट।
CeraVe Foaming Oil-Free Cleanser:
सामान्य से तैलीय त्वचा के लिए

छोटा जवाब: फोमिंग क्लींज़र है, लेकिन सेरामाइड वाले फॉर्मूले की वजह से अपनी श्रेणी में बैरियर के लिहाज़ से बेहतर माना जाता है।
एक बात पहले साफ कर देनी चाहिए, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा लोग गलती करते हैं। CeraVe के दो क्लींज़र मिलती-जुलती बोतलों में आते हैं। ये वाला Foaming Oil-Free Cleanser है, जिसे कंपनी सामान्य से तैलीय त्वचा के लिए बताती है। सूखी त्वचा के लिए CeraVe का Hydrating Cleanser बनाया गया है, जो सामान्य से सूखी त्वचा के लिए उपयुक्त है। ऑर्डर करने से पहले बोतल पर पूरा नाम पढ़ लीजिए।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: तीन ज़रूरी सेरामाइड्स, नियासिनामाइड और हायलूरोनिक एसिड। सेरामाइड्स की मौजूदगी इसे बाकी फोमिंग क्लींज़र से अलग बनाती है, और कंपनी का कहना है कि ये त्वचा को ज़रूरत से ज़्यादा नहीं छीनता। फॉर्मूला खुशबू-रहित और नॉन-कॉमेडोजेनिक है।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: झाग बनता है और चेहरा अच्छी तरह साफ लगता है। तैलीय त्वचा वालों को ये एहसास संतोषजनक लगता है। जिनकी त्वचा रूखी है, उनमें से कई लोगों को इसके बाद कसाव महसूस हो सकता है, हालांकि ये हर किसी के साथ नहीं होता।
कितने का है और कितना चलेगा: CeraVe की बोतलें अपेक्षाकृत बड़ी आती हैं और पंप के साथ मिलती हैं। कीमत इस लिस्ट के ऊपरी मध्यम स्तर पर है, लेकिन बोतल के आकार की वजह से प्रति ml ये उतनी महंगी नहीं पड़ती जितनी MRP देखकर लगती है।
किसके लिए बना है: सामान्य से तैलीय त्वचा के लिए। वो लोग जिन्हें भारी सनस्क्रीन या मेकअप हटाने के लिए थोड़ा मज़बूत क्लींज़र चाहिए।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा इस वक्त रूखी या परेशान है, तो इसकी जगह हिस्सा 1 वाला कोई विकल्प बेहतर रहेगा।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: नाम की वजह से बहुत से लोग मान लेते हैं कि CeraVe का हर प्रोडक्ट सूखी त्वचा के लिए है, और गलत बोतल घर ले आते हैं। ये गलती इतनी आम है कि इसे दोहराना पड़ रहा है।
पूरा फायदा लेने का तरीका: अगर आपकी त्वचा मौसम के साथ बदलती है, तो दो अलग क्लींज़र रखना एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। लेकिन ये कोई नियम नहीं है। असली पैमाना कैलेंडर नहीं, बल्कि ये है कि किसी खास हफ्ते में आपकी त्वचा कैसा बर्ताव कर रही है।
Minimalist Salicylic Acid + LHA 2% Cleanser:
मुंहासों वाली तैलीय त्वचा के लिए

छोटा जवाब: मात्रा और pH दोनों पैकेट पर लिखे हैं, इसलिए तकनीकी रूप से ये इस लिस्ट का सबसे पारदर्शी प्रोडक्ट है।
नाम पर ध्यान दीजिए। कंपनी के मुताबिक इसमें BHA और LHA मिलाकर कुल 2% हैं, न कि 2% सैलिसिलिक एसिड के ऊपर से अलग LHA। ऑनलाइन कई जगहों पर इसे सिर्फ “2% सैलिसिलिक एसिड फेस वॉश” लिख दिया जाता है, जिससे गलतफहमी हो सकती है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: सैलिसिलिक एसिड और LHA मिलाकर 2%, ज़िंक PCA, पैंथेनॉल और एलांटोइन। pH 4.5 से 5.5 के बीच रखा गया है, और फॉर्मूला सल्फेट-मुक्त और खुशबू-रहित है। यहां एक आम गलतफहमी दूर करना ज़रूरी है। सैलिसिलिक एसिड को सिर्फ “तेल हटाने वाला” समझ लिया जाता है, जबकि वो असल में केराटोलिटिक और कॉमेडोलिटिक तत्व है, यानी उसका मुख्य काम बंद रोमछिद्रों को खोलना और ब्लैकहेड्स व व्हाइटहेड्स को साफ करने में मदद करना है। तेल पर इसका असर एक हिस्सा है, पूरी कहानी नहीं। पैंथेनॉल और एलांटोइन फॉर्मूले में इसीलिए जोड़े गए हैं ताकि धोने के बाद की असहजता कम हो।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: झाग हल्का बनता है और कोई खुशबू नहीं आती। धोने के बाद कसाव आमतौर पर उतना नहीं होता जितना ज़्यादा कठोर एंटी-एक्ने क्लींज़र में होता है, लेकिन ये हर व्यक्ति में अलग होगा।
कितने का है और कितना चलेगा: 100ml की बोतल सबसे आम है और कीमत मध्यम श्रेणी में है।
किसके लिए बना है: तैलीय और मुंहासों वाली त्वचा। मिश्रित त्वचा वाले भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं, और कंपनी खुद सुझाती है कि ऐसी स्थिति में इसे ज़्यादा तैलीय हिस्सों पर केंद्रित रखा जाए और सूखे हिस्सों पर हल्का हाथ रखा जाए।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर आपकी त्वचा इस वक्त रूखी, फटी या परेशान है, तो पहले उसे शांत कीजिए। एक्सफोलिएट करने वाले तत्व ऐसी स्थिति में जलन बढ़ा सकते हैं।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: अगर आप पहले से कोई सैलिसिलिक एसिड सीरम या रेटिनॉल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसे भी जोड़ने पर कुल जलन बढ़ सकती है। इसका मतलब ये नहीं कि ऐसा संयोजन हमेशा गलत है, बल्कि ये कि धीरे-धीरे बढ़ाना और त्वचा की प्रतिक्रिया देखना ज़रूरी है।
पूरा फायदा लेने का तरीका: मिश्रित त्वचा पर टी-ज़ोन यानी माथे, नाक और ठुड्डी पर ध्यान दीजिए और गालों पर हल्का हाथ रखिए। ये तरीका कंपनी की अपनी सलाह से भी मेल खाता है।
The Derma Co 2% Sali-Cinamide Anti-Acne Face Wash:
सक्रिय मुंहासों के लिए

छोटा जवाब: मुंहासों के लिए बना लक्षित क्लींज़र, जिसमें एक्टिव के साथ कुछ शांत करने वाले तत्व भी हैं।
नाम में ही सामग्री है। “Sali-Cinamide” का मतलब सैलिसिलिक एसिड और नियासिनामाइड का जोड़ है।
फॉर्मूले में क्या है और वो क्या करेगा: 2% सैलिसिलिक एसिड और 2% नियासिनामाइड, साथ में ग्लिसरीन, पैंथेनॉल और एलांटोइन। सैलिसिलिक एसिड बंद रोमछिद्रों को खोलने में मदद करता है। नियासिनामाइड मुंहासों के बाद रह जाने वाली लालिमा और दागों पर काम करने वाला तत्व माना जाता है। ग्लिसरीन, पैंथेनॉल और एलांटोइन की मौजूदगी बताती है कि फॉर्मूला सिर्फ तेल हटाने के इर्द-गिर्द नहीं बना, बल्कि उसमें नमी और शांति देने वाले तत्व भी जानबूझकर जोड़े गए हैं।
धोने के बाद कैसा महसूस होता है: झाग अच्छा बनता है और धोने के बाद चेहरा साफ लगता है। तैलीय त्वचा वालों को ये एहसास पसंद आता है। रूखी त्वचा वालों में से कुछ को इसके बाद खिंचाव महसूस हो सकता है।
कितने का है और कितना चलेगा: कंपनी के आधिकारिक पेज पर ये 80ml, 150ml और 200ml में दिखता है, इसलिए खरीदते वक्त साइज़ देखकर प्रति ml कीमत की तुलना कीजिए। कीमत मध्यम श्रेणी में है।
किसके लिए बना है: सक्रिय मुंहासों वाली तैलीय त्वचा। ऐसे लोग जिनके माथे और ठोड़ी पर लगातार छोटे दाने निकलते रहते हैं।
किसे छोड़ देना चाहिए: अगर त्वचा इस वक्त रूखी, फटी या जलन वाली है, तो इसे टाल दीजिए और पहले बैरियर को संभलने दीजिए।
एक बात जो पैकेट पर नहीं लिखी: रूखापन और मुंहासे एक साथ होना आम बात है, और इसकी वजहें कई हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में खुद अंदाज़ा लगाकर एक्टिव क्लींज़र शुरू करने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से पूछ लेना ज़्यादा भरोसेमंद रास्ता है, क्योंकि रूखी त्वचा पर एक्टिव की मात्रा और बारंबारता दोनों अलग होनी चाहिए।
पूरा फायदा लेने का तरीका: धुलने वाले सैलिसिलिक एसिड क्लींज़र मुंहासों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले वाजिब प्रोडक्ट हैं। साथ ही ये भी सही है कि चेहरे पर टिकने वाले ट्रीटमेंट को त्वचा के साथ ज़्यादा समय मिलता है। अगर मुंहासे लगातार बने रहते हैं, तो अकेले क्लींज़र पर निर्भर रहने के बजाय पूरा रूटीन देखना बेहतर है।
एक नज़र में पूरी तुलना
| फेस वॉश | कंपनी किसके लिए बताती है | सूखी त्वचा पर हमारी राय | मुख्य तत्व | साइज़ |
| Cetaphil Hydrating Foaming Cream Cleanser | सूखी से सामान्य, संवेदनशील त्वचा | उपयुक्त | नियासिनामाइड, पैंथेनॉल, ग्लिसरीन | कई साइज़ |
| Simple Refreshing Facial Wash Gel | संवेदनशील त्वचा | उपयुक्त, हल्के रूखेपन के लिए | प्रो-विटामिन B5, विटामिन E | 150ml और अन्य |
| Mamaearth Rice Dewy Bright Face Wash | सभी स्किन टाइप | उपयुक्त, अगर खुशबू से दिक्कत न हो | राइस वॉटर, नियासिनामाइड, ग्लिसरीन | 100, 150, 200ml |
| Himalaya Tan Removal Orange | टैन हटाना, साबुन-रहित | सावधानी से इस्तेमाल करें | संतरे का छिलका, शहद, पपेन | 100ml और अन्य |
| Ghar Soaps Magic Face Wash | टैन और रंगत | सावधानी से, एक्सफोलिएंट मौजूद | केसर, लैक्टिक एसिड | 100ml |
| Dot & Key Vitamin C Face Wash | रंगत, दाग-धब्बे | परेशान या बहुत रूखी त्वचा पर बचें | विटामिन C, नियासिनामाइड, साथ में मेन्थॉल और खुशबू | 100ml |
| Deconstruct Vitamin C Brightening | रोज़ाना ब्राइटनिंग | सावधानी से, खुशबू-रहित होने से बेहतर | 0.5% विटामिन C, 2% नियासिनामाइड | ब्रांड पेज देखें |
| CeraVe Foaming Oil-Free Cleanser | सामान्य से तैलीय त्वचा | रूखी त्वचा पर आमतौर पर नहीं | 3 सेरामाइड्स, नियासिनामाइड, HA | बड़ी बोतल |
| Minimalist Salicylic Acid + LHA 2% | तैलीय, मुंहासों वाली त्वचा | परेशान या रूखी त्वचा पर बचें | BHA और LHA कुल 2%, ज़िंक PCA | 100ml |
| Derma Co 2% Sali-Cinamide | सक्रिय मुंहासे | परेशान या रूखी त्वचा पर बचें | 2% सैलिसिलिक एसिड, 2% नियासिनामाइड | 80, 150, 200ml |
अपने लिए सही फेस वॉश कैसे चुनें
1. पहले देखिए कि आपकी त्वचा इस वक्त किस हालत में है
स्किन टाइप से ज़्यादा ज़रूरी ये है कि आज आपकी त्वचा कैसा बर्ताव कर रही है। अगर वो इस वक्त रूखी, लाल या परेशान है, तो किसी भी एक्टिव क्लींज़र से पहले हिस्सा 1 वाला कोई हल्का विकल्प चुनिए। हालत सुधरने के बाद आप बाकी चीज़ें आज़मा सकते हैं।
2. तय कीजिए कि रूखेपन के अलावा कोई दूसरी शिकायत भी है या नहीं
सिर्फ रूखापन है तो हिस्सा 1 पर रुक जाइए, इससे ज़्यादा की ज़रूरत नहीं। रंगत की शिकायत भी है तो Mamaearth या Deconstruct जैसे विकल्प देखिए, जो अपेक्षाकृत नरम हैं। टैन की शिकायत है तो Himalaya से शुरुआत करना ठीक रहेगा। मुंहासे भी हैं तो नीचे कदम 4 पढ़िए।
3. मौसम और माहौल को हिसाब में रखिए, लेकिन उसे नियम मत बनाइए
सूखी सर्दियों वाले इलाकों में कई लोगों को ठंड के महीनों में हल्का क्लींज़र ज़्यादा सूट करता है। लंबे समय तक AC में रहने से त्वचा और रूखी महसूस हो सकती है, हालांकि इससे आपकी स्किन टाइप नहीं बदल जाती। ये सिर्फ संदर्भ है। अंतिम फैसला कैलेंडर या शहर से नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि आपकी त्वचा उस दौर में कैसी थी।
4. अगर मुंहासे और रूखापन दोनों साथ हैं, तो अंदाज़े से मत चलिए
ये स्थिति आम है और इसका कोई एक जवाब नहीं है। एक्टिव क्लींज़र ऐसी त्वचा पर कुछ लोगों में जलन बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ को वो सूट कर जाते हैं। इसीलिए यहां खुद प्रयोग करने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से पूछना सबसे भरोसेमंद रास्ता है। वो ये भी बता पाएंगे कि आपके मामले में क्लींज़र में एक्टिव रखना ठीक है या उसे किसी टिकने वाले ट्रीटमेंट में रखना।
5. आखिर में ये देखिए कि इस्तेमाल कौन-कौन करेगा
अगर घर में एक ही क्लींज़र सबके लिए लेना है, तो हिस्सा 1 वाले विकल्प ज़्यादातर बड़ों के लिए व्यावहारिक रहते हैं। छोटे बच्चों के लिए प्रोडक्ट चुनने से पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए, क्योंकि उनकी त्वचा की ज़रूरतें अलग होती हैं। और अगर घर के लोगों की त्वचा अलग-अलग तरह की है, तो एक ही एक्टिव क्लींज़र सबके लिए चलाना ठीक नहीं रहेगा। ये सफाई का मुद्दा नहीं है, बस अलग ज़रूरतों का है।
चेहरा धोने का सही तरीका
Step 1: हाथ पहले धोइए।
Step 2: गुनगुने पानी का इस्तेमाल कीजिए। बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी तेज़ी से हटा देता है और सर्दियों में यही सबसे आम गलती है।
Step 3: थोड़ी मात्रा से शुरू कीजिए, मोटे तौर पर मटर के दाने जितनी। ज़्यादा लगाने से सफाई बेहतर नहीं होती।
Step 4: उंगलियों से गोल घुमावों में मालिश करें। रगड़िए मत और किसी कड़े कपड़े या ब्रश का इस्तेमाल मत कीजिए।
Step 5: अच्छी तरह धोइए, खासकर बालों की जड़ों के पास और नाक के किनारे, जहां झाग अक्सर रह जाता है।
Step 6: तौलिए से थपथपाकर सुखाएँ, पोंछिए मत।
Step 7: जब त्वचा हल्की नम हो, तभी मॉइस्चराइज़र लगा लीजिए। यही एक आदत सूखी त्वचा में सबसे ज़्यादा काम आती है।
दिन में कितनी बार धोएं
ज़्यादातर लोगों के लिए दिन में दो बार ठीक रहता है। लेकिन अगर आपकी त्वचा बहुत सूखी या संवेदनशील है, तो कुछ लोगों को दिन में एक बार, शाम को, क्लींज़र इस्तेमाल करना और सुबह सिर्फ पानी से धोना ज़्यादा सूट करता है। बहुत से लोग मौसम और उस दिन के रूटीन पर निर्भर करते हैं। अगर आपने सनस्क्रीन, मेकअप या कोई भारी प्रोडक्ट लगाया है, तो रात को क्लींज़र से धोना बेहतर है।
आम गलतियां जो रूखापन बढ़ा सकती हैं
1. झाग को सफाई का पैमाना मानना। झाग कितना बनेगा, ये सर्फेक्टेंट के प्रकार और पूरे फॉर्मूले पर निर्भर करता है। ज़्यादा झाग का मतलब बेहतर या गहरी सफाई नहीं होता।
2. धोने के बाद के कसाव को अच्छा संकेत समझना। अगर धोने के बाद चेहरा असहज लगता है, तो वो क्लींज़र आपकी त्वचा के लिए ज़्यादा तेज़ हो सकता है।
3. बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करना। सर्दियों में ये सबसे आम आदत है और रूखेपन को बढ़ा सकती है।
4. ज़रूरत से ज़्यादा बार धोना। चेहरा चिपचिपा लगने पर बार-बार धोने से कई लोगों में रूखापन बढ़ता है। इस पर एक लोकप्रिय धारणा ये भी है कि त्वचा भरपाई में और ज़्यादा तेल बनाने लगती है, लेकिन ये हर व्यक्ति में होता हो, इसका कोई पक्का प्रमाण नहीं है।
5. रूखेपन को स्क्रब से ठीक करने की कोशिश करना। पपड़ी दिखने पर रगड़ना स्थिति बिगाड़ सकती है। ऐसी स्थिति में नमी देना ज़्यादा काम आता है।
6. एक साथ कई एक्टिव शुरू कर देना। नया क्लींज़र, नया सीरम और नया एक्सफोलिएंट एक साथ शुरू करने पर अगर जलन हुई, तो वजह पकड़ना मुश्किल हो जाता है। एक बार में एक चीज़ बदलिए।
7. मॉइस्चराइज़र लगाने में ज़्यादा देर करना। धोने के बाद जब त्वचा नम हो, उसी दौरान मॉइस्चराइज़र लगाना सबसे व्यावहारिक तरीका माना जाता है।
खरीदने से पहले एक छोटा सा काम
ऑनलाइन एक ही प्रोडक्ट की कीमत अलग-अलग साइट पर अलग हो सकती है, और सेल के दिनों में ये फर्क बढ़ जाता है। हर प्रोडक्ट हर साइट पर उपलब्ध हो, ये ज़रूरी नहीं, इसलिए खरीदने से पहले अपने पसंदीदा स्टोर पर उपलब्धता देख लीजिए।
CashKaro से ऑर्डर करने पर आपको स्टोर के अतिरिक्त एक्स्ट्राएक्स्ट्रा कमाई मिल सकती है। ये स्टोर के हिसाब से कैशबैक या रिवॉर्ड्स के रूप में मिलती है। दोनों पहले आपके CashKaro अकाउंट में ट्रैक होती हैं। जब कैशबैक कन्फर्म हो जाता है और तय सीमा पूरी हो जाती है, तो उसे भारतीय बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकता है। रिवॉर्ड्स बैंक अकाउंट में ट्रांसफर नहीं होते, उन्हें गिफ्ट कार्ड के रूप में भुनाया जाता है।
दरें और स्टोर की पात्रता समय-समय पर बदलती रहती हैं, इसलिए ऑर्डर करने से पहले CashKaro पर लाइव दर एक बार देख लीजिए।
आखिर में
सूखी त्वचा के लिए अच्छा फेस वॉश वो नहीं है जो सबसे ज़्यादा वादे करता है। वो है जो धोने के बाद आपकी त्वचा को असहज न करे।
तीन काम कीजिए। पहले ये देखिए कि आपकी त्वचा इस वक्त किस हालत में है। फिर उसी हिसाब से ऊपर के हिस्सों में से सही हिस्सा चुनिए, न कि सबसे चर्चित प्रोडक्ट। और आखिर में, चाहे कोई भी फेस वॉश हो, धोने के बाद जब त्वचा नम हो तभी मॉइस्चराइज़र लगाने की आदत डाल लीजिए।
और अगर रूखापन लगातार बना रहता है, त्वचा फटती है या जलन होती है, तो अगला कदम कोई नया प्रोडक्ट खरीदना नहीं, बल्कि किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलना है।
FAQ
सूखी त्वचा के लिए सबसे अच्छा फेस वॉश कौन सा है?
इस लिस्ट में हमारी पसंद Cetaphil Hydrating Foaming Cream Cleanser है, और इसकी वजह ये है कि वो सूखी से सामान्य संवेदनशील त्वचा के लिए बनाया गया है, खुशबू-रहित है और उसमें ग्लिसरीन व पैंथेनॉल जैसे नमी देने वाले तत्व हैं। ये हमारी संपादकीय पसंद है, कोई वस्तुनिष्ठ रैंकिंग नहीं। कम बजट में Simple Refreshing Facial Wash Gel एक व्यावहारिक विकल्प है।
क्या सूखी त्वचा पर रोज़ फेस वॉश लगाना चाहिए?
ज़्यादातर लोगों के लिए दिन में दो बार ठीक रहता है। बहुत सूखी या संवेदनशील त्वचा वालों में से कुछ को सिर्फ शाम को क्लींज़र इस्तेमाल करना और सुबह पानी से धोना ज़्यादा सूट करता है। अगर आपने सनस्क्रीन या मेकअप लगाया है, तो रात को क्लींज़र से धोना बेहतर है।
ज़्यादा झाग वाला फेस वॉश सूखी त्वचा के लिए खराब होता है क्या?
ज़रूरी नहीं। झाग का सीधा रिश्ता इस बात से नहीं है कि प्रोडक्ट कितना तेज़ है। मायने ये रखता है कि कौन-कौन से हैं और पूरा फॉर्मूला कैसा है। सबसे भरोसेमंद पैमाना आपकी अपनी त्वचा है। अगर धोने के बाद चेहरा असहज लगता है, तो वो प्रोडक्ट आपके लिए ठीक नहीं है।नहीं।
क्या सैलिसिलिक एसिड वाला फेस वॉश सूखी त्वचा पर बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए?
ऐसा कोई निरपेक्ष नियम नहीं है। सैलिसिलिक एसिड बंद रोमछिद्रों के लिए इस्तेमाल होने वाला वाजिब तत्व है और रूखी त्वचा वालों को भी मुंहासे हो सकते हैं। लेकिन रूखी या परेशान त्वचा पर ये जलन बढ़ा सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में अपने आप शुरू करने के बजाय डॉक्टर से पूछना बेहतर है।
क्या विटामिन C वाला फेस वॉश सिर्फ रात को इस्तेमाल करना चाहिए?
नहीं, ऐसा कोई नियम नहीं है। विटामिन C एक एंटीऑक्सीडेंट है और वह त्वचा को धूप के प्रति ज़्यादा संवेदनशील नहीं बनाता। सनस्क्रीन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि विटामिन C, UV सुरक्षा की जगह नहीं ले सकता।
फेस वॉश बदलने के कितने दिन बाद फर्क दिखता है?
इसकी कोई तय समयसीमा नहीं है। अगर पुराना क्लींज़र आपकी त्वचा के लिए ज़्यादा तेज़ था, तो कुछ लोगों को कुछ ही दिनों में आराम महसूस होता है। रंगत या बनावट जैसी चीज़ों पर क्लींज़र का असर सीमित होता है, इसलिए वहां बड़ा बदलाव सिर्फ फेस वॉश बदलकर नहीं आएगा।
